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हस्ताक्षर करने को लेकर विभागों का आपसी विवाद कांग्रेस सरकार

हस्ताक्षर करने को लेकर विभागों का आपसी विवाद कांग्रेस सरकार के दौरान शुरू हुआ था, जो अब तक नहीं सुलझ पाया है।...

Dainik Bhaskar

May 18, 2018, 03:05 AM IST
हस्ताक्षर करने को लेकर विभागों का आपसी विवाद कांग्रेस सरकार
हस्ताक्षर करने को लेकर विभागों का आपसी विवाद कांग्रेस सरकार के दौरान शुरू हुआ था, जो अब तक नहीं सुलझ पाया है। तत्कालीन शिक्षा मंत्री बृजकिशोर शर्मा और ग्रामीण विकास मंत्री के बीच भी यही स्थिति थी, लेकिन बाद में ग्रामीण विकास और पंचायतीराज मंत्री का चार्ज महेंद्रजीतसिंह मालवीया को दिया। इसके बाद यह मामला सुलझ पाया था और तब स्थानांतरण हुए थे, लेकिन तब भी हस्ताक्षर शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने ही किए थे।

सीएमओ से मिलेगी हरी झंडी

मंत्री स्तर पर हस्ताक्षर को लेकर अटके 1500 शिक्षकों के तबादले

प्रदेश के 33 जिले में करीब डेढ़ लाख शिक्षक तबादले के फेर में

भास्कर संवाददाता |डूंगरपुर

राज्य सरकार द्वारा तबादलों पर बैन हटाने के बाद 30 अप्रैल से लेकर 11 मई तक शिक्षा संकुल जयपुर में तबादला कैंप में डीईओ ने रहकर सूचियां तैयार की, लेकिन जारी नहीं कर पाए, क्योंकि तबादला सूची में मंत्री स्तर पर हस्ताक्षर कौन करे, इसी वजह से तबादले का दांव फंसा हुआ है।

दरअसल, पिछले माह राज्य सरकार ने तबादले पर बैन हटा दिया था। इसके बाद करीब-करीब सभी विभागों में अपने स्तर पर तबादले हो चुके हैं, लेकिन शिक्षा विभाग मात्र ऐसा महकमा है, जहां पर अब तक एक शिक्षक का भी तबादला नहीं हो पाया है, जबकि पूरे प्रदेश के 33 जिलों से डेढ़ लाख से अधिक शिक्षकों द्वारा तबादला आवेदन किया है। वहीं शिक्षा विभाग प्रारंभिक मूल रूप से पंचायतीराज के अधीन है। ऐसे में मूल अधिकार पंचायतीराज का हो गया है, जबकि स्कूलों का संचालन शिक्षा विभाग के अधीन हो रहा है। ऐसे में तबादला सूचियों पर मंत्री स्तर और आधिकारिक स्तर पर हस्ताक्षर का दांव फंसा हुआ है। समझा जा रहा है कि जब यह मामला नहीं निपटता है, तब तक सूचियां जारी होने की संभावना भी कम होती जा रही है। हालांकि सूत्रों के अनुसार अंतिम निर्णय सीएमओ करेगा या फिर सीएमओ के हस्तक्षेप के बाद ही सूचियां जारी की जा सकती है। फिलहाल मामले को लेकर मंत्री से लेकर विभाग अधिकारियों तक ने मौन साध रखा है। डूंगरपुर में 1500 से ज्यादा शिक्षक तबादले के इंतजार में हैं।

11 दिन तक डीईओ के शिक्षा संकुल में रहने के बाद सूचियां तैयार, निदेशालय बोला, मामला प्रक्रिया में

कांग्रेस सरकार से लेकर अब तक नहीं सुलझा यह मामला

अब तक नियम यह रहा है

तृतीय श्रेणी शिक्षक- तृतीय श्रेणी शिक्षक तबादले के ऊपर हस्ताक्षर डीईओ करते थे। इसके बाद ही सूचियां जारी की जाती है, लेकिन प्रारंभिक शिक्षा विभाग में ही द्वितीय श्रेणी के शिक्षक की बात होती है तो उस पर उपनिदेशक के हस्ताक्षर होते हैं।

लेकिन अब - मामला इसलिए फंसा है कि पंचायतीराज के अधीन होने के कारण डीईओ और प्रारंभिक शिक्षा विभाग जिला परिषद के अधीन है। इसलिए ग्रामीण विकास और पंचायतीराज का कहना है कि तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादले की सूची पर हस्ताक्षर सीईओ (मुख्य कार्यकारी अधिकारी) के हस्ताक्षर होने चाहिए।

आगे क्या - विवाद सुलझते ही जारी होगी सूचियां

सूत्रों के अनुसार जैसे ही हस्ताक्षर का विवाद सुलझता है तो उसके बाद तत्काल ही सूचियां जारी हो जाएंगी, क्योंकि सूचियां तैयार पड़ी हुई है।


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