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सीवरेज के पहले चरण में ही शहरवासी परेशान, अब 100 करोड़ से जल्द शुरू होगा दूसरा चरण

शहर में सीवरेज योजना के द्वितीय चरण का कार्य जल्द शुरू होने वाला हैं। करीब 100 करोड़ की लागत से द्वितीय फेज का कार्य...

Danik Bhaskar | May 15, 2018, 03:50 AM IST
शहर में सीवरेज योजना के द्वितीय चरण का कार्य जल्द शुरू होने वाला हैं। करीब 100 करोड़ की लागत से द्वितीय फेज का कार्य होगा। जिसकी निविदा मई माह के अंत तक निकलने वाली है। लेकिन यहां तो प्रथम चरण का जो कार्य हुआ है। जिसमें करीब 5 हजार कनेक्शन दिए थे, उसे लेकर भी शहरवासियों को आए दिन परेशानियां हो रही है। शहर में अनेक स्थानों पर सीवरेज लाइनें चॉक पड़ी हैं। चैंबर से गंदा पानी आए दिन सड़कों पर आ जाता हैं और यदि द्वितीय फैज का कार्य शुरू कर हो गया और शेष बचे कनेक्शन हो जाएंगे तो इंतजाम संभालना और भी मुश्किल हो जाएगा। शहर में सीवरेज योजना 5 फरवरी 2013 को शुरू हुई थी। जिसमें प्रथम चरण में 67.47 करोड़ की लागत से सीवरेज लाइन बिछाई गई। प्रथम फैज में 67 किमी लंबी पाइप लाइन बिछानी थी। परंतु 88 किमी की लाइन बिछा दी। इस प्रकार शहर के 75 प्रतिशत भाग में लाइन बिछाई जा चुकी है और गत डेढ़ साल से सुचारू रूप से चल रही है। मगर इतने कम समय में ही चैंबर ओवरफ्लो होना, गंदगी बाहर आना, प्रोपर्टी कनेक्शन के चेंबर टूट जाना आदि का दौर जारी हैं। हालात यह है कि छापरी गेट, कोट गेट, माताजी का मंदिर, फतेहपुरी गेट, नागौरी गेट, रेलवे स्टेशन कॉलोनी एवं सूपका रोड जहां सीवरेज का पंपिंग स्टेशन बना हुआ है, इन स्थानों पर आए दिन चैंबर ओवरफ्लो हो जाते है, जिससे गंदा पानी सड़क पर फैल जाता है।

अनदेखी | झील के रूप में नजर आने लगा है शहर का गंदा पानी

एसटीपी प्लांट के टैंक व तालाब भरे, अब शहर की ओर बढ़ेगा पानी

नागौर रोड पर 6.67 करोड़ की लागत से मैसर्स लाहोटी बिल्डकॉन लिमिटेड जयपुर ने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट पर दो बड़े टैंक बनाए है। जिनमें शहर का गंदा पानी सीवरेज लाइन से होते हुए इस प्लांट तक जाता है और दो बड़े हौदे बनाए है। जिनमें यह पानी डाला जाता है। यह हौदे भर चुके है और प्लांट के पास ही एक गहरा तालाब विभाग द्वारा बनाया गया था। उसमें गंदा पानी डाला गया। मगर वो भी गत वर्ष ही भर चुका था और अगर यही हाल रहा तो यह पानी शहर की ओर आएगा।