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मलेरिया रोकने की प्लानिंग 15 मई से शुरू जिम्मेदार डिप्टी सीएमएचओ काे पता ही नहीं

2 वर्ष पहले
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चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग का कार्य काफी संजीदा होता है। यह लोगों की सेहत से जुड़ा विभाग है, लेकिन विभाग के डिप्टी सीएमएचओ हेल्थ की तरफ से निकाले गए एक आदेश ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को ही हैरान कर दिया है।

मलेरिया प्लानिंग से जुड़ा सारा कार्य डिप्टी सीएमएचओ हेल्थ के तहत आता है। विभाग ने प्रथम चरण के तहत डीडीटी स्प्रे छिड़काव का काम 15 मई से शुरू कर दिया है। अब विभाग के अधिकारी 28 जून को पत्र लिखकर जानकारी मांग रहे हैं। ऐसे में कई सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में मलेरिया से जुड़े कार्य पर भी सवाल उठना लाजमी है। डिप्टी सीएमएचओ ने सहायक मलेरिया अधिकारी को 28 जून को पत्र लिखकर डीडीटी स्प्रे के चिन्हित क्षेत्रों में आप की ओर से कितने दलों का गठन किया हंै। कितने वर्कर कार्यरत है। प्रत्येक दल के साथ कितने सदस्य है। प्रत्येक दल की नामवार सूची, कौनसा दल कब-कब, कहां-कहां छिड़काव के लिए जाएगा। कितने मस्टररोल जारी किए गए। डीडीडी स्प्रे के लिए अपनाए गए वित्तीय नियमों से अविलंब अवगत कराने के निर्देश दिए है। मलेरिया रोकथाम की प्लानिंग चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की तरफ से पहले ही बना दी है। ऐसे में अब 40 दिन बाद जानकारी मांगने से कार्यशैली पर सवाल उठना शुरु हो गए है।

डूंगरपुर. डिप्टी सीएमएचओ की तरफ से निकाला गया आदेश।

इनके पास ही विभाग, जानकारी ही नहीं
मलेरिया से जुड़ा विभाग डिप्टी सीएमएचओ हेल्थ के पास है। 15 मई से डीडीटी का छिड़काव शुरू हो चुका है। अभी तक इनको यह जानकारी ही नहीं है कि कितने दलों का गठन किया है, कितने वर्कर कार्यरत है। कौनसा दल कब-कब और कहां-कहां छिड़काव के लिए जाने वाला है, इसकी जानकारी ही नहीं है। ऐसे में मौके पर जाकर आकस्मिक स्थिति तो देख भी नहीं पाएंगे। वहीं सहायक मलेरिया अधिकारी से ही डीडीटी स्प्रे के लिए अपनाए वित्तीय नियमों से अवगत कराने निर्देशित कर दिया है। इनके निकाले गए आदेश चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के बीच ही जगहंसाई का कारण बन रहे हैं।

डिप्टी सीएमएचओ ने गलत आदेश निकाला है। मलेरिया से जुड़ा विभाग उनके पास ही है। निकाले गए पत्र को लेकर उनसे स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है। उनसे इस मामले में बातचीत की जा रही है। ऐसा आदेश नहीं निकालना चाहिए था। -डॉ महेंद्र परमार, सीएमएचओ,

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