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जोग मंडी बाबा काशी विश्वनाथ के शिव मन्दिर की प्राण प्रतिष्ठा की तैयारियां शुरू

राजस्थान-मध्यप्रदेश की सीमा पर स्थित माखनदास महाराज की तपोभूमि में बनने वाले शिव मन्दिर में शीघ्र ही...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 04, 2018, 02:55 AM IST

राजस्थान-मध्यप्रदेश की सीमा पर स्थित माखनदास महाराज की तपोभूमि में बनने वाले शिव मन्दिर में शीघ्र ही प्राण-प्रतिष्ठा समारोह आयोजित करने के लिए तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।

प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में राजस्थान मध्यप्रदेश के सीमावर्ती जिलों के हजारों श्रद्धालु भाग लेंगे। इसमें राजस्थान की मुख्यमंत्री एवं मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री को आमंत्रण के लिए कवायद शुरू हो चुकी है। 20 अप्रैल को प्राण-प्रतिष्ठा समारोह आयोजित किया जाएगा। सरड़ा के पास पहाड़ियों पर बने जोग मंडी के बाबा काशी विश्वनाथ शिव मन्दिर का पिछले 3 साल से काम चल रहा है। प्रतिवर्ष शिवरात्रि पर रामकथा होती है। जिसमें आसपास के ग्रामीण शिरकत करते है। सरड़ा के सरपंच शिवदयाल पारेता ने बताया कि जोग मंडी के मन्दिर का इतिहास पोराणिक है। ग्रामीणों ने पुराने मन्दिर के पास कमरे का निर्माण का काम शुरू किया था कि उस कमरे को तैयार करने के लिए कई साल बीत गए, जब भी कमरे की दीवार उठाई जाती तो दीवार अपने आप ढह जाती थी। इसके बाद आसपास के लोग इकट्ठे हुए मन्दिर निर्माण का काम शुरू किया तो कई लोग आगे आए। यह मंदिर पहाडिय़ों पर बना हुआ है। जिसमें 39 खंभे एवं विशाल गर्भ गृह बना हुआ है। आसपास के ग्रामीणों के लिए यह पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। प्रतिवर्ष शिव मन्दिर पर होने वाली रामकथा में हजारों श्रद्धालुओं का आगमन होता है। आसपास के तंवर जाति के लोगों की इस मन्दिर के साथ आस्था जुड़ी हुई है। मुंशी गोवर्धनसिंह तंवर, रतनलाल मानपुरा, श्याम शर्मा, कन्हीराम तंवर, देवीलाल रूहेला, करण सिंह रूहेला, पूरीलाल तंवर, मोहन लाल लोधा, मोती लाल, रामप्रसाद सहित कई लोगों की सहभागिता एवं ग्रामीणों के सहयोग से मंदिर के काम को गति प्रदान की जा रही है।

पहाड़ी का रास्ता कच्चा

शिव मंदिर में पहुंचने के लिए घुमावदार पहाड़ी का रास्ता है। इससे होकर ग्रामीण मन्दिर तक पहुंचते है। आसपास के ग्रामीणों ने बताया कि इस ऊबड़-खाबड़ कच्चे रास्ते के कारण वाहनों का आना-जाना मुश्किल होता है। ग्राम पंचायत सरड़ा की ओर से पिछले साल ग्रेवल सड़क तैयार की गई थी, लेकिन बरसात में ग्रेवल सड़क समाप्त हो चुकी है। सरकारी मदद एवं जन प्रतिनिधियों के सहयोग से ही रास्ता बनाया जा सकता है।

अकलेरा. सरड़ा के पास प्राचीन शिव मंदिर।

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