चिकित्सालय में चिकित्सक व चतुर्थ श्रेणी स्टाफ की कमी

Gangapur News - भास्कर न्यूज | गंगापुर सिटी सरकार की ओर से चिकित्सा क्षेत्र में नई सुविधाएं तो विकसित की जा रही हैं लेकिन स्टाफ...

Sep 14, 2019, 08:25 AM IST
भास्कर न्यूज | गंगापुर सिटी

सरकार की ओर से चिकित्सा क्षेत्र में नई सुविधाएं तो विकसित की जा रही हैं लेकिन स्टाफ की कमी रोड़ा बनी हुई है। ऐसे में सुविधाओं को कम कार्मिकों के भरोसे चलाया जा रहा है। विशेषकर चिकित्सालय में चिकित्सक, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी व फॉर्मासिस्ट की कमी बनी हुई है। चिकित्सालय प्रशासन की ओर से सरकार को मांग भेजे जाने के बाद भी चिकित्सक व नए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अस्पताल में नहीं लगाए गए हैं।

चिकित्सालय में दवा वितरण केन्द्रों के लिए चार फॉर्मासिस्ट हैं जबकि पांच फॉर्मासिस्ट की आवश्यकता है। चार फॉर्मासिस्ट में से एक के साप्ताहिक अवकाश पर जाने से एक दवा वितरण केन्द्र बंद रहता है। लोगों को दवा के लिए घंटों तक कतार में लगने को मजबूर होना पड़ता है। वहीं नवीन ब्लड बैंक में स्टाफ की कमी की महसूस की जा रही है। इसके अलावा ड्रग वेयर हाउस को भी स्टाफ नहीं मिल पा रहा है। जिससे डेढ़ साल से ड्रग वेयर हाउस बनकर तैयार है लेकिन स्टाफ के अभाव में ताला लटका हुआ है। चिकित्सा विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। जिससे सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

नेत्र रोग चिकित्सक व चर्म रोग विशेषज्ञ नहीं

सामान्य चिकित्सालय में एक ही नेत्ररोग चिकित्सक है। जबकि वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ नहीं होने से चिकित्सालय में आने वाले नेत्र रोग से पीडि़तों को बिना उपचार के लौटना पड़ रहा है। बताया जाता है कि एक नेत्र चिकित्सक छुट्टी पर चले जाने से नेत्र से पीडि़त रोगियों को बिना इलाज के लौटना पड़ रहा है। इसके बावजूद ना तो जनप्रतिनिधि ध्यान दे रहे हैं ना ही चिकित्सा विभाग। चिकित्सालय में चर्मरोग विशेषज्ञ के नहीं होने से आए दिन मरीजों को निजी चिकित्सालयों का सहारा लेने को मजबूर होना पड़ रहा है। ऐसे में उन्हें निजी चिकित्सालय में मोटी फीस चुकानी पड़ रही है। जिससे शहर सहित आसपास के मरीजों को चिकित्सा सुविधाओं का लाभ नहीं मिल रहा है।

चिकित्सालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की कमी खल रही है। नर्सिंग अधीक्षक खेमराज ने बताया कि वर्तमान में 4-5 ही चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हंै। पूर्व में 8 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सेवानिवृत हो गए हंै। प्रत्येक वार्ड में एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की आवश्यकता है। इस संबंध में चिकित्सा विभाग के उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है लेकिन अभी तक कर्मचारी नहीं लगाने से वार्डों में परेशानी होती है। वार्डों में सफाई व्यवस्था भी समय पर नहीं होने से मरीजों को परेशानी होती है। अव्यवस्थाओं का अस्पताल हो गया।

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