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भाषा की जरूरत नहीं, भंगिमाएं खुद ही कह देती हैं बात

भास्कर संवाददाता | डूंगरपुर वीकेबी गर्ल्स कॉलेज में बुधवार को वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह हुआ।...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 02, 2018, 03:50 AM IST

भास्कर संवाददाता | डूंगरपुर

वीकेबी गर्ल्स कॉलेज में बुधवार को वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह हुआ। अंतरराष्ट्रीय उड़िया नृˆत्यांगना शलाखा रॉय ने नृˆत्य के महˆव और जुबानी और भंगिमाओं से पेश किया तो सभी ने इस ज्ञान को अदभुत बताया। उ‹न्होंने कहा कि नृˆत्य को भाषा की जरूरत नहीं होती है।

नृत्य की भंगिमाएं खुद ही पूरी बात कह देती हैं। उड़िया नृत्य शास्कीय विद्या है। शास्त्र में जिस तरह उठने-बैठने, जीने की विधि दी गई है, उसी तरह यह नृत्य भी तैयार किया गया है। उड़ीसा कोनार्क के सूर्य मंदिर पर उकेरी गई शिल्प कलाओं में जो चित्र दिखाई देते हैं, उड़िया नृत्य भी उसी तर्ज पर तैयार किया गया है। उड़िया नृˆत्य में एक गतिविधि है टोरसो मूवमेंट जो किसी अन्य नृत्य विद्या में दिखाई नहीं देती, वह है ‘टोरसो’। हि‹दी में इसे वक्ष संचालन या जड़ की गतिविधियां शामिल की गई है। नृˆत्य की एक से दूसरी भंगिमाएं आपस में जुड़ी हुई दिखाई देती है। इससे लगता है कि मूर्तियां जीवित हो उठी हो।

उन्होंने नृत्य शुरू करने से पहले शंकराचार्य रचित भगवान जगन्नाथ अष्टकम नृˆय प्रस्तुत कर प्रार्थना की। शासकीय नृत्य की एक अपनी व्याकरण होती है। उसके दायरे में रहकर ही नृˆत्य किया जाता है। बॉलीवुड में इस तरह की कोई पाबंदी नहीं होती। वहां शाहरुख खान नहीं कहता है कि गीत पर कौनसी पंक्ति पर कौनसी स्टेप करनी है, लेकिन यहां सबकुछ पूर्व निस्तारित होता है। नृˆत्य को दो पक्षों में प्रस्तुत किया जाता है। एक है अभिनय पक्ष है। अभिनय चार आंगिक, वाचिक में नृˆत्य के दौरान बोल सकते हैं, आहार्य में नृˆत्य का वेश और सात्विक नृˆत्य का भाव के अनुसार भाव हो जाते हैं। राधा-कृष्ण आधारित प्रेम कथा और शुद्ध नृˆत्य प्रस्तुत किए।

नृˆत्यांगना रॉय का परिचय

स्पिक मैके संस्थान की उड़िया नृˆत्यांगना पद्मश्री सम्मानित माधवी मुदगल की शिष्या शलाखा रॉय अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकार हैं। उनका ज‹न्म 1990 में हुआ। अखिल भारतीय गंधर्व कॉलेज मंडल मुंबई से विशारद पूर्ण की डिग्री ली। राजनीति विधान में एमए की शिक्षा दिल्ली विश्वविद्यालय से ली।

अंतरराष्ट्रीय उड़िया नृˆत्यांगना शलाखा रॉय की प्रस्तुतियों ने वीकेबी गर्ल्स कॉलेज के पुरस्कार वितरण समारोह में बांधा समां

अंतरराष्ट्रीय नृत्यांगना शलाखा रॉय।

समारोह पर एक नजर

समारोह के मुख्य अतिथि कले€क्टर राजेंद्र भट्ट, अŠध्यक्ष विधायक देवेंद्र कटारा थे। वंदना कटारा के दल ने सरस्वती आराधना की। प्राचार्य डॉ. दीपक शाह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कॉलेज के अभावों की जानकारी दी। छात्रसंघ परामर्शदाता डॉ. करुणा जोशी ने नृत्यांगना रॉय का स्वागत किया। छात्रसंघ अŠध्यक्ष कृष्णा कटारा ने विधायक को स्वागत किया। राष्ट्रीय सलाहकार जयप्रकाश भटनागर ने उद्बोबन दिया। इसके बाद साल 2017-18 में हुई विभिन्न सांस्कृतिक, साहित्यिक, खेल और शैक्षिक गतिविधियों के विजेताओं को पुरस्कार बांटे गए। आभार डॉ. करुणा जोशी ने जताया।

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Web Title: भाषा की जरूरत नहीं, भंगिमाएं खुद ही कह देती हैं बात
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