जहां पक्षपात नहीं वहां किसी प्राणी को पीड़ा नहीं हो सकती : आचार्य अनुभव सागर

Dungarpur News - प्रगति नगर स्थित जैन जिनालय में धर्म सभा को संबोधित करते हुए आचार्य अनुभव सागर महाराज ने कहा कि प्रवचन पांडाल में...

Bhaskar News Network

Aug 19, 2019, 09:00 AM IST
Dungarpur News - rajasthan news where there is no partiality no animal can suffer acharya anubhav sagar
प्रगति नगर स्थित जैन जिनालय में धर्म सभा को संबोधित करते हुए आचार्य अनुभव सागर महाराज ने कहा कि प्रवचन पांडाल में बैठा हुआ हर व्यक्ति धर्मात्मा नहीं है। आचार्य कहते हैं कि पाप करते कम हैं किंतु पाप का स्मरण हमेशा बना रहता है जबकि धर्म सुनते बहुत हैं। परंतु उसका स्मरण आवश्यक समय पर चूक जाता है। संतो ने कहा है कि जिस दिन संसारी प्राणी को विस्मरण और धर्म स्मरण का अभ्यास हो जाए उसी दिन उसी क्षण संसार के विसर्जन का प्रारंभ हो जाए।

जैन आचार्यों ने एक वस्तु में एक समय में अनेक धर्मों के सद्भाव को स्वीकार किया है। इसे अनेकांत कहा गया है अपने अस्तित्व के साथ दूसरे के अस्तित्व को भी उतनी ही सहजता से स्वीकार कर लेना इस अनेकांत सिद्धांत का ही परिणाम है। अनेकांत सिद्धांत को प्रस्तुत करने का तरीका स्याद्वाद कहलाता है। जहां सभी के अस्तित्व की सहज स्वीकारोक्ति हो वहां पक्षपात नहीं हो सकता और जहां पक्षपात नहीं वहां किसी भी जीव को पीड़ा का प्रश्न ही उत्पन्न नहीं होता। जहां पीड़ा से रहित जीवन है वहीं जैन धर्म निवास करता है। धर्म सभा से पूर्व मुंबई, अहमदाबाद, उदयपुर, परतापुर, पालोदा, सागवाड़ा, केसरियाजी आदि स्थानों से आए श्रावक व नरेश जीवराज रामगढ़ ने गुरुदेव का पाद प्रक्षालन, आरती, अभिषेक का लाभ लिया। हर रविवार की भांति बच्चों की पाठशाला लगी इसमें आसपास के गांवों से बच्चों ने अध्ययन किया। श्रीपाश्र्व महिला मंडल की अनुराधा जैन व सदस्यो ने गुरुदेव की पूजा अर्चना की।

धर्म समाज संस्था

डूंगरपुर. धर्मसभा में आचार्य की आरती उतारते श्रद्धालु।

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