लोक परिवहन बसों का संचालन होगा बंद
लोक परिवहन बसों का जल्द ही परमिट निरस्त होने वाला है। जिला परिवहन अधिकारी ने लोक परिवहन बसों को तय परमिट से अन्य मार्ग पर संचालित करते हुए पाया गया है। इसके अलावा परिवहन विभाग के नियमों की पालना नहीं करने पर इन बसों के खिलाफ धारा 86 की कार्रवाई करते हुए क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी को पूरा मामला भेजने की बात कह रहे है। जहां पर लोक परिवहन की बसों का परमिट निरस्त करने की कार्रवाई आपेक्षित है। धारा 86 के तहत जिन बसों को निर्धारित रुट के अलावा बसों का संचालन करते हुए है। उनका रुट निरस्त कर दिया जाता है।
दैनिक भास्कर की ओर से फरवरी में लोक परिवहन बसों के संचालन पर खबर प्रकाशित की गई थी। इन खबरों में लोक परिवहन की ओर से परमिट की आड़ में अवैध बसों का संचालन किया जा रहा था। इसके अलावा इन बसों के फेरे भी अतिरिक्त चल रहे थे। खबर प्रकाशित होने के बाद परिवहन विभाग की ओर से त्वरित कार्रवाई करते हुए बसों के संचालन पर औपचारिकता के साथ कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाया। वहीं कुछ बसों में धारा 86 की कार्रवाई प्रस्तावित की गई है।
डूंगरपुर से ही धारा 86 की कार्रवाई जयपुर तक नहीं पहुंची : परिवहन विभाग की ओर से सितम्बर और फरवरी माह में लोक परिवहन की जांच कर अवैध संचालन पाया गया। इन बसों पर जुर्माना भी औपचारिकता मात्र लगाया। इसके बाद कुछ बसों के लिए धारा 86 की कार्रवाई प्रस्तावित रखी। इसके बाद आज तक इन बसों के खिलाफ फाइन नहीं बनाई गई। वहीं, लोक परिवहन बसों का धडल्ले से संचालन किया जा रहा है।
लोक परिवहन बसों के संचालन अवैध पाया गया है। कुछ बसों पर जुर्माना लगाया है। कुछ के परिवहन परमिट निरस्त कराने के लिए धारा 86 की कार्रवाई प्रस्तावित है। जल्द ही फाइल बनाकर उदयपुर भेजी जाएगी।
एनएल शाह, डीटीओ डूंगरपुर।
लोक परिवहन के खिलाफ सबसे ज्यादा शिकायत है। डूंगरपुर से फाइल आने के बाद फाइल को सीधे जयपुर भेजा जाएगा। वहां पर इन लोक परिवहन बसों को बंद करने का अधिकार है।
- प्रकाशसिंह राठौड़, आरटीओ उदयपुर।
भास्कर ने उजागर किया था फर्जीवाड़ा, 24 घंटे में जुर्माना लगाकर वसूली करने का अधिकार
राष्ट्रीय और राज्य मार्ग पर किसी भी वाहन का बगैर परमिट के वाहन संचालन करने पर 24 घंटे में जुर्माना लगाने का नियम है। इस नियम के तहत किसी भी वाहन पर 500 रुपए से लगाकर 40 हजार तक का जुर्माना लगाने का अधिकारी जिला परिवहन अधिकारी के पास होता है। ऐसे में डूंगरपुर से उदयपुर चलने वाली लोक परिवहन बसों पर परिवहन अधिकारी की ओर से 500 रुपए से लेकर अधिकतम 10 हजार का जुर्माना लगाकर औपचारिकता पूरी की गई थी। इसमें लगातार जुर्माना लगाकर बस संचालकों को बंद भी किया जा सकता था। इसके बावजूद औपचारिकता करते हुए धारा 86 की कार्रवाई प्रस्तावित कर दी।
परिवहन विभाग ने यह की कार्रवाई
} लोक परिवहन की बस आरजे 27 पीबी 1191 की चेकिंग 13 सितम्बर 2019 को करते हुए 10 हजार का जुर्माना लगाया। इसके इस बस पर कभी भी जुर्माना नहीं लगा।
} बस संख्या आरजे 27 पीए 8684 को भी 13 सितम्बर 2019 को भी 10 हजार जुर्माना लगाया। इसके बाद 25 फरवरी को इसी बस के लिए धारा 86 की कार्यवाही प्रस्तावित की गई।
} आरजे 27 पीए 8676 बस को भी 13 सितम्बर को 10 हजार का जुर्माना लगाया। इसके बाद 25 फरवरी को धारा 86 की कार्रवाई प्रस्तावित की गई।
} आरजे 12 पीए 8690 बस को 23 सितम्बर धारा 86 की कार्रवाई प्रस्तावित रखी। इसी प्रकार आरजे 12 पीए 8684 पर 6 दिसंबर धारा 86 की कार्रवाई प्रस्तावित रखी। आरजे 27 पीए 8690, आरजे 27 पीए 8676, आरजे 27 पीए 8690, आरजे 27 पीए 8684, आरजे 12 पीए 5323, आरजे 12 पीए0882, आरजे 12 पीए0788 पर 25 फरवरी को धारा 86 की कार्रवाई की गई।
25 फरवरी को प्रकाशित समाचार