60 हजार की आबादी, 10 हजार उपभोक्ता, कई मोहल्लों में 4 दिन से नहीं आया पानी

Dungarpur News - शहर सहित जिलेभर में जलसंकट धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है। भूमिगत जल स्तर में लगातार गिरावट होने के कारण हैंडपंप अब...

Bhaskar News Network

May 18, 2019, 07:56 AM IST
Dungarpur News - rajasthan news a population of 60 thousand 10 thousand consumers many villages have not come for 4 days
शहर सहित जिलेभर में जलसंकट धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है। भूमिगत जल स्तर में लगातार गिरावट होने के कारण हैंडपंप अब सूखने लगे है। ऐसे में शहर में लोगों के पास शिकायत करने के लिए जलदाय विभाग के पास पुराने शहर में ऑफिस बना हुआ है।

जो धरातल से करीब 100 फीट ऊंचाई पर मौजूद है। यहां पर शिकायत करने के लिए वृद्ध, महिलाएं और बच्चों को करीब 40 से अधिक सीढ़िया चढ़नी पड़ती है। इसी के कारण यहां पर प्रतिदिन 2 से 3 औसत शिकायतें दर्ज होती है। इन शिकायतों की कमी का मुख्य कारण ऊंचाई पर ऑफिस होना है। यहां पर लगे बेसिक टेलीफोन पर ही शिकायत दर्ज कराने का प्रावधान है। इसके अलावा जलदाय विभाग के पास कोई ऑफिस उपलब्ध नहीं है। जहां पर आमजन सहजता से पेयजल संबंधित शिकायत दर्ज करा सके। गर्मी में आमजन पेयजल के लिए सिर्फ जलदाय विभाग और टैंकर पर निर्भर है। ऐसे में जलदाय विभाग के अधिकारियों की अभी तक मॉनिटरिंग करने के लिए नींद नहीं खुल रही है। सुबह के समय कोई भी जिला स्तर अधिकारी विजिट पर नहीं निकल रहे है। राज्य सरकार की ओर से गर्मी के चार माह में सभी अधिकारियों को अपने मुख्यालय पर रहकर सुबह जल्दी फिल्ड विजिट करनी है। अभी तक किसी भी अधिकारी ने फिल्ड विजिट शुरू नहीं की गई है।

जलदाय विभाग का कंट्रोल रुम भी जारी नहीं हुआ : हर वर्ष 1 अप्रैल को जलदाय विभाग की ओर से कंट्रोल रुम बनाया जाता है। जहां पर पूरे जिले में कोई भी व्यक्ति शिकायत दर्ज कराने का अधिकार होता है। इसके साथ ही शिकायत के समाधान की समस्त जानकारी उपलब्ध होती है।

यह व्यवस्था पूरे जिले के लिए उपलब्ध होती है। आधा मई माह निकल चुका है। इसके बावजूद अभी तक विभाग की ओर से कंट्रोल रुम स्थापित नहीं हुआ है। इस ओर से अभी तक विधायक और अन्य जनप्रतिनिधी का ध्यान भी नहीं गया है।

डूंगरपुर. एईएन ऑफिस की सीढ़ियों पर उगी कंटिली झांडिया।

भास्कर संवाददाता|डूंगरपुर

शहर सहित जिलेभर में जलसंकट धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है। भूमिगत जल स्तर में लगातार गिरावट होने के कारण हैंडपंप अब सूखने लगे है। ऐसे में शहर में लोगों के पास शिकायत करने के लिए जलदाय विभाग के पास पुराने शहर में ऑफिस बना हुआ है।

जो धरातल से करीब 100 फीट ऊंचाई पर मौजूद है। यहां पर शिकायत करने के लिए वृद्ध, महिलाएं और बच्चों को करीब 40 से अधिक सीढ़िया चढ़नी पड़ती है। इसी के कारण यहां पर प्रतिदिन 2 से 3 औसत शिकायतें दर्ज होती है। इन शिकायतों की कमी का मुख्य कारण ऊंचाई पर ऑफिस होना है। यहां पर लगे बेसिक टेलीफोन पर ही शिकायत दर्ज कराने का प्रावधान है। इसके अलावा जलदाय विभाग के पास कोई ऑफिस उपलब्ध नहीं है। जहां पर आमजन सहजता से पेयजल संबंधित शिकायत दर्ज करा सके। गर्मी में आमजन पेयजल के लिए सिर्फ जलदाय विभाग और टैंकर पर निर्भर है। ऐसे में जलदाय विभाग के अधिकारियों की अभी तक मॉनिटरिंग करने के लिए नींद नहीं खुल रही है। सुबह के समय कोई भी जिला स्तर अधिकारी विजिट पर नहीं निकल रहे है। राज्य सरकार की ओर से गर्मी के चार माह में सभी अधिकारियों को अपने मुख्यालय पर रहकर सुबह जल्दी फिल्ड विजिट करनी है। अभी तक किसी भी अधिकारी ने फिल्ड विजिट शुरू नहीं की गई है।

जलदाय विभाग का कंट्रोल रुम भी जारी नहीं हुआ : हर वर्ष 1 अप्रैल को जलदाय विभाग की ओर से कंट्रोल रुम बनाया जाता है। जहां पर पूरे जिले में कोई भी व्यक्ति शिकायत दर्ज कराने का अधिकार होता है। इसके साथ ही शिकायत के समाधान की समस्त जानकारी उपलब्ध होती है।

यह व्यवस्था पूरे जिले के लिए उपलब्ध होती है। आधा मई माह निकल चुका है। इसके बावजूद अभी तक विभाग की ओर से कंट्रोल रुम स्थापित नहीं हुआ है। इस ओर से अभी तक विधायक और अन्य जनप्रतिनिधी का ध्यान भी नहीं गया है।

शहर में आने लगी है शिकायतें

शहर के ब्रह्म स्थल कॉलोनी पर पिछले तीन से चार दिनों से पेयजल सप्लाई नहीं हो रही है। यहां के लोग बोरिंग सूखने के कारण बाजार से 800 से 1200 रुपए खर्च कर टैंकर मंगवा रहे हैं। इसके लिए कॉलोनी के लोगो के अधिकारियों के सरकारी मोबाइल नंबर पर फोन कर रहे है लेकिन कोई फोन रिसीव नहीं कर रहा है। यही स्थिति शास्त्री कॉलोनी क्षेत्र में आ रही है। इसके अलावा पत्रकार कॉलोनी, बाजार, पातेला, नवाडेरा क्षेत्र में अल्प समय के लिए पेयजल सप्लाई हो रही है। करीब 30 मिनट के लिए सप्लाई होने के कारण पेयजल की कमी हो रही है।

नियमों को भूलकर गायब है अधिकारी

गर्मी के मौसम में जलदाय विभाग के समस्त अधिकारियों को शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में फिल्ड विजिट का प्रावधान है। इसमें अंतिम छोर वाले मकान पर पानी पहुंचने की स्थिति, 70 मिनट तक प्रत्येक घर में पानी पहुंचाने का समय, प्रेशर और शुद्ध पेयजल सप्लाई देने की व्यवस्था को चेक करना है। इसके लिए अधीक्षण अभियंता (एसई), अधिशाषी अभियंता(एक्सईएन), सहायक अभियंता(एईएन) को रोज सुबह फिल्ड विजिट करनी है। इसकी रिपोर्ट सुबह 11 बजे तक ऑनलाइन अधिकारियों को पहुंचाने का प्रावधान है। इस ओर कोई भी ध्यान नहीं दे रहा है।

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