• Hindi News
  • Rajasthan News
  • Didwana News
  • डीडवाना में भागवत कथा शुरू, कुचामन में महाराज बोले मां किसी भी परिस्थिति में कर सकती है बच्चों का पालन
--Advertisement--

डीडवाना में भागवत कथा शुरू, कुचामन में महाराज बोले मां किसी भी परिस्थिति में कर सकती है बच्चों का पालन

शीतकुण्ड बालाजी मंदिर में स्व. पार्वती देवी मेघराज कुंपावत की पुण्य स्मृति में आयोजित श्रीमद भागवत कथा के प्रथम...

Dainik Bhaskar

Jun 04, 2018, 03:55 AM IST
डीडवाना में भागवत कथा शुरू, कुचामन में महाराज बोले मां किसी भी परिस्थिति में कर सकती है बच्चों का पालन
शीतकुण्ड बालाजी मंदिर में स्व. पार्वती देवी मेघराज कुंपावत की पुण्य स्मृति में आयोजित श्रीमद भागवत कथा के प्रथम दिन व्यासपीठ पर आसीन पं. सुदर्शन महाराज ने कहा कि भागवत ग्रंथ वो पुराण है जिसमें सभी पुराणों का सार विस्तारपूर्वक दर्शाया गया है। इस पुराण में भगवान के सभी अवतारों की लीलाओं का वर्णन बताया गया है। यह ग्रंथ एक प्रकार से वैतरणी नदी के समान वाला ग्रंथ है जिसके श्रवण से मनुष्य अपने सभी पापों से मुक्त होकर अंत समय निश्चित रूप से स्वर्गलोक को जा सकता है। महाराज ने कहा कि इस कथा का रसपान सर्वप्रथम नेमिषारण्य तीर्थ पर सत्यवादी राजा परीक्षित को व्यास पुत्र शुकदेव मुनि ने हजारों ऋषि मुनियों के साथ करवाया था। उन्होंने कहा कि ज्ञान वैराग्य भक्ति का त्रिवेणी संगम श्रीमद भागवत कथा पुराण से ही मिलता है। राजा परीक्षित को श्राप लगने के बाद उनका उद्धार कैसे हो इसी उद्देश्य के साथ सात दिन तक परीक्षित ने कथा का श्रवण किया। इस दौरान कथा के शुभारंभ से पूर्व नागौरिया मठ से लेकर नगर के प्रमुख मार्गो से होते हुए कथा स्थल शीतल कुंड बालाजी मंदिर तक शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा का सेवा भारती समिति द्वारा पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। इस मौके पर शिंभूदयाल कुंपावत, राजेन्द्र प्रसाद पटवारी, ओमप्रकाश पटवारी, पवन डालूका, पवन पटवारी, कमल, निर्मल, महावीर, बजरंग, महेश कुंपावत, मुरारी छितरका, भरत गट्टाणी, अरूण नागौरी, संजय नागौरी, नरेश जैन, लोकेश अग्रवाल, दिनेश जांगिड़, श्रीराम रूवटिया, पिंटू कुंपावत, राहुल रूवटिया, गोविंद धूत, धनेश अग्रवाल, पवन शर्मा, दीनदयाल सोनी, शंकर मोदी, अमित सोनी आदि मौजूद थे।

डीडवाना

लोभ आने पर पापकर्म का आगमन होता है

कुचामन सिटी| मीठड़ी स्थित सियाराम मंदिर में महंत श्यामबिहारीदास महाराज के सानिध्य में चल रहे नानी बाई का मायरा कथा महोत्सव के तीसरे दिन कथावाचक पं. नरेश दाधीच ने कहा कि दुनिया में मां ही ऐसी है जिसके पास भले ही संसाधनों की कमी हो पर बच्चों का पोषण कर सकती है। यही जिम्मेदारी पिता पर आ जाए तो कितनी भी सुविधाएं हो लालन-पालन पूरी तरह से नहीं हो सकता। उन्होंने नानी बाई के घर खाली हाथ लिए मायरा भरने पहुंचे नरसी मेहता के प्रसंग की कथा सुनाते हुए कहा कि भक्त नरसी 16 सूरदास के साथ गोपीचंदन, माला और भजन-कीर्तन करते समधी के घर पहुंचे। जहां नरसी का हर जगह तिरस्कार हुआ। कथावाचक ने नरसी के समधी की ओर इशारा करते हुए कहा कि लोभ आने पर पाप कर्म का आगमन होता है। इस दौरान भजन भी प्रस्तुत किए गए। इस मौके पर पूसाराम चेजारा, जुगल भार्गव, सुवालाल कुमावत, निर्मल चेजारा, मांगीलाल पचेरीवाल, महावीर गर्वा, नंदू पारीक, बलराम जोशी, हेमराज कलावत, गोरधन सैन आदि मौजूद

गौ सहायतार्थ किया सुन्दरकाण्ड का पाठ

बोरावड़| बोरावड़ की सुन्दरकाण्ड सेवा समिति ने गुरुवार रात्रि को कस्बे के बालाजी मार्केट के पास गौ-सेवा सहायतार्थ सामूहिक सुंदरकाण्ड का पाठ किया गया। सुंदरकाण्ड सेवा समिति के भवानी शंकर पारीक ने बताया कि सुन्दरकाण्ड सेवा समिति को सुन्दर काण्ड पढ़ने पर मिलने वाली राशि गौ वंश की सेवा के लिए खर्च की जाती है। उन्होंने बताया कि अभी दो दिन पूर्व भी सुंदरकाण्ड सेवा समिति की ओर से कोलिया की गौशाला में भी गौशाला के संस्थापक खेमादास महाराज को 51 हजार रुपए की राशि भेंट की। उन्होंने बताया कि गुरुवार को आई दान की राशि से आवारा गौ वंश के लिए हरे चारे की व्यवस्था की जाएगी। इस अवसर पर गुलाब चन्द मलिण्डा, राम निवास गुलेरिया, ओम प्रकाश गेदर, रामलाल सैनी, बृज मोहन पारीक, भंवर लाल प्रजापत, सत्यनारायण, श्याम सुंदर सहित अनेक लोग मौजूद थे।

X
डीडवाना में भागवत कथा शुरू, कुचामन में महाराज बोले मां किसी भी परिस्थिति में कर सकती है बच्चों का पालन
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..