• Hindi News
  • Rajasthan News
  • Eklera News
  • महाराष्ट्र वालों के नाम से भूमि खरीदता था जोधपुर का सुरेंद्र, सभी पावर ऑफ अटार्नी उसी के नाम से
--Advertisement--

महाराष्ट्र वालों के नाम से भूमि खरीदता था जोधपुर का सुरेंद्र, सभी पावर ऑफ अटार्नी उसी के नाम से

भास्कर न्यूज|झालावाड़/अकलेरा महाराष्ट्र के लोगों के लिए यहां जमीन खरीद का सौदा एक ही व्यक्ति कर रहा था। जोधपुर...

Dainik Bhaskar

Jan 24, 2018, 07:45 PM IST
भास्कर न्यूज|झालावाड़/अकलेरा

महाराष्ट्र के लोगों के लिए यहां जमीन खरीद का सौदा एक ही व्यक्ति कर रहा था। जोधपुर के इसी व्यक्ति के नाम महाराष्ट्र के लोगों ने पावर ऑफ अटार्नी कर रखी है। यह सभी तथ्य एसडीएम की प्रारंभिक जांच में मंगलवार को सामने आए हैं।

हालांकि भास्कर में प्रकाशित खबरों में पहले ही एक जैसे ही गवाह और एक ही खरीदार होने की बात सामने आ चुकी है। इन्हीं खबरों की पुष्टि एसडीएम की जांच में सामने आई है। एसडीएम की जांच में सामने आया कि पावर आॅफ एटॉर्नी के माध्यम से अकलेरा तहसील में महाराष्ट्र के लोगों के नाम जमीनों के पंजीयन होना सामने आए हैं। जांच में सामने आया कि अकलेरा तहसील कार्यालय में पिछले दो माह में 35 पंजीयन महाराष्ट्र के लोगों के नाम दर्ज हुए हैं। एसडीएम की जांच में सामने आया कि जोधपुर जिले के सुरेंद्र सिंह पुत्र श्रवण सिंह राजपूत, 42 सेक्टर 25 ए 32 चोपासनी हाउसिंग बोर्ड नंदन वन के पते ने सभी पंजीयन करवाए हैं। इसी व्यक्ति के नाम से महाराष्ट्र के अलग-अलग लोगों ने पावर ऑफ एटार्नी जारी की हुई है। यही व्यक्ति यहां आकर जमीनों के सौदे करता है और दलालों के माध्यम से लोगों की जमीनें महाराष्ट्र के लोगों के नाम करवाता है।

एसडीएम जांच के लिए पहुंचे तो रजिस्ट्रार दफ्तर पर मिला ताला, बाबू 2 दिन से लापता

3 साल से चल रहा रजिस्ट्री का फर्जीवाड़ा

पावर आॅफ एटॉर्नी पूणे महाराष्ट्र से अटेस्टेड कराई गई हैं। अकलेरा तहसील में उपरोक्त पावर आॅफ एटॉर्नी के माध्यम से 2014 से पंजीयन कराने का सिलसिला चल रहा है। वर्तमान तहसीलदार रामनिवास मीणा को आए दो माह हो चुके हैं। इसके पहले निवर्तमान तहसीलदार रामकिशन मीणा ने ज्यादा पंजीयन किए हैं। तहसीलदार योगेश देवल के कार्यकाल में भी पंजीयन हुआ है। महाराष्ट्र के लोगों के नाम पावर ऑफ एटार्नी के माध्यम से रजिस्ट्रियां करवाने वाले जोधपुर के व्यक्ति की पावर ऑफ एटार्नी की जांच अब विधि शाखा करेगी। एसडीएम ने बताया कि रजिस्ट्री एक्ट 1908 की धारा 33 के तहत कोई भी व्यक्ति पावर आॅफ एटॉर्नी के जरिए पंजीयन करा सकता है, लेकिन पावर आॅफ एटॉर्नी कि वैधता के संबंध में विधि शाखा से जांच करवाई जाएगी।

रजिस्ट्रार दफ्तर में सुरेंद्र की अच्छी पैठ

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि काफी हद तक यह मिलीभगत का खेल भी है। वैसे तो रजिस्ट्रियां करवाने के लिए आम व्यक्ति को पंजीयन कार्यालय में घंटों इंतजार करना पड़ता है, लेकिन महाराष्ट्र के लोगों के नाम रजिस्ट्री करवाने जोधपुर निवासी सुरेंद्र सिंह पहुंचता तो उस समय तुरंत ही रजिस्ट्रियां हो जाती। दस से पंद्रह मिनट में भी रजिस्ट्रियां होने के मामले सामने आ चुके हैं। प्रत्येक माह 17 से अधिक रजिस्ट्रियां होती रही हैं। जब सौदा तय हो जाता तो सुरेंद्र सिंह यहां माह में एक बार आकर सभी रजिस्ट्रियां एक साथ ही करवा लेता। सूत्रों ने बताया कि ऐसे में पंजीयन कार्यालय के कर्मचारियों की मिलीभगत भी इस मामले में सामने आएगी।

बंद पड़ा अकलेरा पंजीयन ऑफिस।

महाराष्ट्र के नाम पर बड़ी संख्या में हुई रजिस्ट्रियों की जब परतें खुलने लगीं तो पंजीयन बाबू ही गायब हो गया। सोमवार को जब एसडीएम तहसील कार्यालय में पहुंचे तो पंजीयन कार्यालय पर ताला लटका मिला और पंजीयन बाबू कार्यालय से लापता मिला। एसडीएम ने जब उसके बारे में पड़ताल की तो पता चला कि पंजीयन बाबू दो दिन से दफ्तर नहीं आ रहे हैं। मंगलवार को भी पंजीयन बाबू वहां मौजूद नहीं था और कार्यालय पर ताले लटके हुए थे।

एक्सपर्ट व्यू: यह कहता है पावर ऑफ एटार्नी का कानून

पंजीयन के मामलों में पक्षकार के अधिवक्ता योगेश गोयल का कहना है कि रजिस्ट्री एक्ट कि धारा 33 के में बताया कि यदि मुख्तार नामा के निष्पादन के समय मालिक भारत के किसी एेसे राज्य में निवास करता है, जिसमें इस अधिनियम का तारीख समय परिवर्तन है तो इसके लिए रजिस्ट्रार या उपरजिस्ट्रार के समय निष्पादित और अभिप्रमाणित मुख्तार नामा चाहिए। इसके अलावा यदि मालिक किसी एेसे भाग में निवास करता है जिसमें इस अधिनियम लागू नहीं है तो किसी मजिस्ट्रेट के समक्ष निष्पादित और अधि प्रमाणित मुख्तार नामा होना चाहिए।


X
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..