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ऑपरेशन के लिए नहीं आना पड़ेगा शहर मोबाइल सर्जिकल यूनिट का हुआ गठन

ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को ऑपरेशन के लिए अब जिला मुख्यालय पर नहीं आना पड़ेगा। इसके लिए जिले में स्वास्थ्य विभाग ने...

Dainik Bhaskar

Apr 09, 2018, 04:05 AM IST
ऑपरेशन के लिए नहीं आना पड़ेगा शहर मोबाइल सर्जिकल यूनिट का हुआ गठन
ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को ऑपरेशन के लिए अब जिला मुख्यालय पर नहीं आना पड़ेगा। इसके लिए जिले में स्वास्थ्य विभाग ने नवाचार करते हुए जिला स्तरीय मोबाइल सर्जिकल यूनिट का गठन किया है। इस यूनिट के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर विशेषज्ञ सर्जन ऑपरेशन करेंगे। इससे जिला मुख्यालय पर ऑपरेशन का भार कम तो होगा साथ ही लोगों को छोटे से लेकर बड़े ऑपरेशन करवाने के लिए जिला मुख्यालय तक नहीं भटकना पड़ेगा।

अब तक इस तरह की मोबाइल सर्जिकल यूनिट केवल राज्य स्तर पर ही संचालित हुआ करती थी, लेकिन पहली बार जिला स्तर पर इस तरह की सर्जिकल यूनिट बनाई गई है। मोबाइल सर्जिकल टीम में 2 सर्जन,1 एनेस्थेटिक, 1 गायनॉकोलोजिस्ट, 2 ऑपरेशन नर्सिंग स्टॉफ, 1 मेडिकल ऑफिसर, 2 वार्ड ब्वॉय, 2 स्वीपर का स्टॉफ मौजूद रहेगा। 10 अप्रैल से इसमें पहला कैंप सुनेल में आयोजित किया जाएगा। सांसद दुष्यंत सिंह ने इसके पोस्टर का विमोचन कर जिला स्तरीय मोबाइल सर्जिकल यूनिट की शुरुआत की। दरअसल ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चेदानी, अपेंडिक्स, पथरी, हरनिया सहित अन्य ऑपरेशन के लिए लोगों को जिला मुख्यालय तक आना पड़ता है।

सीएम वसुंधरा राजे की ओर से की गई बजट घोषणा में ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर चिकित्सा प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा सांसद दुष्यंत सिंह से भी लोगों ने ग्रामीण क्षेत्रों में ऑपरेशन की सुविधाओं की मांग की। इस मामले को सांसद ने गंभीरता से लिया और ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के निर्देश दिए। इसके बाद कलेक्टर डाॅ. जितेंद्र कुमार सोनी की अध्यक्षता में हुई स्वास्थ्य समिति की बैठक में सर्जिकल टीम गठित करने का फैसला लिया गया। मोबाइल सर्जिकल यूनिट से सभी तरह के ऑपरेशन हो सकेंगे।

भास्कर न्यूज | झालावाड़

ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को ऑपरेशन के लिए अब जिला मुख्यालय पर नहीं आना पड़ेगा। इसके लिए जिले में स्वास्थ्य विभाग ने नवाचार करते हुए जिला स्तरीय मोबाइल सर्जिकल यूनिट का गठन किया है। इस यूनिट के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर विशेषज्ञ सर्जन ऑपरेशन करेंगे। इससे जिला मुख्यालय पर ऑपरेशन का भार कम तो होगा साथ ही लोगों को छोटे से लेकर बड़े ऑपरेशन करवाने के लिए जिला मुख्यालय तक नहीं भटकना पड़ेगा।

