बंद आंखों के बजाय खुली आंख से सपना देखना श्रेष्ठ परिणाम देता है :आचार्य

Dungarpur News - कंसारवाड़ा में स्थित सोनियाजी मंदिर के नाम से प्रसिद्ध भगवान शांतिनाथ का दिगंबर जैन मंदिर और योगेंद्रगिरी पर...

Nov 20, 2019, 08:51 PM IST
कंसारवाड़ा में स्थित सोनियाजी मंदिर के नाम से प्रसिद्ध भगवान शांतिनाथ का दिगंबर जैन मंदिर और योगेंद्रगिरी पर नवनिर्मित भगवान मुनिसुव्रत नाथ दिगंबर जैन मंदिर के पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का आचार्य सुनील सागर महाराज के ससंघ सानिध्य में बुधवार को गर्भ कल्याणक महोत्सव के साथ ही भव्य अनुष्ठान एवं कार्यक्रमो की शुरुआत हो जाएगी।

वहीं पर बुधवार को आचार्य के सानिध्य में लोहारिया तालाब के टापू पर नवनिर्मित होने जा रहे पावापुरी प्रतिकृति स्वरूप भगवान महावीर स्वामी मंदिर का शिलान्यास भी होगा। निर्माण समिति के अध्यक्ष कुलदीप गांधी ने बताया कि बुधवार को शिलान्यास कार्यक्रम का आयोजन विधि विधान के साथ किया जाएगा। गांधी ने बताया कि तालाब पर पगल्याजी जैन मंदिर से अस्थाई पुल बनाया गया है और शिलान्यास की पूरी तैयारी कर ली गई है। समाज सेठ दिलीप कुमार नोगमिया ने बताया कि मंगलवार को आचार्य सुनील सागर महाराज ने पाड़वा से विहार कर सागवाड़ा नगर में मंगल प्रवेश किया। जहां सौधर्म इन्द्र दंपति पवन कुमार नलिनी गोवाडिया परिवार ने चंदन एवं पुष्पवटी से आचार्य का पाद प्रक्षालन कर आचार्य कर ससंघ की आरती करते हुए भव्य अगवानी की। इस अवसर पर समस्त इन्द्र इंद्राणी समाज सेठ दिलीप कुमार नोगमिया, 18हजार दशा हुम्मड दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष दिनेश खोडनिया, मुनि सुब्रतनाथ मंदिर के निर्माता खोडनिया परिवार सहित भारी संख्या में समाज जनों ने आचार्य का आशीर्वाद प्राप्त किया। आचार्य ने ऋषभ वाटिका में पहुंचकर धर्म सभा को संबोधित किया।

किसी भी कार्य की सफलता के लिए प्रार्थना और विश्वास होना जरूरी

आचार्य ने धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी कार्य की सफलता के लिए प्रार्थना, संकल्प और विश्वास का होना बहुत जरूरी है। बंद आंखों के बजाय खुली आंख से सपना देखना श्रेष्ठ परिणाम प्रदान करता है। आचार्य ने कहा कि खोडनिया परिवार ने महज 27 दिन में मंदिर का निर्माण कर मजबूत इच्छा शक्ति की एक मिसाल पेश की जो अनुकरणीय है। इससे पूर्व ऋषभ वाटिका में मंगलाचरण तथा भगवान श्रीजी का पंचामृत से अभिषेक एवं महा शांतिधारा हुई । इस अवसर पर सोधर्मेंद्र पवन कुमार गोवाडिया सहित सभी इन्द्र इंद्राणियों ने भगवान श्रीजी की नित्य पूजा अर्चना की। मुख्य प्रतिष्ठाचार्य पंडित हसमुख जैन के निर्देशन में पंडित भागचंद जैन, पंडित अजीत जैन, पंडित विनोद पगारिया तथा पंडित जनक शास्त्री ने नया मंदिर जूना मंदिर इन सेठो के मंदिर में जाप अनुष्ठान विधि प्रारंभ कर समस्त जापकर्ता को नियम और संकल्प प्रदान करवाया।

सागवाड़ा. श्रीजी को अर्घ्य समर्पित करते श्रद्धालु।

सागवाड़ा. आचार्य का पाद पक्षालन करते गोवाडिय़ा परिवार।

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