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चाटुकारों का लिखा इतिहास प्रेरणा नहीं दे सकता, निष्पक्ष विद्वानों की कमेटी से इसका पुनर्लेखन कराना चाहिए: राज्यपाल

वीरांगना अवंतीबाई लोधा की प्रतिमा अनावरण समारोह में मुख्य अतिथि राज्यपाल कल्याणसिंह ने कहा कि जो समाज अपने...

Dainik Bhaskar

Feb 22, 2018, 02:35 AM IST
चाटुकारों का लिखा इतिहास प्रेरणा नहीं दे सकता, निष्पक्ष विद्वानों की कमेटी से इसका पुनर्लेखन कराना चाहिए: राज्यपाल
वीरांगना अवंतीबाई लोधा की प्रतिमा अनावरण समारोह में मुख्य अतिथि राज्यपाल कल्याणसिंह ने कहा कि जो समाज अपने इतिहास और अतीत को भूलता है। महापुरुषों को भूलता है, वीरांगनाओं के व्यक्तित्व को याद नहीं रखता, वह समाज पिछड़ जाता है। इस देश के इतिहासकारों ने बहुत अन्याय किया है। अवंतीबाई को इतिहास के पन्नों से ओझल कर दिया। राज्य बोले-चाटुकारों का लिखा गया इतिहास हमें प्रेरणा नहीं दे सकता है।

अकबर को इतिहासकारों ने महान बताया है जबकि अकबर के कारनामों और व्यक्तित्व से कोई प्रेरणा नहीं मिलती है। हमें प्रेरणा महाराणा प्रताप के व्यक्तित्व से मिलती है। जो प्रेरणा हमें शिवाजी से मिलती है वह औरंगजेब से नहीं मिल सकती। इतिहासकारों ने 1857 के स्वतंत्रता संग्राम को गदर बता दिया। मैं जब पढ़ता था तो हमें गदर ही पढ़ाया गया। जबकि यह गदर नहीं देश का पहला स्वतंत्रता संग्राम था। इस 1857 की क्रांति में मंगलसिंह, लक्ष्मीबाई व अवंतीबाई ने त्याग और बलिदान दिया। इसलिए मैं तो यही कहता हूं कि कुछ विद्वान जो निष्पक्ष हों उन्हें निष्ठापूर्वक एक कमेटी बनाकर इतिहास का पुनर्लेखन करना चाहिए। ताकि इस इतिहास में हमारे गौरव की गाथाएं हों। देशभक्ति की भावनाएं हों। हर घटना का सही मिश्रण हो। तोड़-मरोड़ कर कोई भी घटना पेश नहीं हो। अपने 26 मिनट के भाषण में उन्होंने इतिहासकारों पर जमकर प्रहार किए।

कल्याण सिंह बोले-आक्रांताओं के नाम पर बांट दिया देश को काल खंडों में

राज्यपाल ने कहा कि आक्रांताओं के नाम पर देश को कालखंडों में बांटा जाता रहा है। मुगल और ब्रिटिशकाल में देश को बांटा गया है। इसको इतिहास नहीं माना जा सकता है। मुगलकाल में तो केवल आक्रांता आए थे और ब्रिटिश काल को देश का पतनकाल कहा जा सकता है। इतिहास तो शिवाजी, महाराणा प्रताप जैसे योद्धाओं का रहा है। देश की जनता स्वाधीनता प्रेमी है। स्वाभिमानी है। शरीर को गुलाम बना सकते हैं, आत्मा को नहीं। देश में महापुरूष और वीरांगनाएं हैं। जिनको जाति की सीमाओं में नहीं बांट सकते हैं, यह देश की धरोहर हैं। महात्मा गांधी, सरदार वल्लभ भाई पटेल को जाति की सीमा में नहीं बांट सकते हैं। इन सभी लोगों ने देश और समाज के लिए जो काम किया है, उसके लिए हम उनके आभारी हैं।

प्रतिमा अनावरण समारोह में उमड़े लोधा समाज के लोग

मनोहरथाना. वीरांगना अवंतीबाई लोधा की प्रतिमा अनावरण समारोह में मौजूद लोगों की भीड़।

मुख्यमंत्री जन आवास योजना की पुस्तिका का विमोचन

समारोह में राज्यपाल कल्याण सिंह और मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने मुख्यमंत्री जन आवास योजना 2015 की विवरण पुस्तिका एवं अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में जिला प्रशासन एवं प्राइवेट स्कूल वेलफेयर सोसाइटी के संयुक्त में 8 मार्च 2018 को आयोजित होने वाली 10 किमी दौड़ एवं 6 किमी ड्रीम रन के ऑफिशियल पोस्टर दौड़ेगा झालावाड़ का विमोचन किया।

