• Home
  • Rajasthan News
  • Fatehpur News
  • फतेहपुर में आरटीडीसी के होटल को लगातार घाटे में रहने के कारण बंद किया है : राठौड़
--Advertisement--

फतेहपुर में आरटीडीसी के होटल को लगातार घाटे में रहने के कारण बंद किया है : राठौड़

सीकर जिले के फतेहपुर स्थित आरटीडीसी के होटल हवेली को लगातार घाटे में रहने के कारण बंद किया गया है। इससे पहले भी...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 04:25 AM IST
सीकर जिले के फतेहपुर स्थित आरटीडीसी के होटल हवेली को लगातार घाटे में रहने के कारण बंद किया गया है। इससे पहले भी आर्थिक घाटे के कारण आरटीडीसी के 40 होटल-मोटल को बंद किया गया है। उन्होंने बताया कि इन यूनिटों को बंद करने से सरपल्स हुए 363 कर्मचारियों को हटाया नहीं जाएगा। इनसे विकल्प पत्र भरवाकर अन्य सरकारी विभागों में समायोजित किया जाएगा।

यह जानकारी राज्य विधानसभा में शून्यकाल के दौरान विधायक नन्द किशोर महरिया की ओर से स्थगन प्रस्ताव के जरिए उठाए विषय पर हस्तक्षेप करते हुए ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री राजेंद्र राठौड़ ने दी। पर्यटन मंत्री की गैर मौजूदगी में राठौड़ ने इस जवाब में कहा कि 2013-14 से अब तक आरटीडीसी को कुल 154 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है। राज्य सरकार ने पिछले साल 10 नवम्बर को नीतिगत निर्णय लेते हुए लगातार घाटे में चल रहे आरटीडीसी की 15 यूनिट को बंद किया। राजेंद्र राठौड़ ने बताया कि पर्यटकों की आवक कम होने एवं लगातार घाटे में चलने के कारण फतेहपुर में संचालित होटल को बंद किया गया है। यह होटल वर्ष 2007-08 में 6.67 लाख, 2008-09 में 10.96 लाख, 2009-10 में 18.02 लाख, 2010-11 में 15.25 लाख, 2012-13 में 16.09 लाख, 2013-14 में 17 लाख, 2014-15 में 18 लाख एवं 2015-16 में 9 लाख रुपए के घाटे में रही।

विधायक नंदकिशोर महरिया ने उठाया मुद्‌दा, राठौड़ ने दिया जवाब

विधायक ने उठाया मामला, कहा-पर्यटक कैसे आएंगे

विधायक नंदकिशोर महरिया ने कहा कि प्रदेश में 40 होटलें थी, उनमें से 15 को बंद कर दिया, 22 मोटल्स थी उनमें से 19 को बंद कर दिया। उन्होंने कहा कि जिन होटलों-मोटलों को बंद किया गया है, लोग उनकी खिड़की दरवाजे उखाड़ कर ले जा रहे हैं। उन्होंने कहा फतेहपुर के जिस होटल को बंद किया गया है, उसमें कुक नहीं था, ऐसे में कोई पर्यटक कैसे आएगा। उन्होंने बंद किए जा रहे होटलों में रखरखाव और चौकीदारी को लिए कर्मचारियों को लगाने की मांग की ताकि सरकारी संपत्ति को लोग नुकसान न पहुंचा दें। उन्होंने कहा कि सिर्फ घाटे के नाम पर होटलों को बंद करना उचित नहीं है, घाटे में तो सरकार भी है तो क्या सरकार को भी बंद कर देंगे। आरटीडीसी की इन होटलों में आने वाले पर्यटकों के कारण यहां की आर्ट गैलेरियों और हवेलियों में लोगों को इनडाइरेक्ट आमदनी हो रही थी, लोगों को रोजगार मिल रहा था, जो अब बंद हो जाएगा। उन्होंने इस विषय पर फिर से विचार करने की मांग की।

विधायक डोटासरा को साल 2016 का सर्वश्रेष्ठ विधायक चुना गया

लक्ष्मणगढ़ विधायक व विधानसभा में कांग्रेस से मुख्य सचेतक गोविंद सिंह डोटासरा को साल 2016 के लिए सर्वश्रेष्ठ विधायक चुना गया है। यह घोषणा विधानसभा में मंगलवार को उपाध्यक्ष की ओर से की गई। उन्हें यह पुरस्कार 6 मार्च को विधानसभा में दिया जाएगा। जबकि 2017 के लिए झुंझुनूं विधायक बृजेंद्र ओला को इस सम्मान से नवाजा गया। वहीं, साल 2009 के लिए राजेंद्र राठौड़ व साल 2011 के लिए पूर्व विधायक अमराराम को सर्वश्रेष्ठ विधायक घोषित किया गया है। विधानसभा की ओर से हर साल विधायकों का रिपोर्ट कार्ड तैयार किया जाता है, जिसमें उनकी उपस्थिति, विधानसभा क्षेत्र के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने, बैठकों में भाग लेने सहित कई बिंदु शामिल रहते हैं।