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तांत्रिकों ने बीमार युवती को इलाज के लिए डेढ़ महीने तक कमरे में बंद रखा, बदबू से पता चला वो मर चुकी है

कार्यालय संवाददाता | गंगापुर सिटी गंगापुर सिटी की यह घटना किसी डरावनी फिल्म से कम नहीं है। तांत्रिकों ने युवती...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 01, 2018, 02:55 AM IST

तांत्रिकों ने बीमार युवती को इलाज के लिए डेढ़ महीने तक कमरे में बंद रखा, बदबू से पता चला वो मर चुकी है
कार्यालय संवाददाता | गंगापुर सिटी

गंगापुर सिटी की यह घटना किसी डरावनी फिल्म से कम नहीं है। तांत्रिकों ने युवती (नाम : अनीता उम्र 35 साल) का इलाज करने के लिए डेढ़ महीने तक कमरे में बंद करके रखा। बदबू नहीं आए, इसलिए हर रोज अगरबत्ती जलाते और खुशबू लगाते रहे। ज्यादा बदबू आने पर अनीता की बहन मोहिनी को इस बात का पता चला। मंगलवार रात बहन ने पूरी कहानी अपने भाई श्याम सिंह को बताई तो मामले का खुलासा हुआ। श्याम सिंह ने तांत्रिकों के खिलाफ गंगापुर सिटी थाने में मामला दर्ज कराया है। गंगापुर सिटी पुलिस ने इस मकान में जाकर देखा तो युवती की लाश कमरे में पड़ी थी, उस पर कपड़े भी नहीं थे। जगह-जगह पट्टियां बंधी हुई हैंं पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। परिवार के सदस्यों से पूछताछ की। परिवार के लोगों ने बताया कि आरोपित तांत्रिक उन्हें लगातार डराते रहे और अनीता का इलाज नहीं करवाने दिया। पुलिस ने सपोटरा निवासी गजेंद्र उर्फ पप्पू शर्मा, प|ी मंजू शर्मा, धूलवास निवासी गोपाल सिंह, मथुरा निवासी बंटी उर्फ संदीप शर्मा, महुकलां निवासी नीटू पुत्र हनुमान चौधरी के खिलाफ धारा 304 व 120बी में मामला दर्ज किया है। पुलिस ने मकान को भी सीज कर दिया।

मृतका अनीता

मंजू

सड़ चुका था युवती का शव

गंगापुर सिटी. घर पर पड़ा मृतका अनीता का शव।

वजह मां-बाप को पूरी तरह अंधविश्वास में डुबो दिया,वाे किसी की नहीं सुनते थे

बंटी

1. परिवार को ऐसे फंसाया

तांत्रिकों ने मां उर्मिला देवी व पिता ताराचंद को पूरी तरह अंध विश्वास में डुबो दिया था। उन्होंने अनीता का इलाज कर उसमें देवी का प्रवेश होना बताया। गद्दी पर बैठाकर अनीता के जरिये लोगों का इलाज करने लगे। घर में लोगों की आवाजाही बढ़ गई थी।

पुलिस की गिरफ्त में तांित्रक

नीटू चौधरी

इस मकान में हुई तंत्र क्रिया, पड़ोसियों को भनक तक नहीं

गंगापुर सिटी. मृतका का मकान जहां वारदात को अंजाम दिया गया।

गाेपाल सिंह

2. बेटों को घर छोड़ना पड़ा

ताराचंद के तीनों बेटे श्याम सिंह, गजेंद्र सिंह घर में तांत्रिकों के आने से नाराज थे। उन्होंने माता-पिता को समझाने की खूब कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने। आखिर वे खुद घर छोड़कर किराये के मकाने में रहने लगे।

क्योंकि एक बेटी को अंधविश्वास के चलते मार दिया गया। तंत्र साधकों के कहने पर परिवार के लोगों ने उसका इलाज नहीं करवाया और मरने के लिए छोड़ दिया।

घर सीज, पुलिस का पहरा

3. कहते रहे अनीता जिंदा है

डेढ़ माह से अनीता कमरे में बंद थी। मकान से बदबू आ रही थी, लेकिन माता-पिता को जरा भी शक नहीं हुआ। वे तांत्रिक की बात पर विश्वास करते रहे-फिक्र मत करो अनीता जिंदा है। छोटी बेटी की बात भी नहीं मानी।

