Hindi News »Rajasthan »Didwana» पीएम मोदी कल जहां करेंगे रिफाइनरी शिलान्यास, पचपदरा की उस जमीन का मालिकाना हक 1964 से डीडवाना साल्ट के नाम, मिलती है Rs.1.50 लाख रॉयल्टी

पीएम मोदी कल जहां करेंगे रिफाइनरी शिलान्यास, पचपदरा की उस जमीन का मालिकाना हक 1964 से डीडवाना साल्ट के नाम, मिलती है Rs.1.50 लाख रॉयल्टी

पचपदरा क्षेत्र में रिफाइनरी का शिलान्यास 16 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। जो प्रदेश और बाड़मेर...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jan 15, 2018, 03:55 AM IST

पचपदरा क्षेत्र में रिफाइनरी का शिलान्यास 16 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। जो प्रदेश और बाड़मेर क्षेत्र के लिए तो गौरव की बात है ही। लेकिन जिले के लिए यह लम्हा खुशियों से कम नहीं होगा। इसका कारण है कि जिस स्थान पर रिफाइनरी लग रही है, वह जमीन डीडवाना साल्ट विभाग के अधीन है। रिफाइनरी लगने वाली भूमि अधिकृत रूप से वर्षों से डीडवाना साल्ट विभाग की है। रिफाइनरी से प्रदेश के विकास की इस कड़ी में डीडवाना का भी योगदान रहेगा। हकीकत यही है जो विभागीय स्तर पर प्रमाणित जानकारी भास्कर द्वारा ली गई है।

ब्रिटिशकाल में डीडवाना को नमक उत्पादन का बनाया था मुख्य केंद्र

एसडीएम ने सौंपे जमीनों के दस्तावेज:डीडवाना एसडीएम उत्तम सिंह शेखावत जो साल्ट मैनेजर है एवं साल्ट विभाग के इंस्पेक्टर दो दिन से बाड़मेर दौरे पर रहे। उन्होंने पचपदरा में डीडवाना साल्ट की भूमि पर लगने वाले रिफाइनरी के संबंध में विभागीय अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया। जिसका शिलान्यास 16 जनवरी को होगा। जिस जमीन पर रिफाइनरी लगेगी, उस जमीन से जुड़े दस्तावेज भी पचपदरा तहसीलदार को जमा कराए है।

यह बाड़मेर का वो क्षेत्र जहां लगेगी रिफाइनरी

साल्ट विभाग की है यह जमीन, दस्तावेज देने थे। दो दिन पहले दस्तावेज जमा कराए है। नियमानुसार जमीन स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। उत्तम सिंह, एसडीएम, डीडवाना

ब्रिटिशकाल के दौरान राजस्थान में नमक उत्पादन के दौरान सांभर से लेकर डीडवाना पचपदरा नमक उपक्रम का मुख्य केंद्र अंग्रेजों ने डीडवाना को ही माना। जो वर्तमान में भी अंग्रेजी हुकूमत के साल्ट बंगले में विभागीय कार्यालय स्थित है। पचपदरा व डीडवाना लवण क्षेत्र के संबंध में 1964 में ही समझौता हो गया था। इससे पूर्व वर्ष 1960 में यह उपक्रम भारत सरकार के अधीन था। 5 सितंबर 2011 को डीडवाना साल्ट मैनेजर द्वारा रॉयल्टी संबंधित एवं अन्य विभागीय कार्य के लिए प्रमुख शासन सचिव राजकीय उपक्रम विभाग को पत्र भी लिखा गया। वहीं 16 नवंबर 2017 को डीडवाना मैनेजर ने पचपदरा तहसीलदार को चार्ज देने के संबंध में पत्र भी लिखा। ताकि रिफाइनरी संबंधित कार्यों में भारत सरकार के उपक्रम का सहयोग कर सके। मगर उस दौरान तहसीलदार का पद रिक्त था। 2 अक्टूबर 2004 को तत्कालीन उद्योग मंत्री के साथ एक बैठक भी हुई थी। इसमें नमक उत्पादकों व विभाग के साथ 3 मई 1973 को हुए समझौते की क्रियान्विति की गई थी। पचपदरा में वर्तमान में 10 हजार क्विंटल वार्षिक नमक उत्पादन हो रहा है। जिससे 1.50 लाख की रॉयल्टी मिल रही है।

28 हजार 424 बीघा है कुल जमीन

यह कुल भूमि 28 हजार 424 बीघा है। इसमें 12 हजार 34 बीघा पर रिफाइनरी लगेगी। भारत सरकार द्वारा 1954 में लोक सभा की प्राकलन समिति की सिफारिश के आधार पर पब्लिक सेक्टर में एक कंपनी का गठन कर इनका प्रबंधन पब्लिक सेक्टर में किए जाने का निर्णय लिया था। इस क्रम में मैसर्स हिन्दुस्तान साल्ट लिमिटेड का गठन किया गया था। वर्ष 1958 में मैसर्स हिन्दुस्तान साल्ट लिमिटेड ने सांभर, डीडवाना एवं लवण क्षेत्रों का प्रशासनिक नियंत्रण संभाला था। पचपदरा लवण क्षेत्र के संबंध में भारत सरकार के साथ संपादित एग्रीमेंट के समाप्त होने के बाद 1 अप्रैल 1960 को पचपदरा लवण क्षेत्र राजस्थान सरकार को स्थानांतरित कर दिया था। उसके बाद 1964 को डीडवाना के अधीनस्थ कर दिया गया था।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Didwana

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×