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आखिरकार 134 दिन बाद, असली शकीना गिरफ्तार

भास्कर संवाददाता | लाडनूं/जसवंतगढ़ चार महीने पहले शिमला गांव से करीब दो करोड़ रुपए की कोकीन व हेरोइन के साथ...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 01, 2018, 03:50 AM IST

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    भास्कर संवाददाता | लाडनूं/जसवंतगढ़

    चार महीने पहले शिमला गांव से करीब दो करोड़ रुपए की कोकीन व हेरोइन के साथ गिरफ्तार भंवरलाल को मादक पदार्थ सप्लाई करने वाली शकीना को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। वह प्रतापगढ़ के हतूनिया थाना क्षेत्र के बागलिया की रहने वाली है। उसे कोर्ट में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया है।

    जसवंतगढ़ थानाधिकारी कैलाश विश्नोई ने बताया कि शकीना (39) प|ी शफी मोहम्मद डेढ़ साल से मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ी है। वह तलाकशुदा है और आंगनबाड़ी में सहायिका के रूप में काम करती है। उसका बड़ा भाई मोहम्मद हुसैन ड्रग्स तस्कर है। उसका हरियाणा, राजस्थान, मुंबई, कोलकाता और मध्यप्रदेश में नेटवर्क फैला था। उसे पुलिस ने डेढ़ साल पहले साढ़े तीन किलो ब्राउन शुगर के साथ पकड़ा था। तब से वह जेल में है। उसके जेल जाने के बाद शकीना ने काम संभाल लिया। वह मंदसौर-प्रतापगढ़ से मादक पदार्थ लाकर डीडवाना, सालासर धाम, पंजाब और हरियाणा तक सप्लाई करती थी। महिला होने और एक पैर से दिव्यांग होने के कारण उस पर कोई शक भी नहीं करता था। उल्लेखनीय है कि पुलिस ने 134 दिन पहले गोटारसी की शकीना को हिरासत में लिया था। लेकिन सबूत नहीं मिले तो उसे छोड़ना पड़ा था।

    तस्कर भाई पकड़ा गया तो आंगनबाड़ी सहायिका शकीना करने लगी तस्करी

    फरवरी में हुई थी बेटे की शादी, गिरफ्तारी के डर से तब भी घर नहीं आई थी

    आरोपी शकीना।

    लखनऊ, कोलकाता और मुंबई में काटी फरारी

    शिमला के भंवरलाल को पुलिस ने हेरोईन और कोकीन के साथ पकड़ा था। उसकी गिरफ्तारी के बाद जैसे ही इसकी खबर शकीना को मिली, वह घर छोड़कर फरार हो गई। उसने लखनऊ, मुंबई और कोलकाता में ड्रग तस्करी के नेटवर्क से जुड़े लोगों की मदद से फरारी काटी। इस बीच कुछ समय वह अपने रिश्तेदारों के पास भी रही थी। पुलिस अब उससे पूछताछ कर मादक पदार्थों की तस्करी के बड़े नेटवर्क का खुलासा कर आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।

    लखनऊ

    मुम्बई

    भंवरलाल से सालासर का रवि मंगवाता था खेप, युवकों को बना रहा था नशे का आदी

    पूछताछ में भंवरलाल ने पुलिस को बताया कि हरियाणा व हाल सालासर निवासी रवि कुमार उससे प्रतापगढ़ और मंदसौर से मादक पदार्थों की खेप मंगवाता था। जिसे वह अलग-अलग वजन की छोटी थैलियों में पैक कर पंजाब और हरियाणा के तस्करों और नशेबाजों को सालासर जाकर सप्लाई करता था। वह स्थानीय युवकों को भी नशे का आदी बनाने का काम कर रहा था। उसे पुलिस ने इस साल जनवरी में ही गिरफ्तार कर लिया था। भंवरलाल ने पुलिस को पूछताछ में बताया था कि प्रतापगढ़ के हतूनिया थाना इलाके की एक दिव्यांग महिला उसे प्रतापगढ़ और मंदसौर से नशे की खेप डीडवाना लाकर देती थी। उसने उसका नाम शकीना बताया था। इस साल जनवरी में पुलिस ने हतूनिया थाना क्षेत्र के ही गोटारसी की रहने वाली दिव्यांग महिला को हिरासत में लिया था। लेकिन यह वह शकीना नहीं थी, जिसकी पुलिस को तलाश थी। अब पुलिस ने भंवरलाल को नशे की खेप सप्लाई करने वाली असली सकीना को पकड़ा है।

    पुलिस का दावा है कि शकीना काफी तेज-तर्रार है। जैसे ही उसे भंवरलाल की गिरफ्तारी की सूचना मिली। वह घर छोड़कर फरार हो गई। इस साल फरवरी में हुए सामूहिक विवाह सम्मेलन में शकीना के बेटे की शादी हुई थी। लेकिन गिरफ्तारी के डर से शकीना अपने बेटे की शादी में भी नहीं आई थी। अब वह करीब 10 दिन पहले ही बागलिया में अपने घर आई थी। इस बीच पुलिस को उसके घर आने की सूचना मिल गई। जसवंतगढ़ थाने की टीम ने प्रतापगढ़ के हतूनिया थाने की सहायता से उसे गिरफ्तार किया है।

    कोलकाता

    फ्लैशबैक: 15 जनवरी को

    लाडनूं पुलिस ने पकड़ा था, जसवंतगढ़ पुलिस को जांच

    लाडनूं के तत्कालीन थानाधिकारी भजनलाल ने इस साल 15 जनवरी को शिमला गांव में दबिश देकर भंवरलाल शर्मा को 935 ग्राम हेरोइन और 104 ग्राम कोकीन के साथ गिरफ्तार किया था। इस मामले की जांच जसवंतगढ़ थानाधिकारी कैलाश विश्नोई को सौंपी गई। भंवरलाल को नशे की खेप सप्लाई करने वाली शकीना की गिरफ्तारी के लिए थानाधिकारी कैलाश विश्नोई के नेतृत्व में हैड कांस्टेबल राजेंद्र प्रसाद, सिपाही राजेश कुमार और महिला सिपाही मीनाक्षी की टीम गठित कर प्रतापगढ़ भेजा गया। जहां पुलिस ने प्रतापगढ़ की हतूनिया थाना पुलिस के सहयोग से शकीना को दस्तयाब किया। उसे डीडवाना एडीजे कोर्ट में पेश कर 1 जून तक रिमांड पर लिया है। पुलिस का कहना है कि तस्करी के आरोप में गिरफ्तार शकीना के भाई के देश के कई बड़े शहरों के तस्करों से तार जुड़े हुए थे। उसकी गिरफ्तारी के बाद शकीना ने उसका पूरा काम संभाल लिया। ऐसे में उससे पूछताछ में मादक पदार्थों की तस्करी के एक बड़े गिरोह का खुलासा होने की उम्मीद है।

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