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मरने के बाद भी मिल रही वृद्धावस्था पेंशन

2 वर्ष पहले
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नगर संवाददाता | गंगापुर सिटी

अतिरिक्त जिला कलेक्टर पंकज कुमार ओझा ने बुधवार सुबह उपकोष कार्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया गया जिसमें न केवल अधिकारी-कर्मचारी अनुपस्थित मिले बल्कि पेंशन के मामले में जब उन्होंने छानबीन करी तो एक प्रकरण में मृतक को ही पेंशन जारी करने का मामला सामने आया।

एडीएम पंकज ओझा सुबह 9:30 बजे उप कोष कार्यालय पहुंचे। इस दौरान उप कोषाधिकारी महेन्द्र कुमार शर्मा व सहायक प्रशासनिक अधिकारी राजेन्द्र कुमार शर्मा दोनों ही सुबह 10 बजे तक अनुपस्थित मिले। जब एडीएम ने इस बारे में पूछा तो दोनों ही अधिकारी संतोषप्रद जबाव नहीं दे पाए। निरीक्षण के दौरान अभिलेखों का अवलोकन किया गया। साथ ही संबंधित कार्मिकों से सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की प्रगति के साथ उपखंड स्तर से किए जाने वाले भुगतानों के संबंध में भी जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान एक प्रकरण ऐसा भी सामने आया जिसमें मृतक को पेंशन दी जा रही थी।

एडीएम ने बताया कि राजेंद्र पुत्र बद्रीलाल निवासी ईदगाह मोड़ के पास शांति नगर वार्ड नंबर 3 की मृत्यु 17 नवंबर 2017 को ही हो चुकी जबकि मृतक को वृद्धा अवस्था के तहत पेंशन दी जा रही थी। उन्होंने बताया कि मृतक को जुलाई 2016 से पेंशन स्वीकृत हुई और वृद्धावस्था पेंशन का भुगतान जुलाई 2017 तक किया जा चुका था। इसके बाद सत्यापन के अभाव में पेंशन बंद हो गई थी लेकिन सत्यापन अधिकारी द्वारा सत्यापन किए जाने के बाद मृतक को अगस्त 2018 से पुन: पेंशन प्रारंभ कर दी गई और जुलाई 2019 तक का भुगतान मृतक के खाते में किया जा चुका है। सत्यापन अधिकारी द्वारा पुन: सत्यापन कर दिया गया है। ऐसा प्रकरण सामने आने के बाद उप कोषाधिकारी को गहनता से ऐसे प्रकरणों की जांच करने और प्रकरण में संपूर्ण वसूली करने के निर्देश एडीएम ने दिए। साथ ही निर्देशित किया कि सत्यापन अधिकारियों को इस संबंध में पत्र लिख कर इसकी गहनता से जांच करने के बाद ही पेंशनर का सत्यापन करें। साथ ही मृतक पेंशनर की छंटनी की जाए। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में इस प्रकार की गलती सामने आई तो संबंधित के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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