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लावारिस मवेशी खा जाते हैं छात्राओं का पोषाहार

भास्कर संवाददाता | शेरानी आबाद सरकार भले ही बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने और बेटी-बचाओ बेटी पढ़ाओं जैसे अभियान...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 03, 2018, 04:00 AM IST

लावारिस मवेशी खा जाते हैं छात्राओं का पोषाहार
भास्कर संवाददाता | शेरानी आबाद

सरकार भले ही बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने और बेटी-बचाओ बेटी पढ़ाओं जैसे अभियान चलाकर जनता को जागरूक करने तथा बेटियों को शिक्षित करने का दावा कर रही हो। मगर जमीन पर हकीकत अलग ही। ऐसा ही एक मामला सामने आया है शेरानी आबाद के राजकीय उच्च प्राथमिक बालिका विद्यालय में। इस विद्यालय में हर रोज बालिकाओं को पोषाहार खुले आसमान के नीचे करना पड़ रहा हैं वहीं इस दौरान आवारा जानवरों का भी बालिकाओं के आस-पास जमावड़ा रहता है। जिससे बालिकाओं का पोषाहार लेना मुश्किल होता है। छोटी बच्चियों के साथ तो बकरियां पोषाहार खाने लग जाती है। वहीं अध्यापक अपने निजी कामों में मशगूल रहते है। वहीं राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में लंच के दौरान बच्चों पर ध्यान देने की बजाय अध्यापक खुद मैदान में ड्राइविंग सीखने में मशगूल रहते है। वहीं ड्राइविंग सीखने के दौरान बच्चे खेल भी नहीं पाते। शुक्रवार को बालिकाएं फुटबॉल खेल रही थी। इस दौरान अध्यापक कार सीख रहे थे। जिसमें हादसा होते-होते बचा। इस दौरान एक अध्यापक दूसरे अध्यापक को गाड़ी सीखा रहे थे।

शेरानी आबाद. राजकीय बालिका उच्च प्राथमिक स्कूल में पोषाहार ग्रहण के दौरान परिसर में घूमती गाय व बकरी।

बालिकाएं खेल रहीं थी फुटबॉल, शिक्षक सीख रहे ड्राइविंग, हादसा होते-होते बचा

शेरानी आबाद. स्कूल के मैदान के बीच कार चलाना सीखते अध्यापक।

प्रधानाध्यापक बोले- अभी मीटिंग में, आकर देखता हूं

राजकीय उच्च प्राथमिक बालिका विद्यालय के प्रधानाध्यापक जमील अहमद व राउमावि के प्रिंसीपल भगवान राम प्रजापत से जब इस मामले में जानकारी चाही कही तो उन्होंने बताया कि वो डीडवाना में मीटिंग में है तथा अगर ऐसा मामला है तो गलत है वापस आकर जांच करेंगे

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