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भुवनेश्वर शिवालय में बढ़ रहा है नंदी अाैर शिवलिंग का अाकार, अाज से भरेगा मेला
जिले के प्रसिद्ध भुवनेश्वर शिवालय में रंग पंचमी शनिवार से दो दिवसीय मेला भरेगा। बिछीवाड़ा मार्ग पर करोली ग्राम पंचायत में स्थित यह जिले के हजाराें-हजार लाेगाें की आस्था का परम धाम है। शिवालय में शिवलिंग अाैर नंदी दाेनाें ही स्वयंभू है।
यहां सालाें से दर्शन करने वाले लोगों एवं स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस शिवलिंग नंदी की स्वयं भू प्रतिमा का आकार बढ़ रहा है। मंदिर के गर्भ ग्रह में शिवलिंग के अलावा पंचमुखी भगवान विष्णु, लक्ष्मी माता व गणपतिजी मूर्ति भी विराजमान है। यही नहीं इसी पहाड़ी पर बसे मंगलेश्वर महादेव मंदिर में भी स्वयं भू शिवलिंग है। इसकी भुवनेश्वर शिवलिंग के समान आकृति बनी हुई है। इसी तरह भैरवजी व हनुमानजी की मूर्तियां भी है स्वयं भू हैं। भुवनेश्वर मंदिर ऐतिहासिक और प्राचीन है जिसका जीर्णोद्धार मंदिर ट्रस्ट की ओर से किया गया। अब तक इस मंदिर के जीर्णोद्धार में 1 करोड़ से ज्यादा रुपए खर्च हो चुके है। मंदिर में प्राचीन समय से यहां के आंजणा पटेल समाज बारा क्षेत्र द्वारा अखण्ड ज्योत दीपक शुद्ध घी से शुरू है। यह कभी भी बंद नही हुआ है। इस शिवालय में रोज भक्तों की भीड़ रहती है लेकिन रंग पंचमी, शिवरात्रि, सोमवार, एकादशी, पूर्णिमा पर मेला भरता है। सबसे बड़ा मेला मंदिर के उपलक्ष्य में होली के पांचवे दिन रंग पंचमी पर प्रतिवर्ष मेला भरता है। रंग पंचमी पर भरने वाले इस मेले में मंगलेश्वर पहाड़ी पर गैर खेली जाती है। मंगलेश्वर पहाड़ी पर शिवलिंग के अलावा मंगलनाथ जी की प्रतिमा एवं प्रसिद्ध गुरु बालक नाथ जी महाराज की धूणी बनी हुई है। जो अतिप्राचीन है। पहाड़ी पर भी 5 शिवलिंग स्वयंभू है। ये सभी शिवलिंग भुवनेश्वर महादेव के शिवलिंग के समान है लेकिन आकर में छोटे है।
रंगपंचमी पर आज ओबरी में होगी फूतरा उतारने की परम्परा
ओबरी। कस्बे में शनिवार को रंगपंचमी पर फूतरा पंचमी शौर्य प्रदर्शन के साथ मनाई जाएगी। पर्व काे लेकर शनिवार दोपहर में मुख्य बस स्टैण्ड पर ढोल नगाड़ों के साथ सर्व समाज की गेर हाेगी। ग्राम पंचायत की ओर से खजूर के पेड़ पर सफेद कपड़ा बांधा जाता है। शाम को राजपूत, ब्राह्मण और पाटीदार समाज के लोग एक दूसरे पर गुलाल एवं तिलक लगाकर एक दूसरे का स्वागत करते हैं। इसके बाद फूतरा छोड़ने की परम्परा निभाई जाती है। ब्राह्मण और पाटीदार समाज के युवा ढोल नगाड़ों की थाप और नाचते हुए भगवान जय श्री राम का जयकारा लगाते हुए फूतरा स्थल पर पहुंचते हैं। राजपूत समाज के युवा खजुर का पेड़ से फूतरा उतारने का प्रयास करते हैं। राजपूत समाज के जो युवा शौर्य फूतरा उतारने में सफल हाेता है, उसका स्वागत हाेता है।
धर्म समाज संस्था
नवलश्याम. 70 वर्ष पूराना भुवनेश्वर शिवालय की तस्वीर।
नवलश्याम. ड्रोन से लिए गया भुवनेश्वर शिवालय का फोटो।
नवलश्याम. स्वंभू शिवलिंग।