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एडीएम पहुंचे अकलेरा तहसील, डीआईजी स्टांप की टीम भी आएगी जांच करने

महाराष्ट्र के लोगों के नाम पर अकलेरा तहसील में बड़ी संख्या में रजिस्ट्रियां करवाने के मामले को प्रशासन ने...

Danik Bhaskar | Feb 07, 2018, 02:40 AM IST
महाराष्ट्र के लोगों के नाम पर अकलेरा तहसील में बड़ी संख्या में रजिस्ट्रियां करवाने के मामले को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। कलेक्टर के निर्देश पर एडीएम भवानीसिंह पालावत अकलेरा तहसील कार्यालय पहुंचे।

उन्होंने एसडीएम से जांच रिपोर्ट ली और विधिक जांच भी देखी। इस दौरान उन्होंने तहसीलदार को सजगता से रजिस्ट्रियां करने के निर्देश दिए। प्रशासन ने इस मामले को लेकर डीआईजी रजिस्ट्रेशन स्टांप को भी जांच के लिए पत्र लिखा है। इसमें डीआईजी रजिस्ट्रेशन स्टांप की टीम अब अकलेरा तहसील में आकर जांच करेगी। वह यहां पर सभी दस्तावेज चेक कर देखेगी कि कहीं पर राजस्व की हानि तो नहीं हुई है। इस मामले में तहसील कार्यालय से यह सबसे बड़ी जांच होगी। इसमें देखा जाएगा कि जो रजिस्ट्रियां महाराष्ट्र के लोगों के नाम पर हुई हैं उनमें वास्तविक स्टांप और रजिस्ट्रेशन शुल्क के रूप में सरकार को कितना राजस्व मिलना चाहिए था और तहसील से पिछले सालों से अब तक हुई रजिस्ट्रियों में कितना शुल्क वसूला गया। यदि कम शुल्क वसूलना पाया गया तो फिर इसकी रिकवरी सहित संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी। एडीएम ने बताया कि एसडीएम की जांच और विधिक राय में जहां तक तथ्य सामने आए हैं उनमें रजिस्ट्री में जो दस्तावेज लगने चाहिए वह सभी मौजूद हैं। इसमें पावर अॉफ अटार्नी से रजिस्ट्रेशन हुआ है। एडीएम ने बताया कि किसानों को अब जागरूक होना पड़ेगा। किसान किसी भी बहकावे में नहीं आएं। इस तरह से कोई भी व्यक्ति लालच देता है या बहकाता है तो नुकसान किसानों का ही होना है। इसी लिए उन्हें पूरी तरह से जागरूक होना पड़ेगा। तभी जाकर वह अपनी जमीनों को बचा सकेंगे। एडीएम ने कहा कि पुलिस भी मामले को तत्परता से देखेगी और तुरंत ही किसानों की रिपोर्ट दर्ज कर इस मामले में पूरी तहकीकात कर कार्रवाई करेगी।

खबर का असर

5 फरवरी को प्रकाशित खबर

भास्कर लगातार उठा रहा है इस मुद्दे को

किसानों को लालच देकर और बहका कर औने-पौने दामों पर जमीनें अपने नाम करवाने का मामला भास्कर में शुरुआत से ही प्रमुखता से उठा रहा है। इसका मुख्य मकसद यही है कि किसानों की जमीनें बची रहें। इसको लेकर भास्कर टीम ने तीन गांवों में तीन दिन जाकर 100 से अधिक लोगों से बातचीत की थी। इसको लेकर 5 फरवरी के अंक में अकलेरा- मनोहरथाना की 7 हजार बीघा जमीन महाराष्ट्र वालों के नाम, 5 लाख रुपए बीघा की जमीन 3 हजार में किसानों से ले ली। शीर्षक से जमीन के इस बड़े खेल का खुलासा किया था। इसी खबर के बाद प्रशासन हरकत में आया और अब इस तरह की प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। इससे पहले भी 19 जनवरी फर्जीवाड़ा-दो घंटे में हुई 15 रजिस्ट्रियां तहसीलदार समेत 50 पर होगा केस दर्ज, 20 जनवरी के अंक में 2 साल में 2 हजार रजिस्ट्रियां, इनमें 400 से ज्यादा महाराष्ट्र के लोगों ने कराई, 23 जनवरी को दलालों ने 50 हजार में बेच दी किसान की 13 बीघा भूमि शीर्षक से खबर प्रकाशित किया।