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रजिस्ट्री घपले के दलाल सुरेंद्रसिंह तक नहीं पहुंच पा रही पुलिस, प्रयास तक नहीं किए

महाराष्ट्र के लोगों के नाम किसानों की जमीनों को औने-पौने दामों में करने के पीछे पूरी तरह से मिलीभगत भी सामने आ रही...

Danik Bhaskar | Feb 10, 2018, 04:45 AM IST
महाराष्ट्र के लोगों के नाम किसानों की जमीनों को औने-पौने दामों में करने के पीछे पूरी तरह से मिलीभगत भी सामने आ रही है। डीआईजी स्टांप की प्रारंभिक जांच में कई गड़बड़ियां सामने आने के बाद रजिस्ट्रेशन से लेकर इंतकाल खोलने तक की प्रक्रिया सवालों की घेरे में आ रही है।

इसमें डीआईजी स्टांप ने केवल सबसे नीचे की कड़ी स्टांप वेंडर का रजिस्ट्रेशन केंसिल किया है। जबकि बिना तारीख के स्टांप,बिना साइन के स्टांप के आधार पर रजिस्ट्रेशन करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। डीआईजी स्टांप की जब प्रारंभिक जांच रिपोर्ट भास्कर टीम को हाथ लगी तो उसके बाद टीम इसकी हकीकत जानने में जुटी की इस मामले में कौन-कौन लोग जिम्मेदार हैं। इधर, मुख्य आरोपी जोधपुर निवासी दलाल सुरेंद्र सिंह राजपूत सहित अन्य लोगाें पर अकलेरा क्षेत्र के दो थानों में केस दर्ज हे चुके हैं, लेकिन अभी तक पुलिस सुरेंद्र सिंह तक नहीं पहुंच पाई है। पुलिस ने इसकी जांच करने की भी जहमत नहीं उठाई है। इस पूरे प्रकरण में जोधपुर निवासी दलाल ही मुख्य सूत्रधार है। भालता थाने में 25 दिन पहले और घाटोली थाने में सात दिन पहले महाराष्ट्र के लोगों के नाम रजिस्ट्रियां करवाने के मामले दर्ज हो चुके हैं, लेकिन अभी तक इन दोनों थानों में जांच आगे नहीं बढ़ पाई है। घाटोली थाने में तो रिपोर्ट दर्ज करने के बाद एक पायदान आगे भी नहीं बढ़ पाए हैं। जबकि इतने गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए।

5 लाख रुपए बीघा की जमीन को खरीद रहे थे 3 हजार में: दरअसल अकलेरा क्षेत्र में बड़ी संख्या में महाराष्ट्र के लोगों के नाम रजिस्ट्रियां हुई हैं। इनमें 5 लाख रुपए बीघा में मिलने वाली जमीनों को महाराष्ट्र के लोगों ने 3 हजार रुपए बीघा में नाम करवा लिया। किसान अदालतों के चक्कर काट रहे हैं, पुलिस जांच में कोई रूचि नहीं ले रही है।

कौन हैं सुरेंद्र सिंह राजपूत: जोधपुर निवासी दलाल सुरेंद्र सिंह राजपूत ने अकलेरा में आकर पूरा नेटवर्क जमाया। इसके बाद यहां पर जमीनों को औने पौने दामों पर महाराष्ट्र के लोगों के नाम पर करवा दिया। ऐसे में यहां वह कैसे पहुंचा और किसानों तक उसने किस तरह से पहुंच बनाई। पंजीयन कार्यालय में उसकी कितने लोगों से मिलीभगत रही इन सभी तथ्यों तक पुलिस को पहुंचना है। जबकि पुलिस इन तथ्यों की जांच नहीं कर पा रही है।

अकलेरा तहसील कार्यालय(फाइल फोटाे)

थानाधिकारी बोले-अब जल्द ही जांच शुरू कर दी जाएगी


मामला तो डाउट फुट, जांच करेंगे: डीआईजी स्टांप कोटा


इन सवालों के नहीं मिल रहे जवाब