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डूंगरपुर से अहमदाबाद के बीच ट्रेन के लिए करना होगा अब और इंतजार

एक वर्ष पहले
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कोरोना वायरस के कारण डूंगरपुर से अहमदाबाद के बीच ट्रेन से सफर के लिए लोगों को और इंतजार करना पड़ेगा। ट्रैक को ओेके करने के लिए 26 मार्च को कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) का संभावित निरीक्षण फिलहाल टल गया है।

दरअसल डूंगरपुर से रायगढ़ के बीच अंतिम चरण में चल रहे आमान परिवर्तन का काम कोरोना वायरस संक्रमण के चलते फिलहाल धीमा पड़ गया है। होली मनाने के लिए बिहार, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश तथा महाराष्ट्र स्थित अपने घरों को गए मजदूरों में से 80 फीसदी वापस नहीं लौट सके हैं। होली के बाद मजदूर वापसी की राह पकड़ पाते उससे पहले ही कोरोना वायरस ने उनके रास्ते जाम कर दिए। अधिकारियों की मानें तो अब अप्रैल में सीआरएस होगा। डूंगरपुर से सामलाजी स्टेशन के बीच 70 किमी के ट्रैक का सीआरएस होना है। उदयपुर-हिम्मतनगर आमान परिवर्तन में डूंगरपुर से सामलाजी तक 70 किमी का खंड नार्थ वेस्टर्न रेलवे का सबसे बड़ा है। इस ट्रैक को तैयार करने में पिछले आठ-नौ सालों से लगातार काम चल रहा है। काम को जल्द पूर्ण करने के लिए रेलवे निर्माण विभाग, सिग्नल विभाग आदि के 20 से अधिक वरिष्ठ अधिकारी तथा 1000 कर्मचारी व मजदूर दिनोंरात जुटे हुए हैं। सीआरएस को देखते हुए अधिकारियों ने रेलवे स्टेशनों पर होली से पूर्व काम की गति बढ़ा दी थी। जबकि डूंगरपुर से सामलाजी रेलवे स्टेशन तक 90 फीसदी काम पूर्ण हो चुका है। रेलवे स्टेशन भवनों की रंगाई, पुताई भी हो चुकी है तथा सिग्नल केबल बिछाने का काम भी अंतिम चरण में हैं। बुकिंग विंडो, यात्रियों के बैठने के लिए स्टील की कुर्सियां, अधिकारियों व कर्मचारियों के कार्यालय तैयार होने लगे हैं। रेलवे ट्रैक को 110 से 120 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रेन चलने के लिहाज से तैयार कर दिया गया है, कहीं-कहीं थोड़ा काम बाकी है उसे भी तेज गति से किया जा रहा है। अधिकारियों की मानें तो डूंगरपुर से सामलाजी के बीच रेलवे स्टेशनों पर जो भी थोड़ा बहुत काम रह गया है, उसे 20 मार्च तक हरहाल में पूर्ण करना था लेकिन होली मनाने के लिए बिहार, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश तथा महाराष्ट्र अपने घरों के लिए गए मजदूरों में से अधिकांश की वापसी कोरोना वायरस के चलते फिलहाल अटकी हुई है। इनमें से कुछ मजदूर तो गत दिनों आ चुके हैं तथा कुछ मजदूर रास्ते में है। अनेक मजदूर ऐसे भी है जो अपने घरों से रवाना नहीं हो पाते उससे पहले ही कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर वहां के स्थानीय प्रशासन ने आवागमन के साधनों पर रोक लगा दी। ठेकेदार द्वारा मजदूरों से लगातार संपर्क किया जा रहा है।

करीब एक माह देरी से शुरू हो सकेगा ट्रेन संचालन : कोरोना वायरस संक्रमण के चलते समूचा महाराष्ट्र गहन निगरानी में हैं। सीआरएस भी मुंबई के अधिकारियों द्वारा किया जाना है। मुंबई से अधिकारियों का आना फिलहाल कैंसिल हो चुका है। इधर, स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि डूंगरपुर से सामलाजी के बीच ट्रेन संचालन का लक्ष्य मार्च अंत तक रखा गया था तथा लक्ष्य को पूरा करने के लिए काम भी तेज गति से किया जा रहा था लेकिन अब कोरोना वायरस का अड़ंगा आने से सीआरएस करीब एक माह तक आगे बढ़ गया है। अब वागड़वासियों का सुपरफास्ट ट्रेन से सफर का सपना अप्रैल बाद ही पूरा हो सकेगा।

अब जो भी मजदूर आएगा पहले कराएंगे जांच, ठेकेदार को सख्त हिदायत

डूंगरपुर से सामलाजी के बीच आमान परिवर्तन में करीब एक हजार से अधिक मजदूर काम पर लगे हैं। जिनके द्वारा ट्रैक की लेबलिंग, अलाइनमेंट, पैकिंग तथा सिग्नल केबलिंग व भवनों की फिनिसिंग आदि कामों में लगे हैं। अधिकांश मजदूर बिहार, उत्तरप्रदेश तथा महाराष्ट्र के हैं। कोरोना वायरस का असर भी इन्हीं प्रांतों में सबसे ज्यादा है। रेलवे निर्माण अधिकारियों ने ठेकेदारों को सख्त हिदायत दी है कि होली मनाकर अपने घरों से लौटने वाले किसी भी मजदूर को बिना मेडिकल परीक्षण के काम पर न रखा जाए। मेडिकल परीक्षण के उपरांत सबकुछ सामान्य होने पर ही उसे मजदूरी पर लिया जाए।

डूंगरपुर. रेलवे स्टेशन का पास का ट्रैक। मजदूरों के नहीं होने के कारण काम अटक गया है।
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