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आंतरी धंबोला वन क्षेत्र में आग, वन विभाग ने टीम भेजी, देररात तक आग पर काबू नहीं

भास्कर संवाददाता| सीमलवाड़ा आंतरी-धंबोला वन क्षेत्र में गुरुवार देर रात को अचानक आग लग गई। आग तेजी से फैल रही...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 02, 2018, 03:55 AM IST

भास्कर संवाददाता| सीमलवाड़ा

आंतरी-धंबोला वन क्षेत्र में गुरुवार देर रात को अचानक आग लग गई। आग तेजी से फैल रही है। जिस जगह पर आग की लपटें लग रही है, वह मुख्य मार्ग से करीब दो किमी अंदर जंगल में है, जहां पर पहुंचना भी आसान नहीं है। वहीं डूंगरपुर से वन विभाग की टीम मौके पर रवाना हो चुकी है।

हालांकि अभी तक आग लगने के पीछे कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। सीमलवाड़ा पंचायत समिति के अधीन बेड़सा ग्राम पंचायत से सटे वन क्षेत्र में करीब तीन किमी के दायरे में यह आग लगी है। रात 9 बजे तक वन विभाग का कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग बेड़सा और फावटा गांव की ओर बढ़ रही है। यह क्षेत्र आंतरी- धंबोला वनखंड के अधीन आता है।

अधिकारियों से डूंगरपुर का नहीं हो पाया संपर्क

दूसरी ओर, यह वनखंड आंतरी रेंज में आता है। जानकारी मिलने के बाद डूंगरपुर से आंतरी वन अधिकारी को जानकारी देनी चाही, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। बताया जाता है कि आंतरी के अधिकारियों के मोबाइल नंबर रेंज में नहीं होने के कारण नहीं लग रहे हैं। ऐसे में डूंगरपुर से डीएफओ के आदेश पर टीम धंबोला के लिए रवाना कर दी है। रेंजर धुलाराम पंचाल ने बताया कि हमने टीमें भेज दी है और कोशिश यही है कि देर रात तक भी आग पर काबू पा लिया जाए, लेकिन रात का समय होने के कारण आग पर काबू पाना मुश्किल है। पंचाल ने बताया कि ग्रामीणों और वनरक्षक समितियों के सहयोग से आग पर काबू पाने का प्रयास किया जाएगा। रात का समय बीत जाने के बाद ही संभव हो पाएगा।

जानबूझकर या बीड़ी सिगरेट से, जांच के बाद ही चलेगा पता

दूसरी ओर यह आग कहां से लगी है और कैसे लगी है। इसकी जानकारी वन विभाग के पास नहीं है, लेकिन समझा जा रहा है कि आग लगने के पीछे 3 प्रमुख कारण हो सकते हैं। एक तो किसी व्यक्ति द्वारा वन क्षेत्र में भ्रमण के दौरान बीड़ी-सिगरेट पीकर बिना बुझाए ही फेंक दी गई हो या फिर किसी के द्वारा जानबूझकर भी आग लगाई गई हो। इसके साथ ही एक कारण यह भी हो सकता है कि पिछले दो-तीन दिनों में गर्मी बढ़ी है और पतझड़ का मौसम प्रारंभ हो चुका है। ऐसे में पत्तों के आपस रगड़ने से भी चिंगारी पैदा होती है। यह भी कारण हो सकता है, लेकिन जांच के बाद ही सही कारण सामने आ पाएगा। लोग घरों की छत से देख रहे आग के नजारे देख रहे हैं। बांसियां, धंबोला, सीमलवाड़ा सहित आसपास के गांवों के लोग अपने अपने घरों की छत पर खड़े होकर आग को देख रहे हैं।

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