धोरीमन्ना

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पिछली बारिश में टूटी सड़क की मरम्मत नहीं, ग्रामीणों को ग्राम पंचायत जाने के लिए लगाना पड़ता है दस किमी का चक्कर

सारला | ग्राम पंचायत मुख्यालय हरपालिया में ग्रामीण गौरव पथ सड़क योजना के तहत हरपालिया ग्राम पंचायत मुख्यालय पर दो...

Dainik Bhaskar

Aug 02, 2018, 04:35 AM IST
पिछली बारिश में टूटी सड़क की मरम्मत नहीं, ग्रामीणों को ग्राम पंचायत जाने के लिए लगाना पड़ता है दस किमी का चक्कर
सारला | ग्राम पंचायत मुख्यालय हरपालिया में ग्रामीण गौरव पथ सड़क योजना के तहत हरपालिया ग्राम पंचायत मुख्यालय पर दो माह पूर्व कंकरीट बिछाई थी, लेकिन अभी तक इसका निर्माण पूरा नहीं होने से लोगों को परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के दौरान इस सड़क मार्ग पर पानी भर जाता है। हरपालिया महादेव मंदिर में मेले का आयोजन होता है। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, लेकिन कंकरीट व टूटी सड़क के कारण श्रद्धालुओं को परेशानी हो रही है। हरपालिया सरपंच सचु खां रहुमा ने बताया कि हरपालिया गांव में ग्रामीण गौरव पथ सड़क योजना का काम अधूरा पड़ा है। कंकरीट बिछाए हुए दो माह बीत गया है, लेकिन सीसी नहीं की गई। पानी निकासी को लेकर कोई व्यवस्था नहीं की गई है। फोटो: मांगाराम चौधरी

बाड़मेर | पिछली बारिश में टूटी डामर सड़क पूरा एक साल निकल जाने के बाद भी मरम्मत नहीं हुई है। धोरीमन्ना क्षेत्र के मीठड़ा खुर्द से लाखोला नाडी, कातरला, भाऊड़ा होते चैनपुरा जाने वाली सड़क की स्थिति यह है कि यह पिछले वर्ष की बारिश में पानी के बह गई थी। इस कारण सड़क के बीच में व किनारे पर गहरे गड्ढे पड़ गए। मीठड़ा से लाखोला तक दो किलोमीटर लंबी सड़क की स्थिति यह है कि यहां से पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया है क्योंकि सड़क बीच में टूट कर दो भागों में बंट गई है। ऐसे में अब मीठड़ा पहुंचने के लिए लोगों को 10 किमी घूमकर जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क टूटे हुए एक साल से अधिक समय बीत गया है, लेकिन इसे ठीक करने को लेकर न तो सानिवि के अधिकारी गंभीर है और न ही जनप्रतिनिधि और ग्रामीणों की खासा परेशान होना पड़ रहा है। फोटो: भागीरथ विश्नोई

पिछली बारिश में टूटी सड़क की मरम्मत नहीं, ग्रामीणों को ग्राम पंचायत जाने के लिए लगाना पड़ता है दस किमी का चक्कर
पिछली बारिश में टूटी सड़क की मरम्मत नहीं, ग्रामीणों को ग्राम पंचायत जाने के लिए लगाना पड़ता है दस किमी का चक्कर
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पिछली बारिश में टूटी सड़क की मरम्मत नहीं, ग्रामीणों को ग्राम पंचायत जाने के लिए लगाना पड़ता है दस किमी का चक्कर
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