रमजान का दूसरा अशरा शुरू, गुनाहों से माफी की इबादत होगी

Bhaskar News Network

May 18, 2019, 08:05 AM IST

Gangapur News - भास्कर न्यूज | गंगापुर सिटी रमजान मुबारक में गुरुवार को पहला अशरा पूरा हो गया। पहले अशरे में दस रोजे तक रहमत की...

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भास्कर न्यूज | गंगापुर सिटी

रमजान मुबारक में गुरुवार को पहला अशरा पूरा हो गया। पहले अशरे में दस रोजे तक रहमत की इबादत के बाद शुक्रवार से दूसरा अशरा शुरू हो गया। इस अशरा में मगफरत यानी गुनाहों से माफी की इबादत होगी। 11 से 20वें रोजे तक मगफिरत का अशरा है। पाक रमजान में खुदा अपने बंदों के गुनाहों से माफी अता फरमाता है। 21वें रोजे से आखिरी अशरा जहन्नुम से आजादी का शुरू होगा। रमजान में रोजेदार इबादत और नेक अमल कर रहे हंै। हर दिन इफ्तार-ए-आम के आयोजन किए जा रहे हंै।

सब्र और कद्र की सीख रोजे

जामा मस्जिद के पेश इमाम मौलाना खलीक अहमद ने बताया कि माहे रमजान बारह महीनों में सबसे अधिक पाक तथा मुबारक महीना है। इसमें जो अल्लाह की इबादत करता है उनके लिए नेकी का सबाब कई गुना बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि माहे रमजान की इबादत सब्र और कद्र के हौसलों को मजबूत बनाती है। साथ ही रमजान का महीना बुराइयों से तौबा करके नेकी की राह पर चलने का संदेश देता है। भूख और प्यास को काबू करना आसान है, लेकिन हम हाथ, कान, आंख तथा जुबान से कोई गुनाह न करें यह माहे रमजान की सबसे बड़ी सीख है। साथ ही कहा कि इस माह में सिर्फ खुदा को राजी करने के लिए मन की चाहतों को छोड़ दें तो इसका बदला जन्नत में मिलता है।

इसे हमदर्दी का महीना भी कहते हैं। रोजा रखने के दौरान इंसान को गरीब की भूख, प्यास का अंदाजा हो जाता है। उन्होंने सभी लोगों से इस माह में जकात, खैरात करने के साथ जरूरतमंदों की मदद करने को कहा।

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