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श्रीयादे सेवा समिति व प्रजापति व माली समाज संस्थान सहित अन्य संगठनों के पदाधिकारियों ने रेल मंत्री को भेजे ज्ञापन

डीडवाना-कुचामनसिटी के बीच रेल लाइन की मांग को लेकर विभिन्न संगठनों द्वारा रेल मंत्री को ज्ञापन भेजे जाने का...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 13, 2018, 03:55 AM IST

डीडवाना-कुचामनसिटी के बीच रेल लाइन की मांग को लेकर विभिन्न संगठनों द्वारा रेल मंत्री को ज्ञापन भेजे जाने का सिलसिला जारी है। इसी के चलते मंगलवार को भी विभिन्न संगठनों ने रेल मंत्री पीयूष गोयल के नाम ज्ञापन भेजकर नई रेल लाइन निर्माण की मांग की है। नरेन्द्र सिंह मोहनोत ने बताया कि शहर के प्रजापति समाज के अध्यक्ष गोपीकिशन प्रजापति, मंत्री भंवरूराम प्रजापति, श्रीयादे सेवा समिति के अध्यक्ष नथमल प्रजापत व मंत्री संपत कुमार प्रजापत, सैनी (माली) विकास संस्थान के अध्यक्ष रमेश टाक व प्रदेश कोषाध्यक्ष दिनेश गहलोत तथा देशवाली एज्युकेशन एण्ड वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष मोहम्मद अहसान खींची ने रेल मंत्री को ज्ञापन भेजे हैं। इन संगठनों ने ज्ञापन में बताया है कि डीडवाना-कुचामनसिटी के बीच नई रेल लाइन प्रस्तावित नोखा-सीकर व डीडवाना-रींगस मार्ग की अपेक्षा काफी छोटी होगी। इससे इसके निर्माण में कम लागत आएगी। वहीं यह मार्ग नागौर, बीकानेर व चुरू जिलों को जयपुर से जोड़ने में सहायक साबित होगा। इस मार्ग से डीडवाना, नावां व सांभर के नमक उत्पादन को भी बढावा मिलेगा तथा नमक लदान होने से रेलवे को पर्याप्त आय होगी। भविष्य में इस रेल मार्ग पर बीकानेर-जयपुर के बीच रेल सेवाएं भी संचालित की जा सकेंगी।

मांग

डीडवाना-कुचामनसिटी के बीच रेल लाइन की मांग फिर दोहराई, इधर....

इस लाइन के बन जाने से डेगाना का अनावश्यक चक्कर नहीं काटना पड़ेगा

संगठनों के पदाधिकारियों ने बताया कि इन जिलों के लोग अपने व्यापार व अन्य कारणों से जयपुर सहित देश के विभिन्न हिस्सों में प्रवास करते हैं। उनके लिए जयपुर ऐसा स्टेशन है, जहां से देशभर के लिए साधन आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं। ऐसे में इस लाइन के बन जाने से यात्रियों को अनावश्यक रूप से डेगाना का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।

बताया कि लाडनूं जैन धर्मावलंबियों का प्रमुख स्थल है। यहां जैन विश्व भारती विवि, सालासर में बालाजी मंदिर, तथा डीडवाना में अनेक धार्मिक स्थल हैं। इसके बावजूद डेगाना-डीडवाना-रतनगढ़ रेलमार्ग रेल सुविधाओं की दृष्टि से काफी पिछड़ा हुआ है। इन क्षेत्रों का जयपुर से सीधा रेल संपर्क नहीं है। ऐसे में डीडवाना-कुचामन के बीच रेल लाइन के विकल्प पर विचार किया जा सकता है। दोनों शहरों के बीच की दूरी मात्र 45 किमी है।

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