Hindi News »Rajasthan »Eklera» विभाग का दावा: राशन की दुकानों पर सामग्री का किया समानीकरण हकीकत: कहीं पर ज्यादा तो कहीं अधिक पहु

विभाग का दावा: राशन की दुकानों पर सामग्री का किया समानीकरण हकीकत: कहीं पर ज्यादा तो कहीं अधिक पहुंच रही राशन सामग्री

रसद विभाग दावा कर रहा है कि राशन की दुकानों पर समानीकरण कर दिया गया है। यानी एक गांव या शहर की सभी दुकानों पर समान...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 08, 2018, 03:35 AM IST

रसद विभाग दावा कर रहा है कि राशन की दुकानों पर समानीकरण कर दिया गया है। यानी एक गांव या शहर की सभी दुकानों पर समान मात्रा में राशन सामग्री पहुंचाई जा रही है, जबकि हकीकत इसके उलट है। रसद विभाग का यह दावा केवल कागजों में ही है।

ऑनलाइन मिले आंकड़ों से इस पूरी प्रक्रिया की हकीकत खुलती हुई दिखाई दे रही है। शहर में वार्ड संख्या 4,13 और 25 में प्रत्येक राशन दुकान पर 90-90 क्विंटल गेहूं का आवंटन हुआ। इसी तरह वार्ड संख्या 10, 11, 17, 21 में प्रत्येक दुकान पर 30-30 क्विंटल गेहूं का ही आवंटन हुआ। इसी तरह जूनाखेड़ा ग्रामीण में ग्रामीण सेवा सहकारी समिति में 104 क्विंटल गेहूं का आवंटन हुआ, जबकि जूनाखेड़ा द्वितीय में 71.80 क्विंटल ही गेहूं पहुंचा।

अकलेरा ग्रामीण के मैठून गांव में प्रथम दुकान पर 200 क्विंटल गेहूं पहुंचा तो द्वितीय दुकान पर 52 क्विंटल ही पहुंच पाया। ऐसी ही बानगी क्षेत्र में कई राशन की दुकानों पर देखने को मिल रही है।

दरअसल सरकार ने रसद अधिकारियों को निर्देश देकर राशन की दुकानों पर समानीकरण व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए थे। इसमें अभी तक यह हो रहा था कि एक ही शहर और एक ही गांव में दो या इससे अधिक दुकानों में कहीं ज्यादा तो कहीं कम राशन आ रहा था। इस व्यवस्था को एक समान किया जाना था। रसद विभाग ने समानीकरण की सूची भी बनाई, लेकिन उसके बावजूद अभी तक यह व्यवस्था मौके पर देखने को नहीं मिल रही है।

समानीकरण व्यवस्था लागू हो चुकी है। जिन राशन की दुकानों पर कोई पुराना बकाया चल रहा है उनके कम गेहूं का आवंटन हुआ होगा अन्यथा सभी के समान मात्रा में राशन सामग्री पहुंच रही है। कल्याणमल करोल, ईओ, रसद विभाग झालावाड़

ऑनलाइन मिले आंकड़ों में खुली हकीकत की पोल

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Eklera

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×