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भगवान श्रीकृष्ण को खीचड़े का भोग लगाकर श्रद्धालुओं ने मनाया कर्मा बाई का जन्मोत्सव

सनातन धर्म में प्रत्येक व्यक्ति धार्मिक अनुष्ठान कार्य करता है और अच्छे कार्य करने वालो को फल की प्राप्ति भी होती...

Dainik Bhaskar

Aug 09, 2018, 03:50 AM IST
भगवान श्रीकृष्ण को खीचड़े का भोग लगाकर श्रद्धालुओं ने मनाया कर्मा बाई का जन्मोत्सव
सनातन धर्म में प्रत्येक व्यक्ति धार्मिक अनुष्ठान कार्य करता है और अच्छे कार्य करने वालो को फल की प्राप्ति भी होती है इसी के साथ-साथ जगत जननी गौ माता की रक्षा करना और मां की सेवा करने से मनुष्य को अपने हर जन्म को सुखमय बनाना चाहिए, यही श्रीमद्भागवत कथा व गीता ग्रंथ में लिखा गया हैं। यह बात आनंद भवन में चल रही पांच दिवसीय गौकथा के दूसरे दिन आचार्य बाबूलाल सारस्वत ने कही। सारस्वत ने कहा कि एक जमाना था जब प्रत्येक सनातन धर्म में गाय रखी जाती थी। जिस घर में गाये रहती थी उस घर का वातावरण शांत रहता था और परिवार में कभी कलेश नहीं होता था। गाय का दूध एक पौष्टिक आहार है और विज्ञान भी इस बात को मानता है कि अमृत रूपी इस दूध में कैल्सियम की मात्रा अधिक होने से इसका सेवन करने वाले व्यक्ति स्वस्थ रहते हैं। इसी प्रकार गाय का गौबर व गौमूत्र भी औषधी के रूप में काम लिया जाता हैं। आज हम देखते है कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा गौ तस्करी का कारोबार कर गायों की हत्या करवा रहे हैं। इस दौरान महाराज ने गाय की अनेक महिमा का मण्डन विस्तार पूर्वक किया जिसमें कुछ ऐसे प्रसंग थे जिसे सुनकर श्रोतागण भावविभोर भी हो गए।

भास्कर संवाददाता| डीडवाना

सनातन धर्म में प्रत्येक व्यक्ति धार्मिक अनुष्ठान कार्य करता है और अच्छे कार्य करने वालो को फल की प्राप्ति भी होती है इसी के साथ-साथ जगत जननी गौ माता की रक्षा करना और मां की सेवा करने से मनुष्य को अपने हर जन्म को सुखमय बनाना चाहिए, यही श्रीमद्भागवत कथा व गीता ग्रंथ में लिखा गया हैं। यह बात आनंद भवन में चल रही पांच दिवसीय गौकथा के दूसरे दिन आचार्य बाबूलाल सारस्वत ने कही। सारस्वत ने कहा कि एक जमाना था जब प्रत्येक सनातन धर्म में गाय रखी जाती थी। जिस घर में गाये रहती थी उस घर का वातावरण शांत रहता था और परिवार में कभी कलेश नहीं होता था। गाय का दूध एक पौष्टिक आहार है और विज्ञान भी इस बात को मानता है कि अमृत रूपी इस दूध में कैल्सियम की मात्रा अधिक होने से इसका सेवन करने वाले व्यक्ति स्वस्थ रहते हैं। इसी प्रकार गाय का गौबर व गौमूत्र भी औषधी के रूप में काम लिया जाता हैं। आज हम देखते है कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा गौ तस्करी का कारोबार कर गायों की हत्या करवा रहे हैं। इस दौरान महाराज ने गाय की अनेक महिमा का मण्डन विस्तार पूर्वक किया जिसमें कुछ ऐसे प्रसंग थे जिसे सुनकर श्रोतागण भावविभोर भी हो गए।

बोरावड़| गांव कालवा बड़ा में कर्मा बाई के जन्म दिन पर उन्हें खीचड़े का भोग लगाया गया। भंवर सिंह ने बताया कि भगवान कृष्ण की मूर्ति को खीचड़े का भोग लगाकर उनके स्वरूप को खिचड़ा खिलाने वाली भक्त कर्माबाई के जन्मोत्सव पर उनके पैतृक गांव कालवा बड़ा के मंदिर में कर्माबाई तथा भगवान कृष्ण को खीचड़े का भोग लगाया गया। इससे पूर्व रात्रि में भजन संध्या का आयोजन हुआ। जिसमें स्थानीय गायकों ने एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुतियां दी। इस दौरान पुजारी भैरूलाल शर्मा, मातादीन सिंह, मोडूराम, प्रहलाद सिंह, भंवर सिंह, गोपाल शर्मा, भंवर लाल, भागीरथ सिंह, संतोष कंवर, पान कंवर सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित थे।

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