• Hindi News
  • Rajasthan News
  • Dungarpur News
  • एक अगस्त से 100 छात्रों का पहला बैच, नीट की काउंसलिंग से चुन सकेंगे कॉलेज
--Advertisement--

एक अगस्त से 100 छात्रों का पहला बैच, नीट की काउंसलिंग से चुन सकेंगे कॉलेज

भास्कर संवाददाता | डूंगरपुर दो साल में तीन निरीक्षण के बाद डूंगरपुर सहित प्रदेश के पांच नए मेडिकल कॉलेजों को...

Dainik Bhaskar

May 03, 2018, 02:50 AM IST
एक अगस्त से 100 छात्रों का पहला बैच, नीट की काउंसलिंग से चुन सकेंगे कॉलेज
भास्कर संवाददाता | डूंगरपुर

दो साल में तीन निरीक्षण के बाद डूंगरपुर सहित प्रदेश के पांच नए मेडिकल कॉलेजों को मान्यता के लिए एमसीआई (मेडिकल कौंसिल ऑफ इंडिया) ने मुहर लगा दी है। यानी इस सत्र से मेडिकल कॉलेज के लिए 500 नई सीटें प्रदेश को मिल गई। नीट की काउंसलिंग में विद्यार्थी डूंगरपुर मेडिकल कॉलेज चुन सकेंगे।

एमसीआई ने डूंगरपुर मेडिकल कॉलेज को एलओपी (लेटर ऑफ परमिशन) जारी कर दिया है। कॉलेज प्रबंधन के अनुसार 1 अगस्त से मेडिकल कॉलेज का पहला बैच 100 मेडिकल स्टूडेंट के साथ शुरू होगा। इससे पहले कॉलेज में प्रवेश के लिए नीट की परीक्षा देनी होगी और मेरिट के आधार पर कॉलेज का आवंटन किया जाएगा। इस बार डूंगरपुर सहित पांच मेडिकल कॉलेज शामिल होंगे।

एमसीआई की ओर से नवंबर महीने में निरीक्षण के दौरान फैकल्टी समेत इंफ्रास्ट्रक्चर और इससे जुड़े अस्पताल में 33 तरह की कमियां बताई गई थी और इस सत्र से मान्यता देने से इनकार कर दिया गया था। ऐसे में इस साल चुनावों को देखते हुए केंद्र और सरकार को इसके लिए दखल देना पड़ा और आखिर में मान्यता मिल गई। इसमें डूंगरपुर सहित पाली, भीलवाड़ा, भरतपुर और चुरू के मेडिकल कॉलेज शामिल हैं। पहले सत्र के लिए मान्यता जारी होने से इस सत्र से ही इसमें 100 एमबीबीएस सीटों के लिए एडमिशन शुरू हो जाएंगे।

यह हैं 5 वजह, जिस कारण मिली मान्यता

1. फैकल्टी : निरीक्षण के वक्त टीचिंग फैकल्टी के करीब 100 पद भरे हुए थे। इसके अलावा नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी भी पूरी कर ली गई है।

2. इंफ्रास्ट्रक्चर : पहले 100 स्टूडेंट के बैच के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर अकादमिक विंग से लेकर छात्रावास, क्लास रूम, लैब और सेंट्रल लाइब्रेरी तैयार हो गई।

3. हर बीमारी की अलग ओपीडी : मेडिकल कॉलेज से जुड़े जिला अस्पताल में हर बीमारी की अलग ओपीडी, सर्जिकल और मेडिसीन ओपीडी को अलग किया गया।

4. सर्जिकल आईसीयू और सेंट्रल लैब : एमसीआई की गाइडलाइन के अनुसार सर्जिकल आईसीयू और सेंट्रल लैब जैसी सुविधाएं भी जरूरी थी। यह दोनों ही विकसित की जा रही है।

5. सेंट्रल लाइब्रेरी, 300 बेड का अस्पताल : श्रीहरिदेव जोशी अस्पताल में 300 से ज्यादा बेड के साथ ही नए वार्ड और सुविधाएं शुरू की गई। करीब एक हजार किताबों की सेंट्रल लाइब्रेरी की शुरुआत की गई ।

सरकार ने खेला चुनावी दांव, बड़ी उपलब्धि गिनाएंगे

इस साल के आखिर में प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में प्रदेश में 5 नए मेडिकल कॉलेज एक साथ शुरू होना बहुत ही बड़ी उपलब्धि है। खास तौर पर राज्य सरकार इस सौगात को बड़ा मुद्दा बनाएगी, क्योंकि चुनाव से पहले इन पांचों मेडिकल कॉलेज में 100 एमबीबीएस सीटों पर प्रवेश भी शुरू हो जाएगा। ऐसे में सरकार भी इसे भुनाएगी, ताकि वोट बैंक को अपने खाते में कर सकें। चार दिन पहले ही कोटा दौरे के दौरान सीएम वसुंधरा राजे ने एमसीआई की मान्यता की घोषणा की थी, हालांकि उस समय एमसीआई से एलओपी जारी नहीं होने से अाधिकारिक घोषणा नहीं हो पाई थी।

देश में सबसे ज्यादा प्रदेश को मिले पांच मेडिकल कॉलेज

एमसीआई की ओर से प्रदेश में पांच मेडिकल कॉलेजों को इस शैक्षणिक सत्र के लिए प्रथम वर्ष की मान्यता दी है। इसमें डूंरगपुर सहित पाली, भीलवाड़ा, भरतपुर और चुरू जिले के मेडिकल कॉलेज हैं। बाड़मेर और सीकर मेडिकल कॉलेज की मान्यता इस साल भी नहीं मिल पाई है तो धौलपुर जिले में अभी तक काम ही शुरू नहीं हो सका है।


X
एक अगस्त से 100 छात्रों का पहला बैच, नीट की काउंसलिंग से चुन सकेंगे कॉलेज
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..