• Home
  • Rajasthan News
  • Fatehpur News
  • कथा के समापन पर गोपाल महायज्ञ में 51 जोड़ों ने आहुति दी
--Advertisement--

कथा के समापन पर गोपाल महायज्ञ में 51 जोड़ों ने आहुति दी

कृष्णगोपाल गोशाला, नागौर के संरक्षक कुशालगिरी महाराज ने कहा कि यदि भगवान को प्राप्त करना है तो मन में सबसे पहले...

Danik Bhaskar | Apr 17, 2018, 04:40 AM IST
कृष्णगोपाल गोशाला, नागौर के संरक्षक कुशालगिरी महाराज ने कहा कि यदि भगवान को प्राप्त करना है तो मन में सबसे पहले भक्ति को जन्म देना पड़ेगा। कुशालगिरी महाराज कस्बे के श्रीबालीनाथ व श्रीगोपीनाथ प्रांगण में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा के सातवें व अंतिम दिन श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे ।

उन्होंने बताया की नागौर गोशाला में 21 एंबुलेंस, 40 डॉक्टर, 100 मजदूर की टीम गोमाता की सेवा में रात दिन लगी हुई है । उन्होंने बतायाजहां गो माता की सेवा होती है। वहां लक्ष्मी की कमी नहीं होती है।श्रीमद् भागवत कथा में सातवें व अंतिम दिन कथावाचक पं.चंद्रप्रकाश शास्त्री ने कृष्ण-सुदामा मित्रता व श्रीमद् भागवत कथा की पुनरावृत्ति का कथा में सुंदर वर्णन किया । पं. चंद्रप्रकाश शास्त्री ने गो सेवार्थ कामधेनु सेना की राष्ट्रीय सचिव प्रवीणा सोलंकी को 11 हजार रुपए भेंट किए। इस अवसर पर नीतिश मनसाका, रामगोपाल सेहजाका, मुकेश मनसाका, सीताराम कुमावत, नंदलाल कुमावत, उपप्रधान बसंत कुमावत, प्रदीप सेहजाका, मनमोहन लावट, राकेश सेहजाका, पंकज अग्रवाल मौजूद थे । इससे पहले गोपाल महायज्ञ का आयोजन किया गया । इसमें 51 जोड़ों ने गोपाल महायज्ञ में आहुतियां देकर ग्राम के खुशहाली व समृद्धि की कामना की ।

लक्ष्मणगढ़| उपखंड के बलारां ग्राम में भागवत कथा का शुभारंभ सोमवार को कलश यात्रा के साथ हुआ। आयोजन समिति के नरेन्द्र सारस्वत ने बताया की समस्त ग्रामवासियों की ओर से ग्राम के श्रीरघुनाथजी के बड़े मंदिर में आयोजित भागवत कथा में व्यासपीठ से कथावाचक गोविंद किशोर महाराज ने भागवत के महात्म्य के अलावा ज्ञान,भक्ति और वैराग्य के बारे में वर्णन किया। इससे पूर्व निकाली महिलाओं द्वारा कलश यात्रा निकाली गई ।

फतेहपुर| कस्बे में पोस्ट आफिस के पास श्रीमद भागवत कथा का आयोजन बुधवार से होगा । कुलदीप पीपलवा ने बताया की बुधवार सुबह नगर अराध्य देव भगवान श्री लक्ष्मीनाथ मंदिर से कथा स्थल तक शोभायात्रा निकाली जाएगी। पं.लक्ष्मीकांत दाधीच कथावाचन करेंगे । शुक्रवार रात्रि में संगीतमय सुंदरकांड का पाठ होगा।

पं. चंद्रप्रकाश शास्त्री ने गो सेवार्थ कामधेनु सेना की राष्ट्रीय सचिव को 11 हजार रु. भेंट किए

दांतारामगढ़

लक्ष्मणगढ़