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डीडवाना में रोज 1 लाख 72 हजार ली. व्यर्थ बह रहा पानी

गर्मी का असर बढ़ने के साथ ही पानी की खपत भी बढ़ने लगी है। साथ ही पेयजल किल्लत की समस्याएं बढ़ने लगी है। शहर में...

Dainik Bhaskar

Apr 05, 2018, 04:05 AM IST
डीडवाना में रोज 1 लाख 72 हजार ली. व्यर्थ बह रहा पानी
गर्मी का असर बढ़ने के साथ ही पानी की खपत भी बढ़ने लगी है। साथ ही पेयजल किल्लत की समस्याएं बढ़ने लगी है। शहर में कमोबेश 8-10 दिन के अंतराल से जलापूर्ति हो रही है। जलदाय विभाग हर कदम पर पानी उपलब्ध कराने के मामले में विफल है। लेकिन इसी बीच शहर में कई ऐसे प्वाइंट्स है, जहां रोजाना हजारों लीटर पानी की बर्बादी हो रही है। विभाग भी इससे अनजान नहीं है लेकिन पानी की बर्बादी रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। नतीजतन आमजन तो जहां पानी के लिए तरस रहे है, वहीं सैकड़ों लोगों की प्यास बुझाने में पर्याप्त पानी की बर्बादी की जा रही है। दरअसल डीडवाना शहर समेत ग्रामीण क्षेत्र में पानी सप्लाई के लिए लगाए गए एयर वाल्व से रिसते पानी की बर्बादी रोकने में भी जलदाय विभाग नाकाम साबित हो रहा है।

पानी की बर्बादी की जानकारी मिलने पर दैनिक भास्कर टीम ने शहर का दौरा किया। इस दौरान करीब 20 जगह ऐसे एयर वाल्व मिले। जहां पर प्रतिघंटा सैकड़ों लीटर पानी बह रहा है। पानी भी इतना बह रहा है कि एक दिन के रिसाव से एक पूरे मोहल्ले की जल सप्लाई की जा सकती है। ऐसा ही एक लीकेज कुचामन रोड पर अजमेरी गेट के सामने हैं। यहां एयर वाल्व से हो रहे रिसाव की जांच की तो सामने आया कि मात्र ढाई मिनट में 15 लीटर की बाल्टी पूरी भर गई। इस हिसाब से 24 घंटे में इस एक एयर वाल्व से करीब साढ़े 8 हजार लीटर से ज्यादा पानी की बर्बादी हो रही है। पूरे शहर में 20 वाल्व से लीकेज मानें तो एक दिन में 172800 लीटर पानी की बर्बादी हो जाती है।


ऐसा क्यों?

बढ़ रहा रोष: अधिकारियों को खरी खोटी सुना चुकी महिलाएं

बढ़ते जलसंकट के कारण अब लोगों का रोष भी बढ़ता जा रहा है। करीब 3 दिन पूर्व साल्ट रोड पर विधायक सेवा केंद्र के पास कायमनगर की महिलाओं ने जलदाय विभाग के अधिकारी का घेराव कर लिया। जेईएन सुरेश मीणा ने कर्मचारी भेजकर पाइप लाइन में लीकेज निकालने का भरोसा भी दिलाया। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी।

लाइन में लीकेज अलग : मरम्मत की दरकार

पानी का संकट पहले से ही है, सप्लाई नाकाफी है, इसके बावजूद शहर में जगह-जगह पाइपलाइन लीकेज दुरुस्त नहीं किए जा रहे। शहर में प्रमुख मार्गों पर ऐसे सैकड़ों लीकेज देखे जा सकते हैं। जलदाय और प्रशासनिक अधिकारी भी इन मार्गों से होकर गुजरते हैं। लेकिन इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

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