अब तक इस तरह की मोबाइल सर्जिकल यूनिट केवल राज्य स्तर पर ही संचालित हुआ करती थी, लेकिन पहली बार जिला स्तर पर इस तरह की सर्जिकल यूनिट बनाई गई है। मोबाइल सर्जिकल टीम में 2 सर्जन,1 एनेस्थेटिक, 1 गायनॉकोलोजिस्ट, 2 ऑपरेशन नर्सिंग स्टॉफ, 1 मेडिकल ऑफिसर, 2 वार्ड ब्वॉय, 2 स्वीपर का स्टॉफ मौजूद रहेगा। 10 अप्रैल से इसमें पहला कैंप सुनेल में आयोजित किया जाएगा। सांसद दुष्यंत सिंह ने इसके पोस्टर का विमोचन कर जिला स्तरीय मोबाइल सर्जिकल यूनिट की शुरुआत की। दरअसल ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चेदानी, अपेंडिक्स, पथरी, हरनिया सहित अन्य ऑपरेशन के लिए लोगों को जिला मुख्यालय तक आना पड़ता है।

सीएम वसुंधरा राजे की ओर से की गई बजट घोषणा में ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर चिकित्सा प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा सांसद दुष्यंत सिंह से भी लोगों ने ग्रामीण क्षेत्रों में ऑपरेशन की सुविधाओं की मांग की। इस मामले को सांसद ने गंभीरता से लिया और ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के निर्देश दिए। इसके बाद कलेक्टर डाॅ. जितेंद्र कुमार सोनी की अध्यक्षता में हुई स्वास्थ्य समिति की बैठक में सर्जिकल टीम गठित करने का फैसला लिया गया। मोबाइल सर्जिकल यूनिट से सभी तरह के ऑपरेशन हो सकेंगे।

सुविधा: हर 15 दिन में होगा एक कैंप

मोबाइल सर्जिकल यूनिट के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं ब्लॉक मुख्यालय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुनेल, पिड़ावा, खानपुर, डग और अकलेरा में प्रत्येक माह में 2 कैम्प आयोजित किए जाएंगे। इसमें भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना में चिंहित रोगियों को भी लाभ मिलेगा। ग्रामीण क्षेत्र में परम विशेषज्ञ और सर्जिकल सेवाएं उपलब्ध होंगी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना के मरीज भर्ती होते हैं, ऑपरेशन के बाद भी 48 घंटे तक मरीज भर्ती रहते हैं। उससे पैकेज के आधार पर बीमा कंपनी से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के खाते में राशि हस्तांतरित करती है। इसके बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर सुविधा में विस्तार होगा। अभी ग्रामीण क्षेत्रों में जटिल ऑपरेशन केस रैफर होकर जिला मुख्यालय पर आते हैं। वहां पर रोगियों की संख्या अधिक होने से ऑपरेशन में लम्बी तारीख मिलती है। अब ग्रामीण क्षेत्रों में ही ऑपरेशन हो जाने से लोगों को जिला मुख्यालय तक नहीं आना पड़ेगा।

ऑपरेशन से पहले होगी जांच

सर्जिकल कैम्प में सर्जरी से दो दिन पहले स्क्रीनिंग कैम्प आयोजित किए जाएंगे। रोगियों को आवश्यक सभी जांचें संस्था पर निशुल्क कराई जाएंगी। सबसे विशेष रोगियों का पोस्ट ऑपरेटिव फॉलोअप करना जरूरी होता है। इसके लिए ऑपरेशन के बाद सर्जन और सहयोगी स्टॉफ के द्वारा बराबर फॉलोअप किया जाएगा।


निशुल्क दवा योजना के तहत मिलेगी दवाइयां और उपकरण

ऑपरेशन के समय भर्ती रोगियों को सूचर्स केटगट और दवाइयां, इंजेक्शन, आईवी लाइन सहित अन्य सभी जरूरी उपकरण निशुल्क दवा योजना से सप्लाई होंगे। रोगी को ऑपरेशन के बाद डिस्चार्ज होने पर जरूरी दवाइयां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से निशुल्क दी जाएगी।

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