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15 हजार उपभोक्ताओं को मार्च में भी नहीं मिल पाएगी चीनी

तकनीकी खामियों के कारण फरवरी में भी अंत्योदय परिवारों को मिलने वाली चीनी तय समय पर राशन दुकानों तक नहीं पहुंचने से...

Danik Bhaskar

Feb 20, 2018, 02:55 AM IST
तकनीकी खामियों के कारण फरवरी में भी अंत्योदय परिवारों को मिलने वाली चीनी तय समय पर राशन दुकानों तक नहीं पहुंचने से मार्च में भी 15 हजार उपभोक्ता राशन की चीनी से वंचित हो जाएंगे। यह स्थिति कैरी फारवर्ड सिस्टम के बंद होने से तो बनेगी। साथ ही इसके लिए चीनी आवंटित करने वाला ठेकेदार भी जिम्मेदार है। क्योंकि उन्होंने उपभोक्ता पखवाड़े से पहले राशन दुकानों तक चीनी नहीं पहुंचाई।

राज्य सरकार ने नए साल में 17 हजार अंत्योदय परिवारों के लिए चीनी का आवंटन किया था। जनवरी में वितरण के आदेश में असमंजस की स्थिति होने से चीनी वितरित नहीं हो सकी। फरवरी में भी आधा उपखवाड़ा निकल गया, इसके बाद राशन दुकानों पर चीनी पहुंचने लगी। जब तक राशन दुकानों पर चीनी पहुंची, 15 हजार अंत्योदय परिवार गेहूं व केरोसीन ले जा चुके हैं। कई राशन डीलर तो अपने यहां आवंटित पूरी सामग्री बेचकर दुकान बंद कर चुके है। ऐसे में जो उपभोक्ता चीनी से वंचित रहे है वे अगले माह आने पर ही अपनी चीनी मांगेंगे, लेकिन कैरी फारवर्ड सिस्टम के कारण उनको चीनी मिलेगी नहीं।

कैरी फारवर्ड सिस्टम बंद होने से बनेगी स्थिति, फरवरी में भी राशन दुकानों तक तय समय पर नहीं पहुंची चीनी

यह है कैरी फारवर्ड सिस्टम

कैरी फारवर्ड नियम के अनुसार अगर कोई उपभोक्ता एक माह राशन लेने से वंचित हो जाए तो वह दूसरे महीने या तीसरे महीने में राशन दुकान पर आकर अपनी तीन माह की सामग्री एक साथ ले जा सकता था, लेकिन अब इस कैरी फारवर्ड सिस्टम में बदलाव होने से उपभोक्ता की एक माह की राशन सामग्री लैप्स हो जाएगा। ऐसे में फरवरी में चीनी लेने से वंचित रहे उपभोक्ताओं की जनवरी की चीनी लैप्स हो जाएगी।

केवल 500 परिवारों को चीनी का वितरण

फरवरी में भी राशन की चीनी उपभोक्ता पखवाड़े के मध्य में राशन दुकानों पर पहुंची, ऐसे में पोस मशीन के रिकॉर्ड के अनुसार अभी तक 500 परिवार ही चीनी ले गए। अब उपभोक्ता पखवाड़े में मात्र 5 दिन शेष रहे हैं।

तीन कस्बों में अभी तक नहीं पहुंची चीनी

खाद्य विभाग द्वारा जिले में राशन वितरण की जिम्मेदारी जिस ठेकेदार को दी गई है। उन्होंने अभी तक अकलेरा, मनोहरथाना व खानपुर क्षेत्र के कुछ हिस्से में सोमवार शाम 4 बजे तक चीनी नहीं पहुंची थी।


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