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टीम के सवाल पर सभी ने कहा-डूंगरपुर है नंबर वन

भास्कर संवाददाता | डूंगरपुर स्वच्छता सर्वेक्षण तीसरे दिन बुधवार को भी जारी रहा। काम की अधिकता को देखते हुए...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 02:50 AM IST
भास्कर संवाददाता | डूंगरपुर

स्वच्छता सर्वेक्षण तीसरे दिन बुधवार को भी जारी रहा। काम की अधिकता को देखते हुए दिल्ली से अतिरिक्त टीम भी अलसुबह डूंगरपुर पहुंची। टीम ने बाजार, घर दुकानों में सर्वे का काम जारी रखा।

मंगलवार रात भी टीम ने रात करीब 9 बजे वागड़ माता कॉलोनी का निरीक्षण किया। लोगों ने घरों के बाहर उस समय रंगोली सजाई हुई थी। बस्ती को रंगीन रोशनी से सजाया गया था। इसके बाद टीम रात 10 बजे होटल में चली गई। इसके बाद शहरवासियों को यह आभास हो गया कि अब जांच के लिए कोई नहीं आएगा, लेकिन बाद में करीब साढ़े 10 बजे फिर से टीम गुपचुप बाहर निकली। पब्लिक फीडबैक का कार्य एक दिन और बढ़ाते हुए अब गुरुवार को होली का अवकाश होने के बाद भी चलेगा। इसे देखते हुए कर्मचारियों की छुट्टी स्थगित कर दी गई है।

स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर शहर साफ-सुथरा नजर आया।

दिव्यांगों के लिए शौचालय बनाने की सोच गजब है

टीम रात करीब 11 बजे सिंटेक्स तिराहे पर पहुंची। वहां से सुविधाघर देखा। मौके पर दिव्यांगों और बच्चों के लिए अलग से व्यवस्था देखी। यही स्थिति नगर परिषद के सामने, पातेला, शास्त्री कॉलोनी में भी इसी तरह अलग से टॉयलेट बनाए हुए देखे। इस पर टीम का कहना था कि डूंगरपुर स्वच्छता की सोच से काफी आगे है। स्वच्छता में भी आधुनिकता को जोड़ते हुए काम किया जा रहा है। दिव्यांगों के अंदर तक जाने के लिए अलग से रैंप तक बने हुए देखे गए। इस पर उन सभी के फोटो अपलोड किए।

10 सदस्यीय टीम शहर में आते ही बिखर गई

10 सदस्यीय टीम सुबह दिल्ली से पहुंची। शहर में आते ही कुछ ही पल में सभी सदस्य शहर में बिखर गए। पुरानी सब्जी मंडी, नई सब्जी मंडी के आसपास व्यापारियों, राहगीरों, मंदिरों की जीयो टैगिंग करते हुए जांच और सर्वे किया। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे टीम नगर परिषद पहुंची। पूर्व में यहां काम कर रही टीम के दो सदस्य अब भी दस्तावेजों की जांच में लगे हुए थे। यह कार्य देर शाम तक चलता रहा। यहां सर्वेक्षण कंट्रोल रूम में दोपहर एक बजे केंद्र से ईमेल के लिए सरकारी भवनों की जांच की सूची पहुंची। इस सूची में दर्ज नामों को 4 जोन में बांटा गया। दो-दो जोन की सूची लेकर दो टीम दोपहर डेढ़ बजे फिर से रवाना हुई।

हर घरों के बाहर कुछ इसी तरह की रंगोली बनाई गई।

स्कूलों की सफाई भी निकाय ही करती है

स्कूलों में पेयजल, सुविधाघर, सफाई की जांच की गई। कुल 10 स्कूलों की जांच के दौरान स्टाफ ने बताया कि सुविधाघरों की सफाई का बंदोबस्त भी नगर परिषद पिछले दो साल से खुद कर रही है। रोजाना टैंकर से पानी लाकर परिषदकर्मी सफाई करते हैं। इस पर टीम ने कहा कि सरकारी स्कूलों में भी सफाई भी परिषद ही करें ऐसी व्यवस्था कहीं नहीं देखी। इधर, टीम जांच कर ही रही थी कि सफाई के लिए उसी स्कूल में टैंकर पहुंच गया।

4 किलो का केक काटा

स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर 4 किलो का केक नगर परिषद में बुधवार दोपहर काटा गया। सभापति केके गुप्ता ने कहा कि शहर अब तक की जांच को लेकर आ रही ऑनलाइन मार्किंग में पूरे नंबर ला रहा है। इसी खुशी में यह 4 किलोग्राम का केक काटा गया है।