नदी में मछलियों को मारने के लिए डाल रहे थे विस्फोटक, हाथ में ही फटा, हथेलियों के चिथड़े उड़े

Dungarpur News - शहर के समीप सोमवार सुबह करीब नौ बजे दो नदी के किनारे मछलियों को मारने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा विस्फोटक एक युवक...

Oct 22, 2019, 08:31 AM IST
शहर के समीप सोमवार सुबह करीब नौ बजे दो नदी के किनारे मछलियों को मारने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा विस्फोटक एक युवक के हाथ में ही फट गया। इससे इसके दोनों हाथों की हथेलियों के चिथड़े उड़ गए। धमाके की आवाज के साथ ही आस-पास के लोग घटनास्थल की ओर दौड़े। यहां युवक को लहूलुहान हाल में देखकर 108 को सूचना दी। सूचना पर 108 मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से जख्मी युवक को जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां चिकित्सकों की टीम ने इलाज शुरू किया। चिकित्सकों के अनुसार इसकी दोनों हथेलियां पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई हैं। पुलिस की प्रारम्भिक पूछताछ में सामने आया कि इन्द्रखेत निवासी भेरा पुत्र रूपसी वगात मजदूरी का कार्य करता है और यह रोज की तरह सुबह घर से मजदूरी करने के लिए निकला था। परिजनों ने बताया कि नदी की ओर जाने के बारे में कुछ पता नहीं है। बताया जा रहा है कि यह अपने साथियों के साथ नदी किनारे आ गया था और मछलियों को मारने के दौरान यह हादसा हो गया। इस पूरे मामले में शाम चार बजे तक पुलिस को इसकी खबर ही नहीं थी। सदर थानाधिकारी कैलाश ने बताया कि अभी तक किसी ने इस बारे में सूचना नहीं दी है। अभी तत्काल अस्पताल पहुंच कर मामले की जांच करवाते हैं।

बड़ा सवाल : कहां से आया विस्फोटक

इस घटना के बाद दो नदी क्षेत्र में पड़ताल की तो सामने आया कि इस नदी किनारे इन दिनों बीसियों लोग धमाके के जरिए मछलियों को मार रहे हैं। इनका कहना रहा कि रविवार को दो नदी पुल के ठीक ऊपर ही एक ब्लास्ट हवा में ही हो गया था। ऐसे में ग्रामीण दौड़े, पर वो सभी भाग गए।

खेरवाड़ा और कल्याणपुर से विस्फोटक आने के मिले संकेत

इस खबर के बाद भास्कर से अवैध रूप से आने वाले इस विस्फोटक के बारे में पड़ताल की तो सामने आया कि कुछ दलाल इस अवैध कारोबार में सक्रिय है। भास्कर पड़ताल में सामने आया कि समीपवर्ती उदयपुर जिले के खेरवाड़ा और कल्याणपुर में रही हैं। के कुछ लाइसेंसी व्यापारी हैं। यहां दलालों के जरिए विस्फोटक यहां तक पहुंचता हैं। इनको संख्या के आधार पर गुल्ला दिया जाते है।

पर्यावरण को नुकसान

यह विस्फोटक माइन्स कारोबारियों के काम आता हैं। खदानों में ब्लास्ट करने के लिए इनका इस्तेमाल होता हैं। इसके लाइसेंस जयपुर से जारी होते हैं। इनमें गुल्ला, जिलेटिन की छड़ें होती है। मछलियों को मारने में भी कुछ लोग इसका अवैध रूप से उपयोग कर रहे है। यह पूरी तरह से गलत है। इसका इस्तेमाल करने के लिए दक्ष लोग होते है और कुछ कथित लाभ के लिए लाइसेंसी व्यापारी से इनकी खरीद फरोख्त करते है। गुल्ले में जिलेटिन व डिटोनेटर डाल कर माचिस की तीली लगाकर पानी में डालते है। पानी में फटने से गैस फैलती है और इससे मछलियां मर कर ऊपर आ जाती है। यह पर्यावरण के लिए भी भारी नुकसान है। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी ही चाहिए। -आसिफ मोहम्मद, एक्सपर्ट, विस्फोटक सामग्री।

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