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पोस मशीन में पूरे राशन की इंट्री, जांच में पता चला उपभोक्ताओं को कम देते राशन

सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए सरकार ने पोस मशीन की व्यवस्था शुरू की, लेकिन राशन डीलरों ने पोस...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 11, 2018, 03:00 AM IST

पोस मशीन में पूरे राशन की इंट्री, जांच में पता चला उपभोक्ताओं को कम देते राशन
सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए सरकार ने पोस मशीन की व्यवस्था शुरू की, लेकिन राशन डीलरों ने पोस मशीन से भी धांधली का जुगाड़ बिठा लिया। ताजा मामला रसद विभाग की ही जांच में सामने आया है।

रसद विभाग ने जब पनवाड़ की दो दुकानों पर राशन वितरण व्यवस्था की जांच की तो पता चला कि उपभोक्ताओं को मिलने वाला 20 किलो गेहूं में से 15 किलो ही मौके पर दिया गया और 5 किलो डकार गए। ऐसे ही केरोसीन में पांच लीटर की जगह ढाई लीटर ही दिया गया। इस तरह का मामला दो सौ से अधिक उपभोक्ताओं के साथ हुआ। ऐसे में महीनों से चल रहे इस गड़बड़ी के खेल में 1600 क्विंटल से अधिक गेहूं की कालाबाजारी इन दो दुकानों पर जांच में सामने आई है। अब रसद विभाग ने इन दोनों का लाइसेंस सस्पेंड करने की तैयारी कर ली है। इन डीलरों ने राशन कार्ड में तो कम ही एंट्री की, लेकिन पोस मशीन में पूरी एंट्री कर ली। अब रसद विभाग पूरे जिले के राशन डीलरों की जांच करेगा और इस तरह के मामलों को देखेगा। इससे जिलेभर में चल रहा गड़बड़ियों का खेल सामने आएगा। दरअसल पनवाड़़ क्षेत्र में दो राशन डीलरों की दुकानों पर एपीएल और खाद्य सुरक्षा योजना में उपभोक्ताओं को राशन सामग्री नहीं मिलने को लेकर 30 जनवरी को ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया था।

ऐसे करते हैं गड़बड़ी, लोगों की जुबानी

पनवाड़ निवासी श्याम बिहारी ने बताया कि वह जब भी केरोसीन लेने जाता तो उसको ढाई लीटर ही केरोसीन दिया जाता। डीलर से पूछा तो कहा तुम्हारे राशन कार्ड में तो ढाई लीटर की ही एंट्री की है।

पनवाड निवासी ओमप्रकाश राठौर ने बताया किे परिवार में पांच सदस्य हैं। 25 किलो गेहूं मिलने चाहिए, 10 किलो गेहूं ही दिए गए। रिकॉर्ड निकलवाया गया तो पता चला कि उसमें 25 किलो गेहूं की ही एंट्री की जाती रही है।

पुष्पेंद्र सुमन ने बताया कि चार माह से केरोसीन और गेहूं दिया ही नहीं जा रह है। जबकि पोस मशीन में चेक करवाया तो इसकी एंट्री निकल रही है। अब इसकी पूरी जांच होना चाहिए। तािक मामले का पता लग सके।

ग्रामीण अर्जुन सिंह ने बताया कि वह जब भी केरोसीन और गेहूं लेने जाता तो उसको कम मिलता और मशीन और सर्वर डाउन होना बताया जाता। जबकि एंट्री पूरी सामग्री की हो रही है। इसकी जांच करवाई जाए।

2 साल से है पोस मशीन से उपभोक्ताओं को पर्ची देने के नियम, रसद विभाग पालना ही नहीं करवा पा रहा

सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत जब राशन की दुकानों पर पोस मशीन से वितरण शुरू हुआ तो ऐसे में सरकार ने पारदर्शिता बनाए रखने के लिए व्यवस्था की कि जैसे ही उपभोक्ता काे सामग्री मिले उसके बाद उसे पर्ची निकालकर दी जाए। इस पर्ची में संबंधित उपभोक्ता को कितनी सामग्री मिली और उसके बाद उसके हिस्से की कितनी सामग्री शेष बची इसकी पूरी डिटेल होती है, लेकिन अधिकतर राशन डीलर इन पर्चियों को निकालकर ही नहीं दे रहे हैं। यहां तक की रसद इंस्पेक्टर, ईओ और रसद अधिकारी ने पर्ची नहीं देने पर एक भी कार्रवाई नहीं कर पाए हैं। सांसद दुष्यंत सिंह के निरीक्षण और ग्रामीणों की उन्हें की गई शिकायतों में पर्ची नहीं देना सामने आ चुका है। उन्होंने इसके लिए सख्त निर्देश दे रखे हैं, लेकिन उसके बावजूद भी रसद विभाग इसकी पालना नहीं करवा पा रहा है।

जांच में ऐसे हुआ खुलासा

रसद विभाग की टीम गांव में पहुंची और दस्तावेज एकत्रित किए। डीएसओ ने इसके लिए चार सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया। कमेटी ने जब जांच की तो उसमें सामने आया कि उपभोक्ताओं को जब सामग्री दी जाती तो पोस मशीन में तो पूरा वितरण की एंट्री की जाती और राशन डीलर में जितनी कम सामग्री दी जाती उसी की एंट्री हो जाती। बाकी बची हुई सामग्री की कालाबाजारी की जाती। ऐसे में डीलरों ने गरीबों के हिस्सों का गेहूं और केरोसीन नहीं देकर बेच दिया।

पहले भी मामले आए सामने

अभी हाल ही में 8 फरवरी को अकलेरा तहसील क्षेत्र में मिश्रौली और गादिया महेश के राशन डीलरों ने राशन सामग्री चीनी, गेहूं और केरोसीन का आवंटन नहीं कर सामग्री खुर्दबुर्द कर दी। इसके लिए भी प्रवर्तन निरीक्षक ने अभी जांच की है।

हरिगढ़ क्षेत्र में दो दुकानों का चार्ज एक ही डीलर के पास था। एक माह से लोगों को राशन ही नहीं दिया। पोस मशीन में एंट्री की और अंगूठा लगवा कर सामग्री निकाल ली और वितरण किया ही नहीं। 200 क्विंटल गेहूं का घपला यहां भी सामने आ चुका है।

पनवाड़ के मामले में की गई जांच में सामने आया कि डीलर पोस मशीन में तो सही एंट्री कर रहा था और उपभोक्ताओं को कम सामग्री का वितरण कर रहा था। इस मामले की जांच पूरी हो चुकी है। अब कार्रवाई होगी। कल्याणमल करोल, ईओ रसद विभाग झालावाड़

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