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सरपंचों के बहिष्कार के बाद आवास योजना के सर्वे से कनिष्ठ सहायकों ने खींचे हाथ

भास्कर संवाददाता| कुचामन सिटी प्रधानमंत्री आवास योजना के आवेदनों के अनुमोदन के लिए गत महीने 3 बार प्रयास करने पर...

Danik Bhaskar | Apr 04, 2018, 04:15 AM IST
भास्कर संवाददाता| कुचामन सिटी

प्रधानमंत्री आवास योजना के आवेदनों के अनुमोदन के लिए गत महीने 3 बार प्रयास करने पर भी ग्रामसेवकों-सरपंचों के बहिष्कार के चलते ग्राम सभाएं नहीं हो पाई। सरकार ने पंचायतों में तैनात कनिष्ठ सहायक को सर्वे और जांच का काम दिया था। लेकिन मंगलवार को इन्होंने भी हाथ खींच लिए। उनका कहना है कि सर्वे और जांच के लिए जिम्मेदार ग्राम सेवक हैं। ऐसे में मंत्रालयिक कार्मिक फील्ड का काम तो कर सकते हैं, लेकिन निर्धारित आवेदन में जांचकर्ता के तौर पर ग्रामसेवकों के ही हस्ताक्षर किए जाने जरूरी हैं। पंचायतराज मंत्रालयिक कर्मचारी संघ के अध्यक्ष श्रवणसिंह डाबड़ा ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के प्राप्त आवेदनों की जांच का कार्य राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप ग्राम पंचायतों में पदस्थापित ग्राम सेवकों द्वारा किया जाना चाहिए। लेकिन इसका काम कनिष्ठ सहायक को दे दिया है। उन्होंने बताया कि प्राप्त आवेदनों का सर्वे और जांच के काम में कलस्टर के प्रभारी पंचायत प्रसार अधिकारी को कनिष्ठ सहायक पूरा सहयोग करने के लिए तैयार हैं। लेकिन आवेदनों की जांच का कार्य केवल कनिष्ठ सहायक को करने के लिए राज्य सरकार ने अधिकृत नहीं किया है। संगठन की ओर से इस आशय का एक ज्ञापन मंगलवार को विकास अधिकारी को सौंपा गया।

कुचामन ब्लॉक के 2664 आवेदन पड़े हैं लंबित

कुचामन ब्लॉक में गत माह 12 मार्च को पीएम आवास योजना के लिए ग्रामसभा का आयोजन किया जाना था। लेकिन ग्रामसेवकों-सरपंचों के बहिष्कार के कारण कोरम पूरा नहीं हुआ।

इसके बाद 17 मार्च और फिर 22 मार्च को ग्रामसभाएं होनी थी। लेकिन हर बार बहिष्कार के कारण आवास योजना के 2664 आवेदनों पर निर्णय नहीं हो पाया। अब सरकार ने आवेदन से वंचित पात्र लोगों से 16 अप्रैल तक फिर से आवेदन मांगे हैं। ऐसे में फिर से ग्राम सभाएं होंगी।