विद्यार्थियों को परेशान करना, अपमान जनक टास्क देना भी रैगिंग

Dungarpur News - भास्कर संवाददाता | डूंगरपुर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण डूंगरपुर के तत्वावधान में एंटी रैगिंग कानून, एचआईवी व...

Bhaskar News Network

Sep 14, 2019, 08:21 AM IST
Dungarpur News - rajasthan news ragging to harass students even give insulting tasks
भास्कर संवाददाता | डूंगरपुर

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण डूंगरपुर के तत्वावधान में एंटी रैगिंग कानून, एचआईवी व अन्य शारीरिक रूप से संक्रमित रोगों पर मेडिकल कॉलेज में विधिक साक्षरता शिविर हुआ। अध्यक्षता प्राधिकरण के सचिव अमित सहलोत ने की। इस दौरान मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य शलभ शर्मा मौजूद रहे।

प्राधिकरण के सचिव ने कहा कि रैगिंग स्कूलों और कॉलेजों में सीनियर्स और जूनियर्स के बीच सामाजिक संपर्क मात्र है। एक साधारण बातचीत जो कई बार बहुत क्रुर, अमानवीय और असामाजिक रूप ले सकती है। पिछले दशक में उच्च शिक्षण संस्थानों खासकर इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों में रैगिंग के भयावह रूप को देखने के बाद यूजीसी ने रैगिंग के खिलाफ कई कड़े नियम बनाए थे। अगर संस्थान या हॉस्टल में किसी स्टूडेंट (छात्र या छात्रा) को उसके रंगरूप या पहनावे के आधार पर टिप्पणी की जाए और उसके स्वाभिमान को आहत किया जाए। उसे अजीबोगरीब नाम लेकर पुकारने और प्रताडि़त करने को भी रैगिंग माना जाएगा। किसी स्टूडेंट को उसकी क्षेत्रीयता, भाषा या जाति के आधार पर अपमान जनक नाम लेकर पुकारना और प्रचलित करना भी रैगिंग की श्रेणी में आएगा। स्टूडेंट की नस्ल या पारिवारिक अतीत या आर्थिक पृष्ठभूमि को लेकर उसे लज्जित करना और अपमान करना रैगिंग माना जाएगा। छात्राओं खासकर नई छात्राओं को अजीबोगरीब नियमों के तहत परेशान करना या अपमान जनक टास्क देना भी रैगिंग माना जाएगा। यूजीसी ने स्पष्ट कहा है कि यदि धर्म, जाति या क्षेत्रीयता के आधार पर किसी छात्र को मजाक से भी अपमानजनक लगता है तो उसे रैगिंग की श्रेणी में माना जाएगा। दोषियों पर रैगिंग रेग्यूलेशन एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी, जिसका उदाहरण कानपुर आईआईटी के 22 छात्रों को मिली सजा के तौर पर देखा जा सकता है।

रैगिंग के खिलाफ सबसे कड़ी सजा दोषी को तीन साल तक सश्रम कैद है। रैगिंग विरोधी कानून की बात की जाए तो अब किसी भी कॉलेज में रैगिंग एक बड़ा अपराध है। रैगिंग का दोष साबित होने छात्रों को तो सजा मिलेगी ही, साथ ही संबद्ध कॉलेज पर भी कार्रवाई होगी आर्थिक दंड भी लगाया जाएगा।





रैगिंग छात्रों की छात्रों द्वारा की जाने वाली समस्या है, अत: इसका उपाय भी छात्रों द्वारा ही संभव है। इस दौरान एसीएमएचओ आरएस वर्मा, डा. हितेश बाबेल, डॉ. अजय परमार विधिक सेवा प्राधिकरण के लिपिक कन्हैया लाल भगोरा उपस्थित रहे।

डूंगरपुर. मेडिकल कॉलेज में विद्यार्थियों को संबोधित करते प्राधिकरण के सचिव।

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