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कथावाचक बोलीं- अपने भक्त की पुकार सुनकर भगवान आते हैं, कृष्ण ने भरा नानी बाई का मायरा

आनंदभवन में चल रही नानी बाई के मायरे की कथा में प्रवचन देते हुए कथावाचक मोनिका पारीक ने रविवार को कहा कि जब भी किसी...

Danik Bhaskar | Jan 08, 2018, 06:16 AM IST
आनंदभवन में चल रही नानी बाई के मायरे की कथा में प्रवचन देते हुए कथावाचक मोनिका पारीक ने रविवार को कहा कि जब भी किसी भक्त ने अपनी करूणामय वाणी से हरि को याद किया है। तो भगवान ने उसकी किसी किसी रूप में आकर रक्षा करते हुए मनोकामना पूर्ण की है। नानी बाई और भक्त नरसी की पुकार पर भगवान श्रीकृष्ण ने 56 करोड़ का मायरा भरा।

इस मौके पर कथावाचक ने कहा कि नानी बाई के पिता नरसी मेहता किसी जमाने में गुजरात के तलाजा गांव के धन्ना सेठ थे। मगर भगवान की ही कृपा से वे निर्धन हो गए। उनकी बेटी नानी बाई का विवाह अंजार गांव में हुआ था। जब नानीबाई की पुत्री का विवाह हुआ उस समय सरोवर के किनारे नानी बाई की पुकार पर भगवान श्रीकृष्ण ने भ्राता बनकर मायरा भरने की रस्म को पूरा किया।

भगवान सदैव भक्तो की रक्षा करने के लिए आते मगर भक्त का भी दायित्व बनाता है कि वे भगवान का स्मरण सदैव करता रहे और सच्चे मन से की गई पुकार भगवान सुनते है। इससे पूर्व शोभा कलश यात्रा झालरिया मठ मंदिर से निकलकर नगर के प्रमुख मार्गो से होती हुई कार्यक्रम स्थल आनन्द भवन पहुंची। इस दौरान राजेंद्र पटवारी, शिवशंकर पारीक, चंद्रशेखर शर्मा, सुभाष गौड़, रामप्रसाद वैष्णव, मोती सिंह भाटी, भंवर सिंह शेखावत आदि ने पूजन किया।

लाडनूं| सुनारीमें चल रहे नानीबाई रो मायरा कथा का समापन रविवार को यज्ञ में पूर्णाहुति के साथ हुआ। यजमानों और भक्तों ने हवन में आहुतियां दी। इस मौके पर भजन-कीर्तन भी हुआ। कार्यक्रम में भगवा रक्षा दल के संगठन मंत्री गुजरात प्रभारी हनुमान राम बिरड़ा ने कहा कि नानीबाई के मायरा से लगता है कि भगवान की भक्ति करने से भगवान खुद आकर भक्तों के कार्य पूरे करते हैं। उन्होंने सुनारी और आस पास के ग्रामीणों का आभार जताया।

कोलिया. भागवतके दौरान सजी झांकियां।

डीडवाना. नानीबाई का मायरा कार्यक्रम में वाचन करती मोनिका पारिक।