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शहर के रेलवे-राजपुर फीडर से आधा दर्जन गांवों को मिल रही है सप्लाई

शहर के नया अस्पताल 33 केवी जीएसएस से निकलने वाले राजपुर रेलवे फीडर से करीब आधा दर्जन गांवों को बिजली सप्लाई मिल रही...

Danik Bhaskar | Sep 12, 2018, 04:00 AM IST
शहर के नया अस्पताल 33 केवी जीएसएस से निकलने वाले राजपुर रेलवे फीडर से करीब आधा दर्जन गांवों को बिजली सप्लाई मिल रही है। इन गांवों में करीब 30 किमी. लम्बी लाईन शहर के फीडर से जुड़ गई है।

जिससे इन लाइनों में फाल्ट आने के कारण करीब 8 से 10 घंटे तक बिजली कटौती होती रही है। जिससे शहर के करीब 2 हजार उपभोक्ताओं को हर बार परेशानी हो रही है। शहर के राजपुर रेलवे फीडर का नया अस्पताल जीएसएस से निकलता है। जिससे प्रतापनगर, राजपुर मोड, राजपुर मोहल्ले और रेलवे तक सप्लाई जाती है। जिसके लिए इन शहरी उपभोक्ताओं को नगरीय उपकर और अन्य टैक्स लगाए गए हैं। वहीं इस जीएसएस से डूंगरपुर ग्रामीण सब डिविजन के आधा दर्जन गांवों को जोड़ दिया है।

जिसमे ददोडिय़ा, इंद्र खेत, लक्ष्मपुरा, गुमानपुरा, सुरपुर, थाणा मेडिकल कॉलेज और पादरड़ी गांव के लोग है। डिस्कॉम के अधिकारियों ने बहुत वर्ष पहले राजनीतिक दबाव से इन गांवों को शहर से जोड़ रखा था। जिसके कारण इन गांवों में 24 घंटे सप्लाई मिले। अब इन गांवों के कारण शहर उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है।

राजपुर के लोगों ने मुख्यमंत्री को दी थी शिकायत

4 अगस्त को मुख्यमंत्री की जिले की यात्रा में राजपुर मोहल्ले के लोगों ने दस वर्ष से परेशानी को उनके समक्ष रखा था। जिसके बाद मुख्यमंत्री ने एवीवीएनएल एमडी को 15 अगस्त तक समस्त ग्रामीण क्षेत्र को शहरी जीएसएस से हटाने के निर्देश दिए थे। इसकी पालना रिपोर्ट जयपुर भेजने के निर्देश दिए थे।

स्थानीय जनप्रतिनिधी ने डिस्कॉम के अधिकारियों का काम रोका

डिस्कॉम के अधिकारियों ने ग्रामीण क्षेत्रों को शहरी जीएसएस से हटाने के लिए करीब 10 लाख के प्रस्ताव बनाकर काम भी शुरू कर दिया था। जिसके बाद ग्रामीण क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों ने इस काम को रोकने के लिए डिस्कॉम पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। उन्हें नगरीय उपकर और अन्य टैक्स दिए बगैर 24 घंटे बिजली सप्लाई मिलती है। जिससे उन्हें आर्थिक लाभ होता है। जिससे बचने के लिए उन्होंने डिस्कॉम के अधिकारियों पर दबाव बनाकर फीडर पृथक्करण के काम को रोक रखा है।

कई सरकारी कार्यालय भी ट्रिपिंग से परेशान

राजपुर-रेलवे फीडर से पीएचईडी अधीक्षण अभियंता कार्यालय, एक्सईएन ऑफिस, राजपुर पटवार मंडल और स्कूल जुडे हुए है। जहां पर अधिकांश काम कंप्यूटर पर आधारित है। ऐसे में दिनभर ट्रिपिंग और कम वोल्टेज से विभाग के अधिकारी भी परेशान है। उन्होंने कई बाद डिस्कॉम के अधिकारियों को ग्रामीण फीडर बदलने की मांग कर रखी है।

ग्रामीण 30 किमी. के क्षेत्र में तीन जीएसएस

शहर से सप्लाई लेने वाले ग्रामीण क्षेत्र पादरड़ी, लक्ष्मपुरा, गुमानपुरा, इन्द्रखेत, ददोडिय़ा, सुरपुर और मेडिकल कॉलेज की सुविधा के लिए ग्रामीण क्षेत्र में तीन जीएसएस बने हुए हैं। जिसमें थाणा, सतीरामपुर और सुरपुर जीएसएस है। इन जीएसएस से इन ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने से ट्रिपिंग की समस्या लगभग कम हो जाएगी। वहीं शहरी क्षेत्र के उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।