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नकली घी और तेल प्रकरण में 14 की जगह 83 दिन बाद पुलिस को मिल पाई जांच रिपोर्ट, अब दर्ज होगा मुकदमा

क्षेत्र में नकली घी बेचने वालों के खिलाफ 19 अप्रैल को डीडवाना पुलिस द्वारा दबिश देकर की गई कार्रवाई में खाद्य रसद...

Danik Bhaskar | Jul 14, 2018, 03:50 AM IST
क्षेत्र में नकली घी बेचने वालों के खिलाफ 19 अप्रैल को डीडवाना पुलिस द्वारा दबिश देकर की गई कार्रवाई में खाद्य रसद विभाग टीम के मार्फत घी व तेल के सैंपलों की जांच जोधपुर लेबोरेट्री में भेज देने के बाद काफी मशक्कत करने पर 83 दिनों के बाद आखिर जांच रिपोर्ट एसपी के मार्फत एएसपी डॉ. दीपक यादव के पास पहुंच गई। जांच रिपोर्ट में सभी व्यापारियों से लिए गए सैंपल फैल हो गए और शीघ्र ही पुलिस द्वारा दोषी व्यापारियों के खिलाफ मय इस्तगासे के जरिए एडीएम कोर्ट में मामला दर्ज कराया जाएगा। डीडवाना क्षेत्र में 19 अप्रैल को एएसपी डॉ. यादव के नेतृत्व में मुखबिर की सूचना के आधार पर डीडवाना के 4 एवं छोटी खाटू के एक दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में नकली घी व तेल बरामद कर माल को पुलिस थाने में लाकर रसद विभाग की टीम को बुलाया गया था। सैंपल भरने की कार्रवाई यादव की मौजूदगी में की गई थी। इस मामले में छोटी खाटू के व्यापारी के खिलाफ की गई सैंपल की कार्रवाई में रिपोर्ट पूर्व में आ चुकी थी। 8 जून को खुनखुना थाने में मामला भी दर्ज कर लिया गया था। जिसकी जांच जारी है। शुक्रवार को 4 अन्य व्यापारियों के खिलाफ हुई कार्रवाई की रिपोर्ट भी एएसपी के पास पहुंच गई। जिसमें बताया गया कि डीडवाना में नकली घी व मिलावटी तेल का अवैध व्यापार कर मानव जीवन के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ धारा 102 के तहत माल जब्त किया गया था। जिसे विधि विज्ञान प्रयोगशाला जोधपुर में जांच के लिए भेजा गया। जांच रिपोर्ट में कुल 20 हेल्थ रिपोर्ट परीक्षण प्राप्त हुई। जो रिपोर्ट के अनुसार बरामद तेल व घी मानव उपयोग में नहीं माना गया। मगर जो माल बरामद किया गया है उसमें करीबन 3 हजार लीटर नकली घी व तेल बरामद किया गया है। जिनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जुर्माना राशि और जेल दोनों सजा है संभव

जानकारी के अनुसार नकली घी तेल बेचने वालों के खिलाफ सैंपल भरने की कार्रवाई के बाद जांच रिपोर्ट में प्रारंभिक तौर पर जो खुलासा हुआ है, उसमें अलग-अलग ब्रांड की 3 कैटेगरी तय की गई है। जिसमें अलग-अलग धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जुर्माना राशि वसूली जाएगी और उसमें सजा का भी प्रावधान है। सब स्टैंडर्ड में धारा 3/1, 14 ऑफ फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट 2006 के तहत 420, 272, 273 आईपीसी 7/16 के तहत मामला दर्ज होगा। जिसमें यह माना जाता है कि कुछ मात्रा में मिलावट है और इसके सेवन से स्वास्थ्य पर इसका बुरा असर होगा। अगर, इसके सेवन से कोई जनहानि हुई है तो 5 लाख का जुर्माना व 6 माह का कारावास हो सकता है। इसी प्रकार अनसेफ फूड में यह तय है कि माल पूर्ण रूप से नकली है और इसके सेवन से कैंसर जैसा गंभीर रोग होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसके सेवन से किसी के मानव जीवन की हानि होने पर 10 लाख का जुर्माना व 7 साल की सजा का प्रावधान है। वहीं मिस ब्रांडेड में यह माना जाता है कि माल में घटिया सामग्री मिली हुई है एवं इसमें कोई सस्ता माल मिलाकर इसे बेचा जा रहा है इसमें भी सजा का प्रावधान है।

जांच रिपोर्ट देरी से आने पर अब भी संशय

इस मामले में जो जांच रिपोर्ट 14 दिन में आनी थी, वही जांच रिपोर्ट 3 माह बाद मिल रही है। 83 दिन बाद रिपोर्ट आना संशय पैदा कर रहा है कि अभी जांच में कहीं ना कहीं गड़बड़ हुई है। इस बात का किसी भी अधिकारी के पास जवाब नहीं। एएसपी डॉ. दीपक यादव से पूछे जाने पर तो यहीं बताया कि जांच रिपोर्ट मंगवाने के लिए उन्होंने 3 बार पत्र लिखे थे। अब देरी क्यों हुई इसका जवाब वो ही दे सकते है। वहीं फूड इंस्पेक्टर सुरेंद्र जांगिड़ ने भी यही कहा कि जांच रिपोर्ट हमारे पास नहीं आएगी। बल्कि सीधे पुलिस के पास आएगी। दैनिक भास्कर द्वारा 29 जून को प्रकाशित खबर के बाद इस मामले की कार्रवाई में तेजी आई और कार्रवाई की रिपोर्ट बार-बार मांगने पर आखिर शुक्रवार को जांच रिपोर्ट आना बताया गया। सूत्रों के अनुसार यह भी जानकारी है कि जांच रिपोर्ट तो 2 जुलाई को ही एसपी कार्यालय में आ गई थी। मगर डीडवाना आने में देरी कैसे हुई यह नहीं पता चला।

इनसे किया था नकली घी-तेल बरामद

शहर में नकली घी व तेल बेचने वालों के खिलाफ की गई कार्रवाई में 4 दुकानदारों से भारी मात्रा में माल बरामद किया गया था। जो माल नकली पाया गया। उसमें अत्यधिक मात्रा में नकली माल नंदकिशोर अग्रवाल पुत्र सीताराम उम्र 45 वर्ष से पाया गया। इनकी फर्म से अलग-अलग ब्रांड के घी के टीन जब्त किए गए थे। इसी प्रकार राजू पुत्र बजरंगलाल 40 वर्ष डीडवाना निवासी से 5 टीन घी, महेश कुमार पुत्र केशरीमल शर्मा उम्र 30 गच्छीपुरा निवासी से 4 टीन घी व घनश्याम पुत्र सत्यनारायण माहेश्वरी उम्र 31 वर्ष से 7 टीन घी, 29 टीन तेल सब स्टैंडर्ड की श्रेणी व 9 कार्टुन घी अनसेफ फूड की श्रेणी में पाया गया। इन सभी के खिलाफ अब मामला दर्ज होगा।

रिपोर्ट की सूचना मिलते ही व्यापारियों में हड़कंप

डीडवाना के खाद्य विक्रेता व्यापारियों को जैसे ही इस कार्रवाई के बारे में पता चला तो व्यापारी एक दूसरे से जांच रिपोर्ट की जानकारी लेने में जुटे रहे। वहीं इस मामले के संबंधित व्यापारियों के चेहरों पर उदासी छाई हुई थी। यह भी सुनने को मिला कि जिन लोगों के पास अभी भी नकली माल था उन्होंने जांच रिपोर्ट की सूचना के बाद माल को ठिकाने लगा दिया।