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मौलासर में 108 कुंडीय महायज्ञ शुरू, शोभायात्रा में 521 महिलाओं ने सिर पर रखे कलश, पहले दिन तीन हजार श्रद्धालुओं ने ग्रहण की प्रसादी

मौलासर में रविवार को बल्डा धाम महंत श्रीसीतारामदासजी महाराज के सान्निध्य में 108 कुंडीय महायज्ञ शोभायात्रा एवं...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 05, 2018, 04:25 AM IST

मौलासर में 108 कुंडीय महायज्ञ शुरू, शोभायात्रा में 521 महिलाओं ने सिर पर रखे कलश, पहले दिन तीन हजार श्रद्धालुओं ने ग्रहण की प्रसादी
मौलासर में रविवार को बल्डा धाम महंत श्रीसीतारामदासजी महाराज के सान्निध्य में 108 कुंडीय महायज्ञ शोभायात्रा एवं विशाल कलश यात्रा के बीच शुभारंभ हुआ। रविवार सुबह 9.15 बजे स्थानीय श्री मनोहरदासजी की बगीची में स्थित मनोहरदासजी की प्रतिमा के समक्ष पूजन के साथ शोभायात्रा को रवाना किया। जो मौलासर से डाबड़ा होते हुए बावड़ी, रसीदपुरा, निमोद, भदलिया, लादड़िया, गेलासर, बेड़वा, अलखपुरा, कीचक, खाखोली तारपुरा होते हुए मौलासर स्थित श्रीलक्ष्मीनारायण भगवान मंदिर पहुंची। जहां मुख्य यजमान मालचंद अग्रवाल ने कलश का पूजन किया। यहां से शोभायात्रा मुख्य सदर बाजार से, धनकोली रोड होते हुए मेगा हाइवे स्थित श्री हनुमान मंदिर होते हुए रघुनाथजी के मंदिर के सामने से मेला मैदान होते हुए यज्ञ स्थल पहुंची। इस दौरान जगह-जगह कलश यात्रा पर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। कलश यात्रा में सजाए रथ में श्रीसीतारामदासजी महाराज व यज्ञाचार्य चिरंजीलाल शास्त्री सवार रहे। जबकि दो घोड़ों की बग्घी में तथा महंत मनोहरदासजी के शिष्य बाबा बंसीदास महाराज सवार रहे।

वेदी पूजन के साथ नौ दिवसीय महायज्ञ का आगाज

9 दिवसीय महायज्ञ में 108 वेदियों का आचार्य चिरंजीलाल शास्त्री ने विधिवत मंत्रोच्चार के साथ पूजन शुरू किया तथा शोभायात्रा के दौरान ले जाए गए ध्वज को यज्ञ मंडप के मुख्य द्वार पर पूजन सहित लगाया गया।

बल्डाधाम महंत सीतारामदास महाराज के सान्निध्य में शुरू हुआ कार्यक्रम, शोभायात्रा का रास्ते में जगह-जगह हुआ स्वागत

बैंडबाजों के साथ निकली कलश यात्रा

मौलासर. शहर में 108 कुंडीय महायज्ञ के शुभारंभ पर निकाली गई शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालु।

108 कुंडीय यज्ञ को लेकर महिलाओं में इतना उत्साह देखा गया कि 521 महिलाओं के सिर पर कलश विराजित थे। जबकि उससे भी बड़ी संख्या में महिलाएं व पुरुष श्रद्धालु साथ चल रहे थे। वहीं दोपहर बाद श्रीमनोहरदासजी की बगीची में 3 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने कढ़ी व लापसी को प्रसाद के रूप में ग्रहण किया।

पहले दिन केवल 3 घंटे दी गई आहुतियां : प्रथम दिन होने व कलश यात्रा देरी से पहुंचने के कारण 108 जोड़े ही 3 घंटे तक आहुतियां दे सके। जबकि आगामी 8 दिनों में इनकी संख्या बढ़ने के साथ ही 6 घंटे तक दो पारियों में यज्ञ का आयोजन होगा। यज्ञ के लिए सभी पुरुष राजस्थानी साफा, धोती-कुर्ते के साथ बैठकर हवन में गौ संवर्धन एवं बारिश की कामना को लेकर आहुतियां दी।

मानवता ; कलश यात्रा में सैकड़ों श्रद्धालु, एंबुलेंस आने पर दिया रास्ता, ताकि मरीज को न हो देर

मौलासर| मौलासर में आयोजित 108 कुंडीय महायज्ञ को लेकर आयोजित श्रीलक्ष्मीनारायण मंदिर से मेगा हाइवे स्थित हनुमान मंदिर जाते समय कलश यात्रा में हजारों की संख्या में उमड़ रही भीड़ का जज्बा देखते ही बन रहा था। दो- दो बैंडबाजों की पार्टी पर श्रद्धालु नाचते हुए चल रहे थे लेकिन जैसे ही कलश यात्रियों को पता चला कि शोभायात्रा के पीछे एंबुलेंस कोई मरीज को लेकर मेगा हाइवे पर डीडवाना से जयपुर के लिए जा रही है। इस दौरान बिना समय गंवाए कलश यात्रा में शामिल महिलाओं ने मानवता का परिचय देते हुए कुछ क्षणों के लिए मेगा हाइवे के दोनों ओर होकर बीच सड़क से एंबुलेंस को निकलने के लिए रास्ता दिया। हालांकि इस दौरान पुलिस भी मौके पर मौजूद रही। लेकिन किसी के कुछ समझ में आने से पहले ही श्रद्धालुओं ने अच्छी सोच का परिचय दिए जाने पर ड्यूटी पर तैनात तथा जाप्ते की अगुवाई करने वाले एएसआई चुन्नीलाल कुमावत ने भी श्रद्धालुओं की इस निर्णय की तारीफ की।

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