शिखर पर ध्वजा धर्म संस्कृति का प्रतीक होता है : आचार्य हेमचन्द्रजी

Dungarpur News - आचार्य विजय हेमचन्द्र सुरीश्वर महाराज ने कहा कि किसी भी जिनालय पर फहराता धर्मध्वज हमारी संस्कृति का प्रतिक है...

Feb 27, 2020, 08:10 AM IST

आचार्य विजय हेमचन्द्र सुरीश्वर महाराज ने कहा कि किसी भी जिनालय पर फहराता धर्मध्वज हमारी संस्कृति का प्रतिक है और यह हमें जीवन में सदैव धर्म मार्ग की ओर अग्रसर होने का पथ दिखाता है।

आचार्यश्री ने यह बात जैन सोसायटी स्थित संभवनाथ जिनालय के 25 वीं वर्षगांठ निमित आयोजित ध्वज परिवर्तन कार्यक्रम में कही। उन्होंने कहा कि जिनालय हमारी आस्था का प्रतिक है। जहां जिन दर्शन के बाद मनुष्यों को सन्मार्ग की ओर जाने का मार्ग प्रशस्त होता है। वर्तमान परिपेक्ष्य में जब भी मनुष्य धर्म मार्ग से विमुुख हुआ, वह नाना प्रकार के दु:खों को आमंत्रित करता है। ऐसे में हमे अपनी धर्म संस्कृति को अपनाकर जीवन पथ पर अग्रसर होना चाहिए। वर्षगांठ निमित आचार्यश्री की निश्रा में ध्वजा के लाभार्थी रंजनीकान्त बसंतलाल पटवा के सानिध्य में गाजे बाजे के साथ निवास स्थान से माथे पर ध्वजा धारण कर चतुविध संघ के सानिध्य में विभिन्न स्थानों से होते हुए संभवनाथ जिनालय पहुंचे। यहां आचार्यश्री द्वारा मांगलिक सुनाया। साथ ही विधि विधान के साथ शिखर पर जयकारों के बीच ध्वजा परिवर्तन की गई। सुबह भगवान का दुग्धाभिषेक, जलाभिषेक, केसरपूजा, फूलपूजा के बाद स्नात्र पूजा का आयोजन हुआ।

धर्म समाज संस्था**

संभवनाथ जिनालय के शिखर पर ध्वजा परिवर्तन करते लाभार्थी परिवार।

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