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कंपाउंडर के भराेसे कामखेड़ा पीएचसी, ग्रामीण परेशान

कामखेड़ा का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र 6 माह से एक कंपाउंडर के भरोसे संचालित हो रहा है। यहां ड़ॉक्टर नहीं होने से...

Danik Bhaskar | Jan 30, 2018, 12:50 PM IST
कामखेड़ा का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र 6 माह से एक कंपाउंडर के भरोसे संचालित हो रहा है। यहां ड़ॉक्टर नहीं होने से आसपास के 40 गांवों के ग्रामीणों को परेशानी होती है।

एक तरफ तो स्वास्थ्य विभाग सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का भरपूर लाभ जनता को मिलने की बात करता है। वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के इस प्रकार के हालात योजनाओं की दुर्दशा बता रहे है। मरीजों को 18 किमी अकलेरा या फिर 22 किमी मनोहरथाना सीएचसी में जाकर परामर्श लेना पड़ता है।

परेशानी

कामखेड़ा का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर 6 माह से डॉक्टर नहीं, 40 गांव के लोग अकलेरा जाते हैं

मनोहरथाना. कामखेड़ा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र।

तीर्थ यात्री नीम हकीमों के भरोसे: धार्मिक नगरी कहे जाने वाले कामखेड़ा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते है। कई दर्शनार्थियों की तबीयत खराब हो जाने पर डॉक्टर मौजूद नहीं होने की स्थिति में यहां नीम हकीमों से इलाज लेेना मजबूरी बना हुआ है।

ट्रस्ट ने डॉक्टर की मांग को लेकर कलेक्टर को लिखा पत्र: कामखेड़ा में 6 माह से सीएचसी में डॉक्टर नहीं होने के कारण मरीजों काे हाे रही परेशानी के चलते यहां डॉक्टर लगाने की मांग को लेकर बालाजी ट्रस्ट ने कलेक्टर को पत्र लिखा है। ट्रस्ट के अध्यक्ष छीतरलाल मीणा ने बताया कि अधिक संख्या में श्रद्घालुओं का यहां ठहरना तथा ग्रामीणों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। ऐसे में डाक्टर होना अतिआवश्यक है। उन्होंने पीएचसी में शीघ्र ही डॉक्टर लगाने की मांग की है। सीएमएचओ डॉ साजिद खान ने बताया कि कामखेड़ा में डॉक्टर का पद रिक्त चल रहा है। यहां शीघ्र डॉक्टर लगा दिया जाएगा।

मेडिकल के लिए पुलिस को जाना पड़ता है 18 किमी: कामखेड़ा में डॉक्टर के अभाव में जनता के साथ साथ लड़ाई-झगडे के मामले में या अन्य मेडिकल संबंधी मामलों में पुलिस महकमे को भी 18 किमी दूर अकलेरा जाना पड़ता है। ऐसे में घायलों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता है। और पुलिस का समय भी ज्यादा खर्च होता है।