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दक का जवाब: एक दिन पहले भाजपा में आने की बात कही थी, वो जीतने के बाद मुकर गए

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 04:35 AM IST

दक का जवाब: एक दिन पहले भाजपा में आने की बात कही थी, वो जीतने के बाद मुकर गए
चौधरी: डोडा चूरा की सरकारी खरीद मध्यप्रदेश में वापस हो रही है, लेकिन राजस्थान में आप आवाज नहीं उठा रहे। क्या स्वार्थ है?

- दक: कांग्रेस के लंबे शासन में आप खुद डोडा चूरा का व्यवसाय करते थे। मात्र दो रुपए किलो के भाव से खरीदकर किसानों का जमकर शोषण किया। सबसे पहले हमारी सरकार ने डोडा चूरा के भाव बढ़ाकर किसानों को राहत दी थी। कानूनन प्रतिबंधित करने से अब खरीद बंद हुई।

चौधरी: नगर पालिका में आपका बहुमत होते हुए भी हमारा बोर्ड बना। अब आपके ही लोग आपसे नाराज हैं?

- दक: कांग्रेस पार्षद ने अध्यक्ष चुनाव के एक दिन पूर्व स्वयं आकर हमारे पदाधिकारियों के सामने भाजपा में शामिल होने की बात कही। जीतने के बाद वे अपनी बात से मुकर गए।

चौधरी: नगरपालिका के एनओसी नहीं देने से ब्राडगेज का काम बंद हो गया। ठेकेदार के साथ कई स्थानीय लोग बर्बाद हो गए।

- दक: आपको तथ्यों की जानकारी नहीं। नपा की एनओसी 9 मार्च 2017 काे जारी हो गई थी। यहां की ग्रेवल केवल 4-5 किमी तक काम आती है। उससे पूरा 90 किमी का काम नहीं रुक सकता। ठेकेदार की लापरवाही से काम धीमा हुआ तो रेलवे ने टेंडर निरस्त कर दिया। अब पूरे मार्ग को पांच खंड में बांटकर नए सिरे से टेंडर किए। काम जल्द पूरा होगा।

चौधरी: बड़ीसादड़ी-मावली ब्राडगेज और 132 करोड़ की मंगलवाड़-नीमच सड़क 2013 में कांग्रेस सरकार में मंजूर हो गई थी। आप कैसे इनका श्रेय बटोर रहे है?

- दक: आपकी सरकार में मात्र घोषणाएं होती थीं, काम नहीं। बड़ीसादड़ी-मंगलवाड़ सड़क की स्वीकृति 28 मार्च 2015 को हमारी सरकार ने की। अप्रैल में टेंडर और मई में वर्कऑर्डर हुआ। अब काम होने को है। बांसी-होड़ा चौराहा सड़क का काम भी पूरा होने वाला है। ब्राडगेज लाइन का बजट भी मोदी सरकार ने जारी किया।

चौधरी: घटिया निर्माण के कारण आपके कार्यकाल में बनी सड़कें टूट गई। डूंगला पंस में दूसरे लोग टेंडर भी नहीं डाल सकते?

- दक: आपके समय नई सड़कें बनी ही नहीं। हमारी सरकार ने पुरानी सड़कों के गडढ़े भरने के अलावा नई सड़कों का जाल बिछा दिया। यदि कहीं घटिया निर्माण हुआ तो आपको खुद जाकर भी काम रुकवाना था या हमें जानकारी दे तो तत्काल कार्रवाई कराएंगे। पंस में कोई टेंडर ही नहीं होते तो किसी को रोकने का क्या सवाल? कार्यकारी एजेंसी तो पंचायतें होती है।

गौतम दक

गौतम दक बड़ीसादड़ी से विधायक है। इससे पहले भाजपा मंडल अध्यक्ष रहे। सत्तासीन विधायक होने के नाते जिम्मेदारी बनती है कि जनता की वाजिब मांगों को सरकार के सामने रखकर पूरा करवाएं।

