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इंद्रचंद प्रकरण में डीडवाना पुलिस को मिली कामयाबी, एक फरार आरोपी किया गिरफ्तार

डीडवाना क्षेत्र के बहुचर्चित जीवण गोदारा हत्याकांड में आरोपी आनंदपालसिंह के सहयोगी को इंद्रचंद अपहरण प्रकरण...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 19, 2018, 03:55 AM IST

इंद्रचंद प्रकरण में डीडवाना पुलिस को मिली कामयाबी, एक फरार आरोपी किया गिरफ्तार
डीडवाना क्षेत्र के बहुचर्चित जीवण गोदारा हत्याकांड में आरोपी आनंदपालसिंह के सहयोगी को इंद्रचंद अपहरण प्रकरण में डीडवाना पुलिस ने फरार चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। एसपी ने बताया कि 27 जून 2006 को डीडवाना में दिनदहाड़े आनंदपाल सिंह एवं उसके साथी गोदारा मार्केट के सामने जीवण गोदारा पर अंधाधुंध फायरिंग कर फरार हो गए गए थे। जिसमें जीवण गोदारा एवं हरफूल जाट की मौत हो गई थी तथा गोपाल जाट, प्रमोद एवं पप्पूराम घायल हो गए थे। प्रकरण में सीओ डीडवाना द्वारा प्रभावी कार्रवाई की जा रही थी। इसी दौरान आनंदपाल सिंह ने अपने गैंग के साथियों से मुख्य गवाह प्रमोद के भाई इंद्रचंद पुत्र तुलछीराम निवासी रताऊ का अपहरण करवाकर प्रमोद के बयान बदलवाने की कोशिश की। जिसमें प्रमोद की रिपोर्ट पर इंद्रचंद के अपहरण का मुकदमा डीडवाना थाने में दर्ज किया गया था। आनंदपाल सिंह के गुर्गे इंद्रचंद को अपहरण के बाद हाथौज, किशनगढ़, बूंदी एवं मुंबई ले गए। इसी दौरान मुंबई में लूणावाला से अपह्त इंद्रचंद मौका पाकर आरोपियों के चंगुल से भाग गया। जीवण गोदारा हत्या प्रकरण में सजा होने की संभावना के चलते आनंदपाल सिंह के काका शिव सिंह के लड़के देवेंद्र सिंह उर्फ गट्टू, अनुराधा, मोंटी सिंह, दामोदर सिंह ने आनंदपाल सिंह के इशारे पर अपने साथियों के साथ मिलकर पूर्व योजना के मुताबिक सुरेशचंद उर्फ सुरेश पाटीदार उर्फ रमेश उर्फ महाराज को ब्लेक बैरी का फोन देकर इंद्रचंद अपहरण की योजना में संपर्क में रहने को कहा। देवेंद्र सिंह उर्फ गट्टू अपने साथियों के साथ मिल कर इंद्रचंद को डीडवाना से अपहरण करके किशनगढ़ लेकर गए। जहां पर योजना के मुताबिक सुरेश पाटीदार उर्फ महाराज मिला। जो इंद्रचंद एवं साथी आरोपियों को बूंदी की तरफ ले गया। जहां पर अपने जानकार के खेत में बने कमरे में अपह्त इंद्रचंद को 3 दिन तक बंदी बना कर रखा था। सुरेश पाटीदार उर्फ महाराज ने आनंदपाल सिंह की फरारी प्रकरण में भी सहयोग किया था। जिसमें गिरफ्तार किया गया। इस प्रकरण में अनुसंधान के दौरान मुख्य अभियुक्त एवं सहयोगी आनंदपाल सिंह, अनुराधा उर्फ लैडी डॉन, गुलजारी, परवेज बालिया, सोनू पावटा, अजीत सिंह पावटा, जीतू चारण, मोहन सिंह हाथोज, हनुमान सिंह, आजाद सिंह, कुलदीप, मुकेश, देवेंद्र सिंह उर्फ गट्टू, दामोदर सिंह, प्रताप सिंह पाण्डोराई, विश्राम जाट, महिपाल सिंह उर्फ मोंटी सिंह, बलवीर सिंह निमोद, मनीष चौधरी को गिरफ्तार कर चालान पेश किया जा चुका है।

आनंदपाल सिंह का विश्वसनीय गुर्गा सुरेशचंद उर्फ सुरेश पाटीदार उर्फ रमेश उर्फ महाराज पुत्र गोरधन जाति पाटीदार निवासी दित्या खेड़ी पुलिस थाना झालरापाटन जिला झालावाड़ जीवण गोदारा हत्याकांड के बाद से ही आनंदपाल सिंह के लगातार संपर्क में रह कर फरारी कटाने में सहयोग करता रहा था। जो आनंदपाल सिंह गैंग के लिए एमपी से हथियार लाने का भी कार्य करता था। जिसे मय हथियार के एसओजी जयपुर ने पकड़ा भी था। अनुसंधान से महाराज का नाम सुरेश पाटीदार होना पता चला। जिसकी काफी समय से तलाश की जा रही थी। जो काफी समय से परबतसर पेशी पर भी नहीं आ रहा था। शुक्रवार को आईपीएस डॉ. दीपक यादव को सूचना मिली कि सुरेश पाटीदार उर्फ महाराज आनंदपाल सिंह गैंग के काम से लाडनूं जा रहा है। इस पर रघुराज सिंह, सुरेश कुमार टेपण, ओमप्रकाश को निगरानी के लिए लगाया। जिन्होंने सुरेश पाटीदार उर्फ महाराज को बस स्टैंड डीडवाना से दस्तयाब कर लिया। जिसको बाद अनुसंधान बापर्दा गिरफ्तार किया गया है।

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