मनोहरथाना. पुस्तिका का विमोचन करतीं सीएम व राज्यपाल।

छात्रावास का लोकार्पण प्रतिभावानों का सम्मान

महारानी अवंतीबाई की प्रतिमा अनावरण समारोह में अतिथियों ने लोधा समाज के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। इसके बाद लोधा समाज की ओर से बनाए गए 7 कमरों के छात्रावास का लोकार्पण भी किया गया। छात्रावास के लिए राज्यपाल ने 10 लाख रुपए देने की घोषणा की।

नशामुक्त और गंदगी मुक्त गांव बनाएं

राज्यपाल ने कहा कि नौजवानों में आजकल नशा करने की लत पड़ गई है। इसके लिए हर गांव के नौजवानों को आगे आना चाहिए और कमेटी गठित कर लोगों को नशे की लत छुड़वाने के लिए अभियान चलाना चाहिए। गांवों को गंदगी मुक्त करना चाहिए। यह दोनों काम जब हो जाएंगे तो मैं समझूंगा कि अब लोगों ने बदलना शुरू कर दिया है।

मनोहरथाना. प्रतिमा अनावरण समारोह में मंचासीन अतिथि।

अकलेरा से छीपाबड़ौैद मार्ग पर 80 करोड़ से हाईब्रिज बनाया जाएगा: वसुंधरा

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि आज का दिन ऐेतिहासिक है। महारानी अवंतीबाई की प्रतिमा अनावरण के कार्यक्रम को पूरे क्षेत्र के लोग याद रखेंगे। कहा कि अति पिछड़ा माने जाने वाले मनोहरथाना क्षेत्र आज विकास की राह पर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि मनोहरथाना में आईटीआई खोली जाएगी और अकलेरा में बाढ़ के पानी की समस्या के समाधान के लिए करीब 10 करोड़ की लागत से मुख्य नाली पक्की की जाएगी। उन्होंने कहा कि मनोहरथाना कस्बे के विकास में हमारी सरकार ने कोई कमी नहीं रखी। करीब 35 करोड़ रुपये की लागत से मनोहरथाना से अकलेरा, हरनावदा, बीनागंज और राजगढ़ को जोड़ने वाली 4 सड़कों का निर्माण कराया गया है। मुख्यमंत्री ने परवन वृहद पेयजल पेयजल परियोजना को हाड़ौती के लिए कायाकल्प करने वाली योजना बताई। मुख्यमंत्री ने कहा कि वीरों, वीरांगनाओं और महापुरुषों का गौरवशाली इतिहास जन-जन तक पहुंचाने के लिए 30 पैनोरमा बनाए जा रहे हैं। इसमें एक पैनोरमा महारानी अवंती बाई का भी है। इस अवसर पर सांसद दुष्यंत सिंह, जन अभाव अभियोग निराकरण समिति के अध्यक्ष श्रीकृष्ण पाटीदार, आरपीएससी पूर्व चेयरमैन श्यामसुन्दर शर्मा, अखिल भारतीय लोधा समाज के अध्यक्ष विपिन डेविड, गोविंद रानीपुरिया, चंद्रप्रकाश लोधा, विधायक कंवरलाल मीणा, रामचंद्र सुनारीवाल, झालावाड़ जिला प्रमुख टीना भील, मनोहरथाना प्रधान मोरमबाई तंवर, अखिल भारतीय लोधा समाज के प्रदेश अध्यक्ष बृजेंद्र सिंह लोधा, भाजपा जिलाध्यक्ष संजय जैन ताऊ, पुलिस महानिरीक्षक विशाल बंसल, कलेक्टर जितेन्द्र सोनी, एसपी आनन्द शर्मा आदि मौजूद थे। कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं की बैठक भी ली।

हाईब्रिज के लिए डीपीआर केंद्र को भेज दी

सीएम ने कहा अकलेरा से छीपाबड़ौद मार्ग पर 80 करोड़ की लागत से हाईब्रिज बनेगा। इसके लिए भूमि अवाप्ति की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। डीपीआर बनाकर केंद्र सरकार को पहुंचा दी है। वहां से स्वीकृति आते ही इसका काम शुरू होगा।

अधिकार मांगने से नहीं, थप्पर मारकर मिलते हैं

राज्यपाल कल्याण सिंह ने कहा कि बदलते युग के साथ हमें अपने आप को बदलना होगा। यदि हमने अपने आप को नहीं बदला तो हम पिछड़ जाएंगे। राजनीति में सक्रिय भागीदारी करें, ग्राम पंचायत से लेकर विधानसभा, लोकसभा के चुनावों में सक्रिय भागीदारी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बदलने के तीन सूत्र हैं, शिक्षा, संगठन और अहिंसक तरीके से न्यायोचित बातों के लिए संघर्ष करना। उन्होंने कहा कि अधिकार हमें कोई घर बैठे देने नहीं आएगा और न ही मांगने से कुछ मिलेगा। अधिकार मांगने से नहीं थप्पड़ मारकर मिलते हैं। उन्होंने अपील की कि अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाएं। खासकर बालिका शिक्षा को बढ़ावा दें, जब शिक्षित होंगे तो ही अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ सकेंगी।

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