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किसान को कीड़े ने काटा, परिजन पीएचसी पर ले गए, डॉक्टर-स्टाफ नहीं मिला, मौत

3 साल सेे पीपीपी मोड पर, एक डॉक्टर-उसे भी अतिरिक्त ड्यूटी पर लगाया, स्टाफ भी आधा मृत घोषित कराने 30 किमी दूर अकलेरा...

Danik Bhaskar | Jan 09, 2018, 04:26 AM IST
3 साल सेे पीपीपी मोड पर, एक डॉक्टर-उसे भी अतिरिक्त ड्यूटी पर लगाया, स्टाफ भी आधा

मृत घोषित कराने 30 किमी दूर अकलेरा अस्पताल ले गए शव

{भालता पीएचसी में लापरवाही ने ली जान

अस्पताल में एएनएम बोली-मुझे मृत घोषित करने का अधिकार नहीं, रैफर किया

बिंदाखेड़ागांव में सोमवार सुबह 7 बजे खेत पर सिंचाई कर रहे किसान गोपाललाल दर्जी (51) पुत्र भैरूलाल को जहरीले कीड़े ने काट लिया। वह अचेत हो गया। परिजन उसे बाइक से 7 किमी दूर भालता अस्पताल ले गए।

वहां डाॅक्टर-मेडिकल स्टाफ नहीं मिला। परिजनों ने सूचना देकर वहां की एएनएम ममता लोधा को अस्पताल बुलाया। उसने किसान को इंजेक्शन लगा दिया। परिजनों का दावा है कि तब तक गोपाल के शरीर में कोई हलचल नहीं थी। उसकी मौत हो चुकी थी। परिजनों ने एएनएम से आग्रह किया कि वह किसान को मृत घोषित करे। लेकिन, एएनएम ने यह कहकर केस अकलेरा रैफर कर दिया कि तो उसे यह अधिकार है और ही अस्पताल में इसकी जांच की कोई व्यवस्था। इससे परिजन भड़क गए। नारेबाजी की। एक घंटे चिकित्सक कक्ष के बाहर शव रखकर बैठे रहे। समझाइश के बाद परिजन निजी वाहन से शव 30 किमी दूर अकलेरा ले गए। वहां डॉक्टर ने किसान को मृत घोषित किया और पोस्टमार्टम कराया।

^हमने इंजेक्शन लगा दिया है। मृत घोषित नहीं कर सकती। इसका हमें अधिकार नहीं है। अकलेरा के लिए रैफर कार्ड बना दिया है। ममताकुमारी लोधा, एएनएम, भालता।

^मामलेकी जानकारी मिली है। अधिकारियों को पाबंद कर दिया है। इससे अच्छा उपचार तो सरकारी स्तर पर ही सुलभ था। -डॉ.साजिद खान, सीएमएचओ झालावाड़

मनोहरथाना में ओटी पर लगा ताला।

भालता पीएचसी पर चिकित्सक कक्ष के बाहर शव रखकर डॉक्टर का इंतजार करता परिजन।