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मंत्री के आदेश के बाद भी 15 माह से अटके 9800 आवेदन

एक वर्ष पहले
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श्रम मंत्री टीकाराम जुली के आदेश के बाद कई श्रमिकों के पंजीयन को लेकर समस्याएं बनी हुई है। श्रम आयुक्त कार्यालय जयपुर में 3 जनवरी 2019 को श्रम मंत्री की बैठक के बाद प्रमुख शासन सचिव श्रम एवं नियोजन विभाग राजस्थान सरकार ने श्रमिकों के पंजीयन को लेकर आदेश दिया था।

इसमें पूर्व से विकास अधिकारी द्वारा सत्यापित हो रहे आवेदनों को श्रम विभाग द्वारा ही सत्यापित किए जाने का उल्लेख था, जिसके कारन श्रम विभाग में आवेदनों की पेंडेंसी बढ़ गई।
साथ ही कार्य के लिए लगाए जाने वाले प्रमाण पत्र में भी बदलाव कर दिया गया।

कहां कितने पेंडिंग

श्रम मंत्री की बैठक में लागू नए नियम के बाद 3 जनवरी 2019 से लेकर के 4 मार्च तक जिले में 4 हजार से अधिक पंजीकरण आवदेन और 2 सौ आवदेन योजना के,
वहीं 5 हजार 6 सौ से अधिक आवेदन नवीनीकरण करवाने के फार्म अटके पड़े हैं।

श्रम योजना के आवेदन जिले में बामनवास से 586, बौंली से 1880, चौथ का बरवाडा से 381, गंगापुर सिटी से 745, खंडार से 1240 और सवाई माधोपुर से 800 आवेदन पेंडिंग है। इसी तरह पंजीकरण के लिए बौंली से 952, बामनवास से 386, चौथ का बरवाडा से 453, गंगापुर सिटी से 893, खंडार से 674 तथा सवाई माधोपुर से 676 आवेदन पेंडिंग है। नवीनीकरण के लिए बौंली से 51, बामनवास से 14, चौथ का बरवाडा से 21, गंगापुर से 47, खंडार से 22 और सवाई माधोपुर से 40 आवेदन पेंडिंग है। इसकी वजह से श्रमिक योजना का लाभ नहीं उठा पा रहे है।

यह मिलती है छात्रवृति

विभाग में पंजीयन होने पर श्रमिक अपने बच्चों की छात्रवृत्ति का लाभ ले सकते हैं। गौरतलब है कि श्रम विभाग में छात्र-छात्राओं को सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग से अधिक छात्रवृत्ति मिलती है। विभाग द्वारा कक्षा 6 से 8 तक के छात्र को 8 हजार, छात्रा को 9 हजार, कक्षा 9 से 12 तक के छात्र को 8 हजार और छात्रा को 10 हजार रुपए, वहीं आईटीआई में छात्र को 9 हजार, छात्रा को 10 हजार, डिप्लोमा करने पर छात्र को 10 हजार, छात्रा को 12 हजार रुपए, स्नातक में छात्र को 13 हजार, छात्रा को 15 हजार, स्नातकोत्तर में छात्र को 15 हजार और छात्रा को 17 हजार रुपए की छात्रवृत्ति मिलती है, लेकिन श्रमिक कार्ड नहीं बनने से श्रमिक वंचित रह रहे हैं।

इन योजनाओं का
मिलता है लाभ


निर्माण श्रमिक शिक्षा व कौशल विकास योजना, निर्माण श्रमिक जीवन व भविष्य सुरक्षा योजना, निर्माण श्रमिक सुलभ्य आवास योजना, प्रसूति सहायता योजना, शुभशक्ति योजना, सिलिकोसिस पीड़ित हिताधिकारियों के लिए सहायता योजना, हिताधिकारी की सामान्य अथवा दुर्घटना में मृत्यु या घायल होने की दशा में सहायता योजना 2014, निर्माण श्रमिक औजार/टूलकिट सहायता योजना का लाभ श्रम विभाग द्वारा किया जाता है।

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