भाई ने एफआईआर में बयां की तांत्रिकों की करतूत

घर में मंदिर बनवाया, बहन को गद्दी पर बिठा लोगों का इलाज करते थे तांत्रिक

ऐसे डराया...अस्पताल ले गए तो मर जाएगी अनीता

मैं श्याम सिंह पुत्र ताराचंद उम्र 32 साल। हम तीन भाई हैं। मेरा एक भाई गोविंद परिवार के साथ नहर रोड पर किराये से रहता है। तीसरा भाई हरियाणा वल्लभगढ़ में रहता है। मेरी मां उर्मिला व पिता ताराचंद व दो बहनें अनीता व मोहिनी गंगापुर सिटी में पुश्तैनी मकान में रहते हैं। ये तांत्रिक मिलकर मेरी बहन अनीता का यह कहकर इलाज कर रहे थे कि-अनीता पर भूत का साया है।

इलाज करने के कुछ समय बाद आरोपितों ने कहा-अनीता अब ठीक हो गई है। इसमें अब देवी का प्रवेश हो गया है।

आरोपितों ने हमारे घर में एक मंदिर बनवाया। अनीता को गद्दी पर बैठाकर लोगों का इलाज करने लगे। आरोपित गजेंद्र, गोपाल, मंजू, बंटी व नीटू तांत्रिक का काम करते हैं। हमारे घर लोग इलाज कराने आते थे। यह सिलसिला 10-12 साल से चल रहा है।

14 जनवरी को मेरी बहन अनीता बीमार हो गई। जिसकाे तांत्रिकों ने उसे डॉक्टर के पास नहीं ले जाने दिया। मेरी माता को इस कदर डरा दिया था कि अगर अनीता को अस्पताल या डॉक्टर के पास ले गए तो वो मर जाएगी।

15 जनवरी को मेरी बहन अनीता बेहोश हो गई। तांत्रिकों ने अनीता को मकान की पहली मंजिल पर एक कमरे में बंद कर दिया। तांत्रिक क्रिया करते रहे। परिवार के किसी सदस्य को नहीं जाने दिया। सिर्फ मेरी मां को कमरे में ले जाते और कहते-अनीता डेढ़ माह में वापस आ जाएगी। मेरी बहन को घर से बाहर नहीं जाने देते थे।

27 फरवरी को मेरी बहन मोहिनी मौका पाकर घर से निकली और किराये के मकान में रहने वाले भाई श्याम सिंह को इस बात की जानकारी दी। उसने बताया की बड़ी दीदी (अनीता) की मौत हो चुकी है। घर से बहुत ज्यादा बदबू आ रही है। इसके बाद मैंने पुलिस को सूचना दी।

भाई-बहन पहुंचे थाने,मुख्य आरोपित फरार

1. ऐसे पकड़े गए चारों आरोपित

अनीता की बहन मोहिनी घर से भाग कर भाई श्याम सिंह को हकीकत बताने गई। दोनों भाई बहन पुलिस को लेकर घर पहुंच गए, जहां आरोपित मंजू, गोपाल सिंह, हनुमान चाैधरी व संदीप शर्मा मौजूद थे। पुलिस ने चारों को गिरफ्तार कर दिया।

2. मोहिनी को ढूंढने गया आरोपित फरार

जब मोहिनी घर से बाहर चली गई तो मुख्य आरोपित गजेंद्र उर्फ पप्पू उसे तलाशने के लिए कस्बे में चला गया। वापस लौटा तो उसने घर के बाहर पुलिस को देखा। यह देखकर वह पूरी स्थिति भांप गया और वहां से फरार हो गया।

कार्रवाई

तांत्रिकों के खिलाफ धारा 304 व 120 बी में केस दर्ज, चार गिरफ्तार

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Web Title: तांत्रिकों ने बीमार युवती को इलाज के लिए डेढ़ महीने तक कमरे में बंद रखा, बदबू से पता चला वो मर चुकी है
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