प्रकाश चौधरी

प्रकाश चौधरी कांग्रेस संगठन में विभिन्न पदों पर रहने के बाद बड़ीसादड़ी से लगातार दो बार विधायक रहे। ऐसे में जिम्मेदारी है कि जनता के हित में आवाज उठाएं। सरकार के गलत फैसलों का विरोध करें।

दक- आप शराब कारोबार में जेल तक गए, भय फैलाया

चौधरी का जवाब: गलत पैनल्टी लगाने से केस बना था, टैक्स बोर्ड ने फिर से जांच शुरू कराई है

दक: आप शराब कारोबार में फर्जी परमिट से स्प्रीट परिवहन करने के मामले में जेल भी गए। टैक्स चोरी पर करोड़ों रुपए का जुर्माना लगा।

- चौधरी: हमारी कंपनी ने कोई टैक्स चोरी नहीं की। दूसरे प्रदेश में परमिट पर माल भेजा। राजनीतिक द्वेष से गलत पैनल्टी लगाई। टैक्स बोर्ड कोर्ट ने इस केस में पुन: जांच के निर्देश दिए हैं।

दक: पिछली वसुंधरा सरकार में पिंड बांध मंजूर हुआ। आपकी सरकार ने उसे लटकाए क्यों रखा?

- चौधरी: आपकी सरकार प्रभावित किसानों को मात्र 40 हजार रुपए प्रति बीघा से मुआवजा दे रही थी। हमने केंद्र सरकार के नए भूमि अधिग्रहण कानून का इंतजार किया। इसी कारण किसानों को तीन-चार लाख रुपए बीघा से मुआवजा मिला। हमने स्वीकृति दे दी थी पर चुनाव आचार संहिता लागू होने से काम अटक गया।

दक: आपने विधायक रहते हुए कहा कि चुनाव मात्र विकास से नहीं जीते जाते। शराब भी बांटनी पड़ती है। क्या राजनीति में यह उचित है।

-चौधरी: मैंने ऐसा कुछ नहीं कहा। युवक कांग्रेस के सम्मेलन में ऐसे किसी विषय पर चर्चा चल रही थी। उस पर भाजपा वालों ने ही मेरे वक्तव्य को गलत तरीके से पेश कराया था। क्षेत्र का हर नागरिक जानता है कि मैंने दस साल में कितने काम कराए हैं।

दक: दस साल विधायक रहते हुए परिवारवाद से भय का माहौल बना दिया। प|ी को नपा चेयरमैन बनाया। साले पर एसएचओ व भाई पर पूर्व नपा चेयरमैन तक से मारपीट के मामले दर्ज हुए?

-चौधरी: परिवारवाद से तो आप राजनीति में आए। आपके पिता प्रधान रहे। चुनाव में सामान्य वर्ग से कोई महिला तैयार नहीं हुई तो मजबूरी में प|ी को चेयरमैन बनवाना पड़ा। एसएचओ के साथ मारपीट के मामले में निर्दोष होने से मेरा साला कोर्ट से बरी हो गया पर वो ही एसएचओ बाद में हरियाणा पुलिस की गिरफ्तारी से जेल गया। क्योंकि वो अवैध शराब कारोबार में लिप्त थे। भाई हो या साला। मैंने कभी पुलिस कार्रवाई नहीं रुकवाई। जो जैसी गलती करेगा, वैसा भुगतेगा।

दक: आपको विधायक रहते हुए भी मांग मनवाने के लिए टॉवर पर चढ़ना पड़ा। सरकार में आपकी इतनी सी भी नहीं चलती थी?

-चौधरी: मैं जनता का सेवक हूं। आम आदमी की तकलीफ दूर करने के लिए मरना पड़े तो भी तैयार हूूं। सरकार किसी की हो। जनता की वाजिब मांग पूरी नहीं हो तो आंदोलन करने का हक सबको है और वैसे भी दस के दौरान कितने काम कराए हैं, यह क्षेत्र का बच्चा-बच्चा जानता है।

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