साध्वी ने कहा-बम और बारूद से ही नहीं, शब्दों के हमले भी मन को छलनी कर देते हैं

Dungarpur News - दीदी मां साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि आज मेरा मन काफी व्याकुल है। जेएनयू जैसी यूनिवर्सिटी में पढऩे वाली हमारी ही...

Feb 15, 2020, 08:21 AM IST
Dungarpur News - rajasthan news sadhvi said not only with bombs and ammo attacks of words also sieve the mind

दीदी मां साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि आज मेरा मन काफी व्याकुल है। जेएनयू जैसी यूनिवर्सिटी में पढऩे वाली हमारी ही संतानें हैं जो देश विरोधी नारे लगाती है, देश की संपत्ति को जलाकर नुकसान पहुंचा रही है। सोचती हूं हमसे गलती हुई है। बम और बारूद से ही हमले इंसान को जान से मारती है, लेकिन शब्द के हमले हमें वर्षों से तक अंदर से हर रोज मारते हैं। यह अब थामना चाहिए। भारत देश की माताओं का इतिहास है, जब जब देश पर संकट आया है। माताओं ने बागडोर संभाली है। मेरा माताओं से आग्रह है कि संतानों को ऐसी शिक्षा दो कि देश भक्त बने, देशद्रोही नहीं।

दीदी मां साध्वी ने शुक्रवार को गेपसागर पर श्रीनाथजी मंदिर के सामने वात्सल्य सेवा समिति की ओर से आयोजित वात्सल्य वाणी-राष्ट्र के नाम कार्यक्रम माता-बहनों को प्रवचनों में कही। दीदी मां साध्वी ने मंच पर अपने प्रवचनों की शुरुआत देशभक्ति गीत... मैं रहूं या न रहूं भारत ये रहना चाहिए...सिलसिला मेरे बाद ये यूं ही चलना चाहिए... मैं रहूं या न रहूं भारत ये रहना चाहिए....। दीदी मां ने डूंगरपुर की स्वच्छता और सुंदरता की तारीफ करते हुए कहा कि सभापति केके गुप्ता ने जो सुंदर सपना संजोया था आज उसी का परिणाम है कि डूंगरपुर की पहचान दुनिया में हैं। यहां सुंदरता को अब आपको संभालकर रखना है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म आज सांसें लेता है तो माताओं की श्रद्धा से ही लेता है। भारत का इतिहास इसका गवाह है कि माताओं के प्रदान संस्कारों से सदाचारी और दुराचारी हुए हैं। ब्राह्मण कुल में जन्म लेने के बाद लंकापति रावण को उसकी मां से आसुरी प्रवृति मिली लेकिन राक्षस कुल में जन्म लेने के बाद भी भक्त प्रहलाद को उसकी मां से प्रभु की भक्ति का मार्ग मिला। उन्होंने भारत की नारी का परिचय देते हुए कहा कि मैं उन शेरों की मां हूं जो रण में दुश्मन को ढेर करता है। मैं जौहर की भीषण ज्वाला हूं... मेरा परिचय सिर्फ इतना है कि मैं भारत की तस्वीर हूं। दीदी मां ने कहा कि धन्य है मेवाड़-वागड़ की धरा, जहां ऐसी वीर क्षत्राणी बालाओं के कदम पड़े कि जिन्होंने अपने शील की रक्षा में जौहर की अग्नि का आलिंगन किया। हमारा देश श्रवण कुमार है, और मैं यहां वृद्धाश्रम और नारी निकेतनों को देखकर काफी व्यथित हूं। यह हमार संस्कृति नहीं हैं। मैं माता बहनों से एक ही आग्रह करती हूं, संतानों को तुलसी का पौधा मानकर गंगाजल से सिंचित करो, नशा या फिर शराब से नहीं। संतानों को देशभक्त बनाओ। दीदी मां ने कहा संकल्प करो तो उस पर दृढ़ रहो। लेकिन संकल्प को पूरा करने के लिए दुराचारी भी मत बनो। हमने राम मंदिर का संकल्प किया था। सन् 1990 में मैंने यहां कहा था सौगंध राम की खाते हैं, मंदिर वहीं बनाएंगे और अब रामजी का मंदिर बनेगा, धूमधाम से। दीदी मां ने कहा- मैं आपसे कुछ मांगने आई हूं, हिंदुओं तुम्हारा परिचय बहुत है। एकजुट हो जाओ, एक परिचय बनाओ और वो है देशभक्त का। दीदी मां ने शाम को 5.46 पर अपना प्रवचन शुरू कर 6.37 पर पूर्ण किए। इस दौरान 52 मिनट तक माताओं को अपने बच्चों में देशभक्ति का संचार करने पर जोर दिया। कार्यक्रम में ध्यानयोगी उत्तम स्वामी महाराज ने कहा कि मैंने मां पार्वती को देखा नहीं लेकिन दीदी मां के रूप में मुझे तीनों देवियों के दर्शन हो गए। कार्यक्रम में अनेक महंत व संत, नगर परिषद सभापति केके गुप्ता, परिषद के पार्षद, वात्सल्य सेवा समिति के सदस्य तथा काफी संख्या में शहरवासी दीदी मां को सुनने आए।

दीदी मां के भ्रमण कार्यक्रम में चार पांच गाडिय़ों के काफिले के आगे कई युवा बाइक से चल रहे थे। भीतरी शहर के पातेला बस्ती में जाने के दौरान महा रावल स्कूल के पास पुलिस ने बाइक रैली को रोक दिया और आगे पैदल चले।

सभापति निवास पर दीदी मां और ध्यान योगी उत्तम स्वामी का पाद प्रक्षालन

दीदी मां साध्वी ऋतंभरा का शहर आगमन दोपहर करीब एक बजे सभापति के के गुप्ता के निवास पर हुआ। यहां सभापति ने अपनी धर्मप|ी सुशीला गुप्ता के साथ दीदी मां और ध्यान योगी उत्तम स्वामी के साथ पाद प्रक्षालन किया। कार्यक्रम में सभापति का परिवार तथा काफी संख्या में अन्य लोग भी शामिल हुए।

दीदी मां ने शहीद पार्क में शहीदों को दी श्रद्धांजलि

प्रवचनों के पूर्व दीदी मां काफिले के साथ भीतरी शहर के पातेला में निवासरत यादव समाज के लोगों के बीच पहुंची। यहां उन्होंने महिलाओं से चर्चा की। इससे पूर्व दीदी मां ने शहीद पार्क पहुंचकर पुलवामा शहीदों को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। नगर परिषद द्वारा संचालित लाइब्रेरी का अवलोकन किया तथा यहां पढ़ाई को आने वाले प्रतियोगी विद्यार्थियों को मन लगाकर मेहनत करने का आशीर्वाद दिया। नगर परिषद के उन्नति सेंटर पहुंचकर यहां काम कर रही महिलाओं से मिली और उनके काम की तारीफ की। दीदी मां बर्ड सेंचुरी पार्क व बादल महल का भी भ्रमण किया।

धर्म समाज संस्था**

डूंगरपुर. बादल महल का भ्रमण करते साध्वी ऋतंभरा, उत्तम स्वामी, सभापति समेत अन्य गणमान्य नागरिक।

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